Dev Uthani Ekadashi Date: भगवान विष्णु चार महीने के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं. उनका यह निद्रा योग आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी से लेकर कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तक होता है. इन चार महीनों को चातुर्मास कहते हैं. यह देवशयनी एकादशी से लेकर देव उठनी एकादशी तक होता है. देव उठनी एकादशी नवंबर महीने में आने वाली है. आप यहां देव उठनी एकादशी की सही तारीख के बारे में जान सकते हैं.
कब है देव उठनी एकादश?
देव उठनी एकादशी कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है. द्रिक पंचांग के अनुसार, इस तिथि का आरंभ 20 नवंबर की सुबह 7 बजकर 5 मिनट पर हो रहा है. इसका समापन अगले दिन 21 नवंबर को सुबह 6 बजकर 31 मिनट पर होगा. अगले दिन का सूर्योदय होने से पहले तिथि का समापन हो रहा है. एकादशी तिथि 20 नवंबर को पूरे दिन रहेगी. द्रिक पंचांग के अनुसार, 20 नवंबर को एकादशी व्रत करना उचित होगा.
देव उठनी एकादशी का महत्व
देव उठनी एकादशी व्रत को देवुत्थान एकादशी और प्रबोधिनी एकादशी के नाम से भी जानते हैं. इस दिन भगवान विष्णु योग निद्रा से बाहर आते हैं. इस कारण से इसका बेहद खास महत्व है. देव उठनी एकादशी पर तुलसी विवाह की परंपरा है. एकादशी के दिन पूजा-अर्चना कर मंत्रोच्चार, शंखनाद और घंटियों की ध्वनि के साथ श्रीहरि को जगाते हैं. इसे ही देव प्रवोधन कहते हैं. इसी वजह से इसका एक नाम प्रबोधिनी एकादशी है.
देव उठनी एकादशी के उपाय
एकादशी के दिन सुबह स्नान कर श्रीहरि विष्णु का ध्यान कर व्रत का संकल्प लें. विष्णु भगवान की प्रतिमा का पंचामृत से अभिषेक करें. एकादशी के दिन श्रीमद् भागवत कथा का पाठ करें. पीपल के पेड़ के नीचे घी का दीपक जलाएं. ऐसा करने से मां लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलेगा. घर-परिवार से दुख और दरिद्रता को दूर करने के लिए आपको इन सभी उपायों को करना चाहिए. एकादशी के दिन गरीबों और जरूरतमंद लोगों की मदद करें.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यातों पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.