आज छोटी दिवाली के मौके पर अयोध्या में सरयू तट दीपों और लेजर लाइट शो की रोशनी से जगमगाया. रामनगरी अयोध्या के सरयू तट की राम की पैड़ी पर 26,17,215 तेल के दीपक जलाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बना. इस दीपोत्सव समारोह के दौरान बने रिकॉर्ड्स के प्रमाण पत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्राप्त किए.
Choti Diwali 2025 Shubh Muhurat, Puja Vidhi: धनतेरस से दिवाली के 5 दिवसीय पर्व की शुरुआत हो गई है. पंचांग के अनुसार, हर साल कार्तिक महीने की कृष्ण पक्ष अमावस्या को दिवाली का पर्व मनाया जाता है, जबकि इससे एक दिन पहले कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को छोटी दिवाली मनाई जाती है. देश के कई राज्यों में छोटी दिवाली को काली चौदस, नरक चतुर्दशी, भूत चतुर्दशी और रूप चौदस के नाम से भी जाना जाता है. इस बार आज 18 अक्टूबर 2025, वार रविवार को छोटी दिवाली का पर्व मनाया जा रहा है. आज के दिन भगवान गणेश, मां लक्ष्मी, हनुमान जी और मृत्यु के देवता यमराज की पूजा की जाती है. साथ ही घर में शाम के समय दीपक जलाना शुभ होता है. इससे न सिर्फ घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, बल्कि अकाल मृत्यु के भय से भी मुक्ति मिलती है. हालांकि, कुछ लोग छोटी दिवाली पर पूजा करने के बाद पटाखें भी फोड़ते हैं.
छोटी दिवाली की पूजा के शुभ मुहूर्त, पूजन विधि, मंत्र, आरती, उपायों, राशिफल और अन्य जानकारी के लिए बने रहें News24 के साथ….
#watch अयोध्या, उत्तर प्रदेश: अयोध्या दीपोत्सव 2025 के अवसर पर पटाखों की रोशनी से जगमगा रहा है।(सोर्स: ANI/उत्तर प्रदेश सरकार) pic.twitter.com/Z1nWoouVkx
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अयोध्या में सबसे ज़्यादा लोगों द्वारा 'दीये' जलाकर गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बना है. इस दीपोत्सव समारोह के दौरान बने रिकॉर्ड्स के प्रमाण पत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्राप्त किए. इस दिवाली 26,17,215 तेल के दीयों की सबसे बड़ी प्रदर्शनी आयोजित की गई.
#watch अयोध्या, उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में दीपोत्सव समारोह के दौरान बनाए गए दो नए गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रमाण पत्र प्राप्त किए।एक साथ सबसे ज़्यादा लोगों द्वारा 'दीये' जलाकर गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया। साथ ही, अयोध्या ज़िला प्रशासन, पर्यटन… pic.twitter.com/Q4sBMqA4YR
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रामनगरी अयोध्या में सरयू नदी के तट पर राम की पैड़ी पर लेजर और लाइट शो चल रहा है. राम की पैड़ी दीपों और रंग-बिरंगी रोशनियों से जगमगा रही है.
#watch अयोध्या, उत्तर प्रदेश: अयोध्या में सरयू नदी के तट पर राम की पैड़ी पर लेज़र और लाइट शो चल रहा है। दीपों और रंग-बिरंगी रोशनियों से जगमगाते घाट के साथ, यहां दीपोत्सव मनाया जा रहा है।(सोर्स: ANI/उत्तर प्रदेश सरकार) pic.twitter.com/Qm3eK3vwQG
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#watch | अयोध्या, उत्तर प्रदेश: अयोध्या में दीपोत्सव 2025 के दौरान राम की पैड़ी पर लेज़र और लाइट शो प्रदर्शित किया गया। #deepotsav2025 pic.twitter.com/mErxmVZe9n
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#watch | अयोध्या, उत्तर प्रदेश: अयोध्या में सरयू नदी के तट पर राम की पैड़ी पर #deepotsav2025 के लिए दीप प्रज्वलित किए जा रहे हैं।(सोर्स: ANI/उत्तर प्रदेश सरकार) pic.twitter.com/4twFhSR5qf
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अयोध्या में दीपोत्सव की भव्य तैयारियां हो चुकी हैं. अब सरयू तट पर दीपक जलाने का भव्य सिलसिला शुरू हो चुका है. राम की पैड़ी पर लाखों दीपक प्रज्ज्वलित हो रहे हैं. राम की पैड़ी पर दीपोत्सव के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए हैं.
