Why do people mud walls: एक वक्त ऐसा था जब घर बिना सीमेंट, टाइल्स और पेंट के बनाए जाते थे. आज सिर्फ गांव के घर मिट्टी की लिपाई से बने दिखते हैं, लेकिन पुराने जमाने में सारे घर ऐसे ही बनाए जाते थे. वक्त के साथ सब बदल गया, लेकिन आज भी कई गांवों में यह परंपरा देखने को मिलती है. हालांकि, इसके पीछे आधुनिकता नहीं, बल्कि कई वैज्ञानिक और व्यावहारिक कारण छिपे हैं. ये कारण कौन से हैं आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं.
कीड़े-मकौड़ों से बचाना

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गोबर में कुछ ऐसे नेचुरल गुण पाए जाते हैं जो मक्खी, मच्छर, दीमक और अन्य छोटे कीड़ों को दूर रखने में मदद कर सकते हैं. इसलिए घर के फर्श और दीवारों पर गोबर की लिपाई करने से कीटों का प्रकोप कम होता था.
धूल कम उड़ाना

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कच्ची मिट्टी के फर्श से धूल उड़ने की संभावना ज्यादा रहती है. जब उस पर गोबर और मिट्टी की लिपाई की जाती थी तो सतह मजबूत हो जाती थी और धूल कम उड़ती थी, जिससे घर साफ-सुथरा बना रहता था.
फर्श मजबूत होना

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गोबर और मिट्टी का मिश्रण सूखने के बाद फर्श को अधिक मजबूत और टिकाऊ बना देता था. अगर कहीं दरार पड़ जाती थी तो उसे दोबारा आसानी से लीपकर ठीक किया जा सकता था.
धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व

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भारतीय संस्कृति में गाय के गोबर को पवित्र माना जाता है. त्योहारों, पूजा-पाठ और शुभ अवसरों से पहले घर की लिपाई करना शुभ माना जाता था. इसलिए लोग गोबर का इस्तेमाल करते थे.