बद्रीनाथ यात्रा से पहले 'राक्षस' को लगता है 40 किलो चावल और गुड़ का महाभोग, जानिए इस मान्यता का सच

Chardham Yatra 2026: चारधाम यात्रा के दो धामों गंगोत्री और यमुनोत्री का यात्रा 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन से हो चुकी है. अब केदारनाथ और बद्रीनाथ के कपाट खोले जाएंगे. बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले वीर तिमुंडिया मेले में राक्षस को महाभोग लगाया जाता है. चलिए इस मान्यता के बारे में जानते हैं.

Chardham Yatra

Photo Credit- Social Media

Chardham Yatra 2026: चारधाम यात्रा के लिए गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट 19 अप्रैल को खोल दिये गए हैं. अब 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खोले जाएंगे. इसके बाद 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के बाद चारधाम यात्रा पुरी तरह आरंभ हो जाएगी. बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले जोशीमठ के प्रसिद्ध नृसिंह मंदिर में वीर तिमुंडिया मेला लगता है. इस बार इस मेले का आयोजन किया गया. इस मेले में हजारों की संख्या में लोग पहुंचे. इस मेले में पंरपरा के अनुसार, वीर तिमुंडिया के अवतारी पुरुषों को महाभोग लगाया जाता है.

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40 किलो कच्चा चावल, 10 किलो गुड़, मांस का भोग

यह भोग तिमुंडिया (तीन सिर वाले) शक्तिशाली राक्षस को लगाया जाता है. इस भोग को वीर तिमुंडिया के अवतारी पुरुषों को लगाया गया. इन्हें 40 किलो कच्चा चावल, 10 किलो गुड़, मांस का भोग लगाया गया. इन्हेंने जनता के बीच इस भोग को ग्रहण किया. बद्रीनाथ धाम की यात्रा शुरू होने से पहले इस परंपरा को निभाया जाता है. इसको लेकर क्या मान्यता है चलिए इसके बारे में जानते हैं.

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क्यों लगता है राक्षस को महाभोग

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, एक तिमुंडिया नाम का तीन सिर वाला राक्षस बद्रीनाथ यात्रा के लिए जाने वाले यात्रियों को परेशान करता था. यात्रा को सुगम करने और राक्षस से रक्षा के लिए मां दुर्गा ने संकल्प लिया. तिमुंडिया राक्षस ने मां दु्र्गा की शरण ले ली और क्षमा मांगी. मां ने उसे जीवनदान दिया और राक्षस को यात्रा का रक्षक और द्वारपाल बनाया. तब से वीर तिमुंडिया को बद्रीनाथ धाम का रक्षक और द्वारपाल माना जाता है.

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हर साल यात्रा शुरू होने से पहले राक्षस को भोग लगाया जाता है. ऐसी मान्यता है कि, भोग नहीं लगाया जाए तो बद्रीनाथ की यात्रा सुरक्षित नहीं मानी जाती है. पंरपराओं के अनुसार, वीर तिमुंडिया को 40 किलो चावल, 10 किलो गुड़ और पशु की बलि देकर मांस का भोग लगाया जाता है. इसके बाद कई घड़े का पानी का भोग लगाते हैं.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Aman Maheshwari

Aman Maheshwari

अमन माहेश्वरी न्यूज 24 में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह खबरों को समझकर पाठकों तक आसान शब्दों में पहुंचाने का काम बखूबी करते हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के डॉ भीमराव अंबेडकर कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन (BJMC) किया है. इसके बाद उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन (MJMC) किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. सबसे पहले जी मीडिया डीएनए हिंदी के साथ जुड़े. पिछले 5 साल से अमन डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं. डीएनए हिंदी में बतौर ट्रेनी जर्नलिस्ट ज्वाइन किया. इसके बाद सब एडिटर के पद पर काम किया. वर्तमान में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अमन ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण और प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान धार्मिक खबरों को बखूबी कवर किया. धर्म और ज्योतिष - अमन धर्म-ज्योतिष सेक्शन के लिए लिखने के दौरान अंक ज्योतिष, वास्तु, ग्रह गोचर, व्रत-त्योहार से जुड़े विषयों पर लेख तैयार करते हैं. देवी-देवता और उनसे जुड़ी पौराणिक कथाओं, मंदिर, तीर्थ, धार्मिक स्थल और धार्मिक परंपराएं से जुड़े लेख लिखते हैं. इसके साथ ही धार्मिक यात्राओं से जुड़े उपयोगी लेख अमन तैयार करते हैं. Email - aman@bagconvergence.in X Account - MrAman0501
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