Gupt Navratri Navmi 2026: गुप्त नवरात्रि में महाविद्याओं की पूजा की जाती है. कल 22 जुलाई को आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि है. ऐसे में गुप्त नवरात्रि का नौवां दिन है. दस महाविद्याओं में से मां मातंगी को नवमी देवी के रूप में पूजा जाता है. भक्त गुप्त नवरात्रि के नौवें दिन देवी मातंगी की पूजा करें और इसके साथ ही आरती का पाठ अवश्य करे. किसी भी देवी-देवता की पूजा आरती के बिना अधूरी मानी जाती है. आप यहां मां मातंगी की आरती पढ़ सकते हैं.
मां मातंगी की आरती (Maa Matangi Aarti Lyrics)
ॐ जय मातंगी मां, जय मातंगी मां।
मां तुझसा और दयालु, तुझ और दयालु,
जग में माई कहाँ, ॐ जय मातंगी मां।।
शक्ति स्वरूपा मैया, तुम ही सुखदाता।
कष्ट निवारण करती, मातंगी माता।।
ॐ जय मातंगी मां…
श्यामवर्णी मैया, चन्द्रभाल सोहे।
ज्ञान-कला की दात्री, जो सबको मोहे।।
ॐ जय मातंगी मां…
तन पर भूषण सोहे, दिव्य अस्त्र धारी।
भक्तों की हो दात्री, मां मातंगी प्यारी।।
ॐ जय मातंगी मां…
तुम ही विद्या दायिनी, तुम ही सुखकारी।
चरण शरण में आए, मां मातंगी प्यारी।।
ॐ जय मातंगी मां…
मां मातंगी की पूजा विधि (Maa Matangi Puja Vidhi)
गुप्त नवरात्रि का नौवां दिन मां मातंगी की पूजा के लिए खास होता है. मां मातंगी की पूजा के लिए सर्वप्रथम जल्दी उठकर स्नान कर साफ वस्त्र पहन लें. इसके बाद पूजा के लिए घर के मंदिर की सफाई कर चौकी लगाकर मां मातंगी की प्रतिमा स्थापित करें. देवी मां को पीले या लाल रंग के वस्त्र चढ़ाएं. पीले फूल, पीला चंदन, हल्दी वाले चावल अर्पित करें. देवी मां के समक्ष धूप, दीपक और कपूर जलाएं. नारियल चढ़ाएं, फल और मिठाइयों का भोग लगाएं. पूजा के अंत में आरती अवश्य करें. इस प्रकार भक्त गुप्त नवरात्रि के नौवें दिन मां मातंगी की पूजा अर्चना कर सकते हैं. मां मातंगी की पूजा से बोलने की कला और ज्ञान की प्राप्ति होती है.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.