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Bhagavad Gita: गीता के इन श्लोकों को अपनाने से बदल सकता है जीवन, अर्थ सहित जानिए सभी श्लोक

Bhagavad Gita: भगवद गीता में कई शिक्षाएं मिलती है. भगवद गीता के विचारों के अनुसार, जीवन जीने से आपका समय बदल सकता है. आपको जीवन में भगवद गीता के यहां बताए चार श्लोक को जरूर अपनाना चाहिए.

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भगवद गीता के श्लोक (Photo Credit- AI)

Bhagavad Gita Shloka: हिंदू धर्म के पवित्र महान ग्रंथ श्रीमद्भगवद्गीता में कुरुक्षेत्र के युद्ध और भगवान श्री कृष्ण और अर्जुन के बीच हुए संवाद का जिक्र है. गीता के श्लोक जीवन को मार्गदर्शन कराने वाले हैं. गीता में कई ऐसे श्लोक हैं, जिन्हें अपनाने से जीवन बदल सकता है. आपको भगवद गीता के इन श्लोकों को अपने जीवन में उतारना चाहिए. इनके जरिए जीवन, कर्तव्य, धर्म और कर्म से जुड़ी शिक्षा मिलती है. आइये गीता के इन श्लोकों के बारे में जानते हैं.

कर्मण्य-एवाधिकार ते मा फलेषु कदाचन |
मा कर्म-फल-हेतुर भूर मा ते सङ्गोऽस्तवकर्मणि ||

अक्सर आपने सुना होगा कि, व्यक्ति को फल की चिंता किए बिना कर्म करना चाहिए. यह श्लोक इसी के लिए है. इस श्लोक के अनुसार, आपका अधिकार काम करने में है, उसके फल में नहीं. व्यक्ति कर्म के फल की चिंता न करें और निष्काम भाव से कर्म करे.

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भोक्तारं यज्ञतपसां सर्वलोकमहेश्वरम्।
सुहृदं सर्वभूतानां ज्ञात्वा मां शांतिमृच्छति ॥

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इस श्लोक के अनुसार, ऐसा व्यक्ति जो यज्ञों और तपस्याओं को भोगता है. लोकों का स्वामी और सभी प्राणियों का मित्र बनता है. उसे जीवन में परम शांति और दुखों से मुक्ति मिलती है. व्यक्ति को जीवन में सभी प्राणियों से सदभाव रखना चाहिए. किसो की नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए.

उद्धरेदात्मनाऽऽत्मानं नात्मानमवसादयेत्।
आत्मैव ह्यात्मनो बन्धुरात्मैव रिपुरात्मनः।।

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भगवद गीता के इस श्लोक का अर्थ है कि, व्यक्ति को खुद अपना उद्धार करना चाहिए. खुद को कभी नीचे नहीं गिरने देना चाहिए. इसका अर्थ है कि, खूब मेहनत के साथ जीवन में आगे बढ़ना चाहिए. व्यक्ति स्वयं ही अपना मित्र और शत्रु होता है. अगर मन नियंत्रण में है, तो वह खुद का मित्र है. मन अनियंत्रित होने पर व्यक्ति खुद का शत्रु होता है.

विहाय कामाण्यः सर्वान्पुमंशचरति निष्स्पृहः।
निर्ममो निरहंकार स शांतिमधिगच्छति ॥

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इस श्लोक के अनुसार, जो मनुष्य कामनाओं यानी इच्छाओं, लालच और घमंड को त्याग देता है. वह परम शांति को प्राप्त कर लेता है. व्यक्ति को जीवन में सुखी रहने और सकारात्मक बदलाव के लिए इस श्लोक को अपनाना चाहिए.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Aman Maheshwari

अमन माहेश्वरी न्यूज 24 में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह खबरों को समझकर पाठकों तक आसान शब्दों में पहुंचाने का काम बखूबी करते हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के डॉ भीमराव अंबेडकर कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन (BJMC) किया है. इसके बाद उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन (MJMC) किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. सबसे पहले जी मीडिया डीएनए हिंदी के साथ जुड़े. पिछले 5 साल से अमन डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं. डीएनए हिंदी में बतौर ट्रेनी जर्नलिस्ट ज्वाइन किया. इसके बाद सब एडिटर के पद पर काम किया. वर्तमान में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अमन ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण और प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान धार्मिक खबरों को बखूबी कवर किया. धर्म और ज्योतिष - अमन धर्म-ज्योतिष सेक्शन के लिए लिखने के दौरान अंक ज्योतिष, वास्तु, ग्रह गोचर, व्रत-त्योहार से जुड़े विषयों पर लेख तैयार करते हैं. देवी-देवता और उनसे जुड़ी पौराणिक कथाओं, मंदिर, तीर्थ, धार्मिक स्थल और धार्मिक परंपराएं से जुड़े लेख लिखते हैं. इसके साथ ही धार्मिक यात्राओं से जुड़े उपयोगी लेख अमन तैयार करते हैं. Email - aman@bagconvergence.in X Account - MrAman0501
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