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Unlucky Trees: चौंका देने वाला है इन 3 पेड़ों का वास्तु-एस्ट्रो फैक्ट्स, घर पर इनका छाया आना है अशुभ

Unlucky Trees: घर के आसपास कौन से पेड़ हैं, यह वास्तु और घर की खुशहाली के लिए महत्वपूर्ण है. कुछ पवित्र पेड़ भी गलत जगह पर लगाने से अशुभ हो सकते हैं. सही दिशा और उपाय अपनाकर आप नेगेटिव असर को कम कर सकते हैं और घर में सुख-शांति बनाए रख सकते हैं. आइए जानते हैं, ये पेड़ कौन-कौन से हैं?

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Unlucky Trees: प्राचीन हिन्दू ग्रंथों और वास्तु शास्त्र की पुस्तकों में पेड़ों को खास महत्व दिया गया है. कुछ पेड़-पौधे घर में पॉजिटिव एनर्जी लाते हैं और खुशहाली बढ़ाते हैं. लेकिन कुछ पेड़ ऐसे भी हैं जिनकी छाया घर पर पड़ना अशुभ माना जाता है. वास्तु और ज्योतिष ग्रंथों में साफ लिखा है कि इनकी छाया से परिवार पर मानसिक तनाव, पैसों की हानि और अन्य परेशानियां आ सकती हैं. वाकई इन पेड़ों का वास्तु-एस्ट्रो फैक्ट्स चौंका देने वाला है. आइए जानते हैं, ये पेड़ कौन-कौन से हैं?

पीपल का पेड़

पीपल का पेड़ धार्मिक दृष्टि से पवित्र माना जाता है. इसे देवताओं और पूर्वजों का निवास स्थान भी कहा गया है. लेकिन वास्तु के अनुसार, यदि पीपल की छाया घर पर पड़ती है तो यह घर की भौतिक खुशहाली और पारिवारिक संतुलन को प्रभावित कर सकती है. इसलिए, इसे मंदिरों, चौक या खुले स्थानों में लगाना शुभ माना जाता है.

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इसलिए भूल से भी घर के पास पीपल न लगाएं और यदि पहले से लगा हुआ है, तो उसकी शाखाओं को इस तरह काटें कि छाया सीधे घर पर न पड़े.

इमली का पेड़

इमली का पेड़ अपने भारी और गहरे साये के लिए जाना जाता है. बुजुर्ग अक्सर कहते हैं कि सूर्यास्त के बाद इस पेड़ के नीचे नहीं बैठना चाहिए. ऐसा माना जाता है कि इमली की छाया आलस्य, मानसिक तनाव और बीमारी को बढ़ा सकती है.

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यदि घर के पास इमली का पेड़ है, तो घर के आस-पास गंगाजल छिड़कें. सूरज डूबने के समय घर के गेट पर दीपक जलाएं. अपने आंगन में तुलसी का पौधा लगाएँ, जिससे नेगेटिव असर कम होता है.

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बेल का पेड़

बेल का पेड़ धार्मिक दृष्टि से बहुत पवित्र है. भगवान शिव को यह पेड़ विशेष रूप से प्रिय है. लेकिन वास्तु के अनुसार, कांटेदार पेड़ घर के बहुत पास लगाना अशुभ होता है. बेल की छाया में घर के शांत माहौल पर नकारात्मक असर पड़ सकता है. यही कारण है कि बेल का पेड़ मंदिर या खुली जगहों में लगाया जाता है. घर के पास होने पर उसकी शाखाओं की सही दिशा में छाया सीमित करें.

अन्य अशुभ पेड़ और उपाय

इसके अलावा मदार, खजूर, मेहंदी, बेर और अन्य कांटेदार पेड़ भी घर के लिए हानिकारक माने जाते हैं. यदि ये पेड़ घर के पास हैं, तो घर के आसपास हफ्ते में एक बार गंगाजल छिड़कें. सूर्यास्त के समय घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाएं. तुलसी, नीम या अशोक के छोटे पौधे लगाएँ. ये नेगेटिव एनर्जी को कम करते हैं. पेड़ की शाखाओं को इस तरह काटें कि उनकी छाया घर पर न पड़े.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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First published on: Nov 25, 2025 10:33 PM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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