आरती कुंजबिहारी की,श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की,श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला
श्रवण में कुण्डल झलकाला,नंद के आनंद नंदलाला
गगन सम अंग कांति काली, राधिका चमक रही आली
लतन में ठाढ़े बनमाली भ्रमर सी अलक, कस्तूरी तिलक
चंद्र सी झलक, ललित छवि श्यामा प्यारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की, आरती कुंजबिहारी की…॥
कनकमय मोर मुकुट बिलसै, देवता दरसन को तरसैं।
गगन सों सुमन रासि बरसै, बजे मुरचंग, मधुर मिरदंग ग्वालिन संग।
अतुल रति गोप कुमारी की, श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की,श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
जहां ते प्रकट भई गंगा, सकल मन हारिणि श्री गंगा।
स्मरन ते होत मोह भंगा, बसी शिव सीस।
जटा के बीच,हरै अघ कीच, चरन छवि श्रीबनवारी की
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥ ॥ आरती कुंजबिहारी की…॥
चमकती उज्ज्वल तट रेनू, बज रही वृंदावन बेनू
चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनू
हंसत मृदु मंद, चांदनी चंद, कटत भव फंद।
टेर सुन दीन दुखारी की
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की॥ आरती कुंजबिहारी की…॥
आरती कुंजबिहारी की,श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
छोटी दिवाली पर यानी कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर नामक राक्षस का वध किया था. नरकासुर ने 16,000 महिलाओं को बंदी बनाया हुआ था जिन्हें भगवान श्रीकृष्ण ने कैद से छुड़ाया था. इस दिन को नरक चतुर्दशी और बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के तौर पर मनाया जाता है और भगवान कृष्ण की पूजा होती है.
आज 19 अक्टूबर की शाम 05 बजकर 50 मिनट से लेकर शाम 07 बजकर 02 मिनट तक यम का दीपक जलाया जाएगा. यम का दीपक लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए दीपक जलाया जाता है. यम का दीपक जलाने का शुभ मुहूर्त करीब एक घंटे ही रहेगा. आप इस समय में यम का दीपक अवश्य जलाएं.
#watch अयोध्या, उत्तर प्रदेश | कल दिवाली से पहले श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दिवाली मनाने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। pic.twitter.com/YHI1c0YtxB
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#watch अयोध्या में दीपोत्सव 2025 से पहले 'सांस्कृतिक शोभा यात्रा' निकाली जा रही है। pic.twitter.com/38z15RyLdO
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आज छोटी दिवाली के शुभ दिन वैधृति योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग बन रहा है, जिसका शुभ प्रभाव वृषभ राशि, कर्क राशि और कुंभ राशि के जातकों के ऊपर पड़ रहा है.
पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार नरकासुर नामक राक्षस ने देवलोक पर कबजा कर लिया था. साथ ही पृथ्वी पर निवास करने वाली करीब 16000 कन्याओं का हरण किया था. नरकासुर से परेशान होकर देवराज इंद्र कृष्ण जी के पास सहायता लेने के लिए आए और उन्हें.... यदि आप इसके आगे की कथा के बारे में जानना चाहते हैं तो उसके लिए नीचे दिए हुए लिंक पर क्लिक करें.
बीते दिन 18 अक्टूबर 2025 को गुरु यानी देवगुरु बृहस्पति ग्रह ने कर्क राशि में गोचर किया है, जिसका शुभ प्रभाव आज और आने वाले कई दिनों तक मेष राशि, कर्क राशि, कन्या राशि और तुला राशि के लोगों पर पड़ेगा.
