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वैसे तो प्रकृति ने कई अनोखे चमत्कार किए हैं, जिन्हें जानने के बाद हर कोई हैरान रह जाता है, लेकिन सीहॉर्स (समुद्री घोड़ा) शायद सबसे हैरान करने वाला उदाहरण है. दुनिया में यही एकमात्र ऐसा जीव है जिसमें पुरुष बच्चे को गर्भ में पालता है और जन्म देता है. सही सुना आपने इन जीवों में मर्द ही बच्चे को जन्म देता है.
सीहॉर्स की यह अनोखी प्रजनन प्रक्रिया

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सीहॉर्स की यह अनोखी प्रजनन प्रक्रिया जीव विज्ञान की किताबों में सबसे रोचक अध्यायों में से एक है. सामान्यतः ज्यादातर प्रजातियों में मादा गर्भ धारण करती है, लेकिन सीहॉर्स में ये पूरा प्रोसेस उल्टा हो जाता है. मादा सीहॉर्स अंडे पैदा करती है, लेकिन उन्हें मेल के शरीर में ट्रांसफर कर देती है. इसके बाद मेल ही लेबर पेन को सहता है और बच्चे को जन्म देता है.
कैसे होती है यह गर्भावस्था?

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सीहॉर्स की प्रजनन प्रक्रिया बेहद दिलचस्प होती है. सबसे पहले नर और मादा एक लंबे कोर्टशिप डांस में शामिल होते हैं. वे अपनी पूंछों को एक-दूसरे से लपेटते हैं, साथ-साथ तैरते हैं और घंटों तक डांस करते हैं. इस डांस के बाद मादा अपने अंडों को मेल की पेट पर बनी विशेष थैली (brood pouch) में डाल देती है.
नर पालता है अंडे

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थैली में अंडे पहुंचते ही नर उन्हें पालने लगता है. इसके बाद नर का शरीर अंडों की देखभाल शुरू कर देता है. थैली के अंदर ब्लड वेसल्स बनते हैं जो अंडों को ऑक्सीजन और पोषण मुहैया कराते हैं. यह प्रक्रिया स्तनधारी जानवरों की प्लेसेंटा (placenta) की तरह काम करती है. गर्भावस्था की अवधि प्रजाति के अनुसार 10 दिन से लेकर 6 हफ्ते तक हो सकती है.
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जन्म का दर्द भी सहता है पिता

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जब बच्चे पूरी तरह विकसित हो जाते हैं तो नर सीहॉर्स को प्रसव पीड़ा होती है. वह अपने शरीर को बार-बार मोड़ता है, संकुचन करता है और तेज झटकों के साथ सैकड़ों-हजारों बच्चों को पानी में छोड़ता है. एक बार में 100 से 2000 तक छोटे-छोटे बेबी सीहॉर्स जन्म ले सकते हैं. जन्म के बाद बच्चे मिनिएचर वयस्कों जैसे दिखते हैं और तुरंत स्वतंत्र जीवन शुरू कर देते हैं. माता-पिता उनकी आगे कोई देखभाल नहीं करते.
नर के शरीर में भी होते हैं हार्मोनल बदलाव

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वैज्ञानिकों का मानना है कि यह व्यवस्था प्रजाति के अस्तित्व के लिए बेहद फायदेमंद है. मादा अंडे देने के तुरंत बाद नए अंडे पैदा करने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है, जबकि नर पुराने अंडों की देखभाल करता है. इससे प्रजनन की दर बहुत बढ़ जाती है. सीहॉर्स की थैली ना सिर्फ सुरक्षा प्रदान करती है बल्कि अंदर के पानी की लवणता (salinity) को भी नियंत्रित करती है ताकि बच्चे समुद्र के पानी के लिए तैयार हो सकें. हाल के अध्ययनों में पाया गया है कि गर्भावस्था के दौरान नर के शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं जो मादा हार्मोन की तरह काम करते हैं.