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हिन्दू नववर्ष पर हल्दी के स्वस्तिक से करें धन को आकर्षित, जानें इसके अद्भुत लाभ!

स्वस्तिक का चिह्न हिंदू धर्म में शुभता, समृद्धि और सुख-शांति का प्रतीक है। हिन्दू नववर्ष के दिन हल्दी से स्वस्तिक बनाना विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है। आइए जानते हैं कि इस दिन पीले रंग एक स्वस्तिक बनाने से क्या-क्या लाभ होते हैं?

Author Edited By : Shyam Nandan Updated: Mar 22, 2025 18:15
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हिंदू धर्म में धार्मिक चिह्नों का बहुत महत्व है। इनमें से एक सबसे महत्वपूर्ण चिह्न है स्वस्तिक, जो शुभता का एक श्रेष्ठ प्रतीक माना जाता है। यही कारण है कि इसे विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों और अवसरों पर जरूर बनाया जाता है। हिंदू नववर्ष की शुरुआत इस साल 30 मार्च 2025 से हो रही है और साथ ही चैत्र नवरात्रि का भी आरंभ होगा। यह समय स्वस्तिक के चिह्न को बनाने के लिए बेहद शुभ माना गया है। माना जाता है कि इस दिन स्वस्तिक के निर्माण से पूरे साल घर में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है।

हल्दी से बने स्वस्तिक का महत्व

हिन्दू नववर्ष के दिन स्वस्तिक का चिह्न पीले रंग खासकर हल्दी से बनाना शुभ माना जाता है। हल्दी, जो कि एक पवित्र और आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण वस्तु है, उसे स्वस्तिक के निर्माण में उपयोग करना विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है। हल्दी को मां लक्ष्मी की कृपा का प्रतीक माना जाता है और इसे घर में शुभता और समृद्धि लाने के लिए प्रयोग किया जाता है।

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घर में स्वस्तिक क्यों बनाएं?

बरसती है मां लक्ष्मी की कृपा: हल्दी से बने स्वस्तिक के बारे में मान्यता है कि यह धन की देवी, मां लक्ष्मी की कृपा को आकर्षित करता है। यदि आप घर के मुख्य द्वार या मंदिर में हल्दी से स्वस्तिक बनाते हैं, तो आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह उपाय खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो आर्थिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं। हल्दी से स्वस्तिक बनाने से घर में समृद्धि आती है और एक सकारात्मक वातावरण का निर्माण होता है।

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बीमारियों और तनाव से मुक्ति: अगर घर में कोई बीमारियों का सामना कर रहा है या मानसिक तनाव से जूझ रहा है, तो हल्दी से बने स्वस्तिक का निर्माण करना एक प्रभावी उपाय हो सकता है। यह स्वस्तिक रोगों और दोषों से मुक्ति दिलाने में सहायक माना जाता है। साथ ही, यह मानसिक शांति और आत्मिक संतोष में वृद्धि करने के लिए भी लाभकारी है। परिवार के सदस्य आत्मिक शांति और तनाव मुक्त महसूस करते हैं, जिससे पूरे परिवार का माहौल सुखमय बनता है।

शुभ कामों की शुरुआत: स्वस्तिक का चिह्न किसी भी शुभ काम की शुरुआत में बनाना बेहद शुभ माना जाता है। चाहे वह नए घर में प्रवेश हो, विवाह हो या कोई नया व्यवसाय शुरू करना हो, स्वस्तिक का चिह्न शुभता और सफलता का प्रतीक होता है। इसे हल्दी से बनाने से यह शुभता और समृद्धि का प्रभाव और भी अधिक बढ़ जाता है।

हल्दी से स्वस्तिक बनाने के नियम

हल्दी से स्वस्तिक बनाने के लिए कुछ सामान्य नियम होते हैं। माना जाता है कि यदि सही नियम से स्वस्तिक बनाया जाता है, तो शुभ परिणाम जल्द प्राप्त होते हैं।

साफ-सफाई का ध्यान रखें: हल्दी से स्वस्तिक बनाने से पहले जगह को अच्छे से साफ करें, ताकि कोई नकारात्मक ऊर्जा न रहे।

सही दिशा में बनाएं: स्वस्तिक को घर के मुख्य द्वार या मंदिर में बनाएं, ताकि यह सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश द्वार बने।

सकारात्मक मन से बनाएं: हल्दी से स्वस्तिक बनाने से पहले अपने मन को सकारात्मक रखें और देवी-देवताओं की पूजा करें। इस दौरान मंत्रों का उच्चारण भी शुभ माना जाता है।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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Edited By

Shyam Nandan

First published on: Mar 22, 2025 06:15 PM

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