पुराने घरों में गोबर और मिट्टी से लिपाई करने की परंपरा क्यों थी? जानिए हैरान कर देने वाली वजह
Mud Plastered Walls Reasons: पुराने घरों में गोबर और मिट्टी से लिपाई की जाती थी, लेकिन इसके पीछे का असली कारण क्या था. आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि गांवों में यह परंपरा आज भी क्यों अपनाई जाती है.

Why do people mud walls: एक वक्त ऐसा था जब घर बिना सीमेंट, टाइल्स और पेंट के बनाए जाते थे. आज सिर्फ गांव के घर मिट्टी की लिपाई से बने दिखते हैं, लेकिन पुराने जमाने में सारे घर ऐसे ही बनाए जाते थे. वक्त के साथ सब बदल गया, लेकिन आज भी कई गांवों में यह परंपरा देखने को मिलती है. हालांकि, इसके पीछे आधुनिकता नहीं, बल्कि कई वैज्ञानिक और व्यावहारिक कारण छिपे हैं. ये कारण कौन से हैं आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं.
घर को ठंडा रखना
2 / 7मिट्टी इंसुलेटर का काम करती है, जिससे गर्मी का एहसास कम होता है. वहीं, सर्दियों में अंदर की गर्मी को लंबे समय तक बनाए रखती है. इसी वजह से मिट्टी के घरों का तापमान बनाए रखती थी. इसे भी पढ़ें- 24 घंटे रहती है धूप! दुनिया की इन जगहों पर सूरज नहीं डूबता, जानिए वैज्ञानिक कारण
कीड़े-मकौड़ों से बचाना
3 / 7गोबर में कुछ ऐसे नेचुरल गुण पाए जाते हैं जो मक्खी, मच्छर, दीमक और अन्य छोटे कीड़ों को दूर रखने में मदद कर सकते हैं. इसलिए घर के फर्श और दीवारों पर गोबर की लिपाई करने से कीटों का प्रकोप कम होता था.
धूल कम उड़ाना
4 / 7कच्ची मिट्टी के फर्श से धूल उड़ने की संभावना ज्यादा रहती है. जब उस पर गोबर और मिट्टी की लिपाई की जाती थी तो सतह मजबूत हो जाती थी और धूल कम उड़ती थी, जिससे घर साफ-सुथरा बना रहता था.
फर्श मजबूत होना
5 / 7गोबर और मिट्टी का मिश्रण सूखने के बाद फर्श को अधिक मजबूत और टिकाऊ बना देता था. अगर कहीं दरार पड़ जाती थी तो उसे दोबारा आसानी से लीपकर ठीक किया जा सकता था.
धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
6 / 7भारतीय संस्कृति में गाय के गोबर को पवित्र माना जाता है. त्योहारों, पूजा-पाठ और शुभ अवसरों से पहले घर की लिपाई करना शुभ माना जाता था. इसलिए लोग गोबर का इस्तेमाल करते थे.
क्या आज भी यह तरीका अपनाया जाता है?
7 / 7आज सीमेंट, टाइल्स और आधुनिक चीजों की वजह से इसका चलन कम हुआ है. हालांकि, कई लोग प्राकृतिक घर बनाने के लिए मिट्टी, गोबर और चूने जैसे पारंपरिक मिश्रणों का इस्तेमाल कर रहे हैं. इसे भी पढ़ें- लीची में कीड़ों की पहचान कैसे करें? खरीदने से पहले इन बातों पर दें ध्यान



















