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Vastu Tips: नवजात शिशु और बच्चे के पास न रखें 5 चीजें, जीवन पर आ सकते हैं संकट

Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में नवजात शिशुओं और बच्चों के लालन-पालन के लिए कई व्यावहारिक सुझाव दिए गए हैं। इन वास्तु टिप्स को अपनाने से बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर पॉजिटिव असर होता है। इस शास्त्र के अनुसार, घर या नर्सरी में नवजात शिशु और बच्चे के पास 5 चीजें नहीं रखनी चाहिए। आइए जानते हैं, क्या हैं ये चीजें और क्यों नहीं रखनी चाहिए?

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Vastu Tips: घर में नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों को रखने की जगह और नर्सरी को सुंदर और आकर्षक बनाने के साथ वास्तु का भी ध्यान रखना चाहिए। वास्तु शास्त्र में बच्चों के रखरखाव के कई व्यावहारिक सुझाव दिए गए हैं, जिनसे उनके विकास पर सकारात्मक असर होता है। इस शास्त्र के अनुसार, नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों के पास कुछ चीजें नहीं रखनी चाहिए, इससे अपशकुन होता है और उनके जीवन पर संकट भी आ सकता है।

टूटे हुए खिलौने

बच्चों को खिलौने बहुत पसंद होते हैं और ये अक्सर टूट भी जाते हैं। टूटे हुए खिलौने को को बच्चों के पास नहीं रहने देना चाहिए, क्योंकि टूटे हुए खिलौने नेगेटिव एनर्जी फैलाते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, यह बच्चों के सेहत के लिए अच्छा नहीं माना गया है।

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आईना

घर में आईना होना एक आम बात है, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार, ये बच्चे की नर्सरी के लिए उपयुक्त नहीं हैं। आईना बच्चों की छवि और ऊर्जा को प्रतिबिंबित करते हैं। बच्चों को अपनी छवि का प्रतिबिंब के बार-बार देखने से यह उनकी नींद के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।

कांटेदार पौधे

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में कांटेदार पौधे नहीं रखने चाहिए, क्योंकि ये नेगेटिव एनर्जी के स्रोत हैं। बच्चों के पास तो ये भूल कर भी नहीं होने चाहिए। एक तो नुकीले पत्ते या कांटों से उन्हें चोट पहुंच सकती है, दूसरा, नेगेटिव एनर्जी उनके शारीरिक और मानसिक विकास में बाधा बन सकती है।

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नकारात्मक आर्टवर्क

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर और नर्सरी दोनों जगहों पर हिंसक या बुरे विषयों को दर्शाने वाले नकारात्मक आर्टवर्क नहीं रखने चाहिए। यह माहौल को अशांत बनाता है, जो बच्चों के लिए सही नहीं है।

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भारी फर्नीचर

बच्चों के खेलने की जगह पर भारी फर्नीचर ऊर्जा के मुक्त प्रवाह में बाधा डाल सकते हैं, जिससे शिशु असहज महसूस कर सकता है। इसलिए बहुत अधिक भारी सामान या फर्नीचर घर में बच्चों के खेलने की जगह पर या नर्सरी में नहीं होनी चाहिए।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।

First published on: May 12, 2024 05:18 PM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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