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Evening Bad Habits: शाम के बाद भूल से भी न करें ये 4 काम, घेर लेगी बीमारी, हो सकते हैं कंगाल

Evening Bad Habits: हिन्दू धर्म ग्रंथों और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शाम का समय देवी लक्ष्मी और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ा होता है. इस समय की गई कुछ गलत आदतें बीमारी और आर्थिक तंगी का कारण बन सकती हैं. जानिए आखिर ऐसे कौन-से 4 काम हैं जो शाम के बाद नहीं करने चाहिए, ताकि जीवन में परेशानियां न आए?

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Evening Bad Habits: ज्योतिष और धर्म शास्त्र में दिन के अलग अलग समय का खास महत्व बताया गया है. शाम का समय देवी लक्ष्मी और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ा माना जाता है. इस समय की गई छोटी सी भूल भी जीवन पर बुरा प्रभाव डाल सकती है. इसी कारण कुछ कार्य शाम के बाद वर्जित बताए गए है. आइए जानते हैं, दिन छिपने के बाद कौन-से 4 काम नहीं करने चाहिए, वरना न केवल बीमारी बल्कि आर्थिक संकट से जूझना पड़ सकता है?

शाम में सोने की आदत

धर्म ग्रंथ के अनुसार सूर्य अस्त होने के बाद सो जाना उचित आदत नही मानी जाती. ऐसा करने से शरीर सुस्त रहता है और रोग जल्दी पास आते है. बुजुर्ग मानते है कि शाम में सोने से काम करने की इच्छा घटती है और मन आलसी बनता है. बेहतर यही रहता है कि इस समय हल्की पूजा, दीपक जलाना या परिवार के साथ समय बिताया जाए.

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मुख्य द्वार खुला रखना

शाम के समय घर का मुख्य द्वार खुला रखना शुभ संकेत माना गया है. मान्यता के अनुसार इसी समय देवी लक्ष्मी घर में प्रवेश करती है. बंद दरवाजा सकारात्मक ऊर्जा को रोक सकता है. यदि सुरक्षा कारण से दरवाजा बंद करना पड़े तो दीपक जलाकर द्वार के पास साफ सफाई रखना लाभदायक माना जाता है.

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दहलीज पर बैठने की भूल

घर की दहलीज को सम्मान का स्थान कहा गया है. शाम के समय दहलीज पर बैठना या सामान रखना अशुभ संकेत माना जाता है. शास्त्र अनुसार इससे धन का प्रवाह रुकता है. दहलीज को हमेशा स्वच्छ और खाली रखना घर में सुख समृद्धि बनाए रखने का सरल उपाय माना जाता है.

शाम में स्नान करने की मान्यता

ज्योतिष शास्त्र में शाम के समय स्नान को भी अनुचित बताया गया है. ऐसा माना जाता है कि इस समय स्नान करने से शरीर की प्राकृतिक ऊर्जा कमजोर पड़ती है. यदि किसी कारण स्नान करना पड़े तो इसके बाद पूजा पाठ या तिलक लगाने से बचाव करने की सलाह दी जाती है.

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ये बातें भी रखें याद

शाम के समय घर में अंधेरा न रहने दे. सूर्य ढलते ही दीपक या बल्ब जलाना सकारात्मक वातावरण बनाता है. इस समय झाड़ू लगाना या कचरा बाहर फेंकना भी उचित नही माना जाता. तुलसी के पास दीपक जलाना और शांत संगीत सुनना मन को स्थिर रखता है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है।News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

First published on: Dec 30, 2025 09:01 PM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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