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Choti Diwali 2025 Rashifal: आज दिवाली से शुरू हुए 4 राशियों के अच्छे दिन, गुरु ने किया कर्क में गोचर

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छोटी दिवाली के शुभ दिन घर के मुख्य द्वार के पास दक्षिण दिशा की ओर यम का दीपक जलाना चाहिए. इससे न सिर्फ यमराज प्रसन्न होते हैं, बल्कि घरवालों को भय से भी मुक्त करते हैं.
आरती कीजै हनुमान लला की।
दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।।
जाके बल से गिरिवर कांपे।
रोग दोष जाके निकट न झांके।।अंजनि पुत्र महाबलदायी।
संतान के प्रभु सदा सहाई।।
दे बीरा रघुनाथ पठाए।
लंका जारी सिया सुध लाए।।
लंका सो कोट समुद्र सी खाई।
जात पवनसुत बार न लाई।।
लंका जारी असुर संहारे।
सियारामजी के काज संवारे।।
लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे।
आणि संजीवन प्राण उबारे।।
पैठी पताल तोरि जमकारे।
अहिरावण की भुजा उखाड़े।।
बाएं भुजा असुर दल मारे।
दाहिने भुजा संतजन तारे।।
सुर-नर-मुनि जन आरती उतारे।
जै जै जै हनुमान उचारे।।
कंचन थार कपूर लौ छाई।
आरती करत अंजना माई।।
लंकविध्वंस कीन्ह रघुराई।
तुलसीदास प्रभु कीरति गाई।।
जो हनुमानजी की आरती गावै।
बसी बैकुंठ परमपद पावै।।
ओम जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
तुमको निशिदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता॥
ओम जय लक्ष्मी माता॥
उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता।
मैया तुम ही जग-माता।।
सूर्य-चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥
ओम जय लक्ष्मी माता॥
दुर्गा रुप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता।
मैया सुख सम्पत्ति दाता॥
जो कोई तुमको ध्याता, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥
ओम जय लक्ष्मी माता॥
तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता।
मैया तुम ही शुभदाता॥
कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, भवनिधि की त्राता॥
ओम जय लक्ष्मी माता॥
जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता।
मैया सब सद्गुण आता॥
सब सम्भव हो जाता, मन नहीं घबराता॥
ओम जय लक्ष्मी माता॥
तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता।
मैया वस्त्र न कोई पाता॥
खान-पान का वैभव, सब तुमसे आता॥
ओम जय लक्ष्मी माता॥
शुभ-गुण मंदिर सुंदर, क्षीरोदधि-जाता।
मैया क्षीरोदधि-जाता॥
रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता॥
ओम जय लक्ष्मी माता॥
महालक्ष्मीजी की आरती, जो कोई जन गाता।
मैया जो कोई जन गाता॥
उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता॥
ओम जय लक्ष्मी माता॥
ऊं जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
तुमको निशदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता। ऊं जय लक्ष्मी माता।।
दोहा
महालक्ष्मी नमस्तुभ्यम्, नमस्तुभ्यम् सुरेश्वरि।
हरिप्रिये नमस्तुभ्यम्, नमस्तुभ्यम् दयानिधे।।
पद्मालये नमस्तुभ्यं नमस्तुभ्यं च सर्वदे।
सर्व भूत हितार्थाय, वसु सृष्टिं सदा कुरुं।।
सब बोलो लक्ष्मी माता की जय, लक्ष्मी नारायण की जय।।
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी।माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा।लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया।बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
‘सूर’ श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी।कामना को पूर्ण करो, जाऊं बलिहारी॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
भगवान गणेश की जय, पार्वती के लल्ला की जय….
अभ्यंगं कुर्वे प्रात: नरकप्राप्तये सदा।
दामोदरप्रीतये च स्नानं में भवतु सिद्धिदम्।।
ॐ गं गणपतये नमः
ॐ महालक्ष्म्यै नमः
ॐ हं हनुमते नमः
मृत्युना पाशदण्डाभ्यां कालेन श्यामया सह।
त्रयोदशी दीपदानात् सूर्यजः प्रीयतां मम।।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.










