---विज्ञापन---

Religion

Masik Shivratri 2026: आज है साल 2026 की पहली मासिक शिवरात्रि, जानें महत्व, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Masik Shivratri 2026: मासिक शिवरात्रि भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा पाने का शक्तिशाली साधन है, जो कि आज शुक्रवार 16 जनवरी, 2026 मनाई जाएगी. आइए जानते हैं, हिन्दू धर्म में आइए जानते हैं, इसका महत्व क्या है और आज शिव-पार्वती की पूजा का शुभ मुहूर्त कितने बजे है?

Author Written By: Shyamnandan Updated: Jan 16, 2026 02:25
masik-shivratri-2026

Masik Shivratri 2026: आज शुक्रवार 16 जनवरी, 2026 को साल की पहली मासिक शिवरात्रि मनाई जाएगी. यह पर्व हर महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को आता है और भगवान शिव तथा माता पार्वती को समर्पित होता है. शिव भक्त इस दिन व्रत रखकर अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त करने की कामना करते हैं. आइए जानते हैं, इसका महत्व क्या है और आज शिव-पार्वती की पूजा का शुभ मुहूर्त कितने बजे है?

मासिक शिवरात्रि का महत्व

मासिक शिवरात्रि को विशेष रूप से मानसिक शांति और घर में खुशहाली लाने के लिए माना जाता है. कुंवारी कन्याएं इस दिन व्रत रखकर मनचाहा पति पाने की प्रार्थना करती हैं. विवाहित महिलाएं अखंड सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करती हैं.

---विज्ञापन---

इस व्रत से न केवल पारिवारिक कलह कम होती है, बल्कि आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं. साथ ही, लंबी आयु, संतान सुख और आध्यात्मिक उन्नति भी मिलती है. कहा जाता है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा जल्दी मिलती है.

पूजा का समय

आज माघ मास की कृष्ण चतुर्दशी को इस साल की पहली शिवरात्रि मनाई जा रही है. इस वर्ष माघ कृष्ण चतुर्दशी तिथि का आरंभ आज रात 10:21 PM बजे से हो रहा है और समाप्ति 18 जनवरी को 12:03 AM बजे होगी. मासिक शिवरात्रि का सबसे शुभ समय मध्य रात्रि के निशिता काल माना जाता है.

---विज्ञापन---

निशिता काल: 12:04 से 12:58 बजे तक (17 जनवरी, 2026)

इस प्रकार पूजा के लिए निशिता मुहू्र्त 54 मिनट के लिए प्राप्त हो रहा है. इस समय पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होते हैं. यह भी मान्यता है कि इसी समय भगवान शिव और मां पार्वती का विवाह हुआ था.

यह भी पढ़ें: Numerology Personality Traits: इस मूलांक वालों के लिए दौलत से ज्यादा कीमती है जानकारी, होते हैं अच्छे लवर

मासिक शिवरात्रि पूजा विधि

सुबह जल्दी उठें और स्वच्छ पानी से स्नान करें. साफ कपड़े पहनें. अपने मन में व्रत करने का संकल्प लें.
शाम को या शाम के बाद घर के मंदिर में दीपक जलाएं. सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करें.
शिवलिंग को शुद्ध जल, दूध, दही, घी और शहद से अभिषेक करें. इस दिन पंचामृत से स्नान देने का विशेष महत्व है.
शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, सफेद फूल, भांग, चंदन और हल्का इत्र चढ़ाएं.
भगवान शिव को खीर, ठंडाई, मौसमी फल या दूध से बनी किसी मीठी चीज का भोग लगाएं.
‘ॐ नमः शिवाय’ या शिव पंचाक्षर मंत्र का जाप करें. कोशिश करें कि 108 बार जाप करें.
शिव चालीसा, शिव पुराण या मासिक शिवरात्रि व्रत कथा का पाठ करें.
धूप और दीप जलाकर भोलेनाथ की आरती करें.
भगवान से अपने दोष क्षमा करने की प्रार्थना करें और मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना करें.
अगले दिन ब्राह्मणों को भोजन कराकर व्रत पारण करें.

व्रत के लाभ

मासिक शिवरात्रि रखने से मानसिक शांति मिलती है. तनाव और चिंता कम होती है. आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं और दरिद्रता समाप्त होती है. पारिवारिक कलह कम होकर घर में सुख और समृद्धि आती है. स्वास्थ्य बेहतर होता है और जीवन में सफलता मिलती है.

यह भी पढ़ें: Neem Karoli Baba: जब भी मन में कोई उलझन, बस याद करें नीम करोली बाबा की ये 5 बातें, दूर होगा हर कन्फ्यूजन

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है।News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

First published on: Jan 16, 2026 02:25 AM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.