वहीं मामले में CBI के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर ट्विशा शर्मा के साथ आखिरी घंटों में क्या हुआ था? जो या तो छिपाया जा रहा है या उसके सबूत मिटा दिए गए हैं। इस राज को बेनकाब करने के लिए CBI अब एक नया दांव चलेगी। टनल व्यू इन्वेस्टिगेश मेथड से जांच करके सच का पता लगाएगी।
फोन, CCTV, वाई-फाई खंगाल रही CBI

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जांच करते हुए CBI ने CCTV कैमरे खंगाले हैं और मोबाइल फोन के रिकॉर्ड चेक किए। वाई-फाई से दिनभर में हुई गतिविधियां चेक की। घर में लगे लैंडलाइन फोन के कॉल रिकॉर्ड चेक किए। घर की फोरेंसिक मैपिंग कराई। ऐसी गतिविधि तलाश की जा रही है, जो तोड़ी-मरोड़ी गई, लेकिन इस केस की कड़ियां जोड़ सकती है। क्योंकि घटनाक्रम के लिए इस्तेमाल बेल्ट गायब है। चोट के डॉक्यूमेंट में अंतर है। FIR में विरोधी बातें है। CCTV की टाइमिंग में भी अंतर है।
शारीरिक मानसिक प्रताड़ना का शिकार थी ट्विशा

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CBI की जांच के अनुसार, ट्विशा अपनी शादी से खुश नहीं थी। पति और सास उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। ट्विशा ने अपनी मां को व्हाट्सऐप मैसेज करके बताया था कि ससुराल वाले उसे परेशान कर रहे हैं। दहेज के लिए प्रताड़ित करने की बात भी बनाई थी। ट्विशा के माता-पिता ने भी CBI को बताया है कि उनकी बेटी के साथ मारपीट होती थी। उसके होने वाले बच्चे को नाजायज कहा जाता था और उसका जबरन गर्भपात कराया गया था।
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भोपाल पुलिस पर लगे लापरवाही के आरोप

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ट्विशा के माता-पिता और भाई का आरोप है कि भोपाल पुलिस ने जांच में लापरवाही बरती है। शव मिलने के 3 दिन बाद FIR दर्ज की गई। इन तीन दिन में मौका-ए-वारदात से सबूत हटा दिए गए। समर्थ सिंह सभी सबूत लेकर फरार हो चुका था। सास गिरिबाला सिंह ने घटनास्थल की सफाई करा दी थी, जिससे सबूत और फिंगर प्रिंट मिट गए। गिरिबाला सिंह ने मीडिया से बात करके ट्विशा पर आरोप लगाए और उसके चरित्र पर सवाल उठाए।
12 मई की रात को हुई थी ट्विशा की मौत

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12 मई की रात ट्विशा शर्मा की मौत हुई। मां से बात करती ट्विशा का फोन अचानक कटा और उसके बाद 20 मिनट के अंदर ट्विशा की मौत की खबर आ गई। पहले गिरिबाला सिंह ने ट्विशा के परिजनों का फोन नहीं उठाया। फिर अचानक फोन करके बताया कि ट्विशा सांस नहीं ले रही है, उसकी मौत हो चुकी। इससे पहले की मायके वाले भोपाल पहुंचते। समर्थ सिंह फरार हो चुका था। 10 दिन बाद समर्थ सिंह ने सरेंडर किया। ट्विशा का 2 बार पोस्टमार्टम हुआ। 24 मई को उसका अंतिम संस्कार किया गया। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच CBI को सौंपने का आदेश दिया।