ट्विशा शर्मा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में 3 नए खुलासे, सास गिरिबाला सिंह को भी झटका, पढ़ें मामले में ताजा अपडेट
पूर्व मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मौत मामले में 2 नए मोड़ आ गए हैं। एक तो मध्य प्रदेश सरकार ने हाई कोर्ट में ट्विशा सिंह की दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट पेश की है। दूसरी ओर, ट्विशा सिंह की सास गिरिबाला सिंह को झटका लगा है। हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत खारिज कर दी है।

मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने हाई कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए बताया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ट्विशा की कलाई, कोहनी, सिर पर चोट के निशान मिले हैं। यह चोटें शव को सीढ़ियों से नीचे उतारते समय या अस्पताल ले जाते समय तो नहीं लगी होंगी। ऐसे में यह चोटें ट्विशा के साथ शारीरिक प्रताड़ना के सबूत हैं।
ट्विशा के साथ शारीरिक प्रताड़ना के सबूत
2 / 6सरकार के अनुसार, AIIMS भोपाल की रिपोर्ट में भी ट्विशा की मौत जिंदा रहते हुए फांसी लगने से हुई थी। उसके शरीर पर 6 चोटों के निशान मिले हैं, जिन्हें ब्लंट फोर्स इंजरी बताया गया है। ऐसे में स्पष्ट होता है कि गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह दोनों ट्विशा को दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे, उसके साथ मारपीट करते थे। यह भी पढ़ें: Twisha Sharma केस के बीच वायरल हुई ये सीरीज, चौथे एपिसोड में दिखेगा असली सच, किस ओटीटी पर देखें?
सास गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द
3 / 6मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जस्टिस देवनारायण मिश्रा की सिंगल बेंच ने देररात एक बजे के बाद ट्विशा की सास पूर्व जज गिरिबाला सिंह की जमानत मामले में फैसला दिया, जो शाम को सुरक्षित रख लिया गया था। बेंच ने जमानत के खिलाफ दर्ज याचिकाएं स्वीकार करके 15 मई 2026 को दी गई अग्रिम जमानत को निरस्त कर दिया है। ऐसे में अब गिरिबाल सिंह पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। बीते दिन पौने तीन घंटे की बहस के बाद जमानत पर फैसला रिजर्व किया गया था, जो देररात गिरिबाला सिंह के खिलाफ सुनाया गया।
CBI की जांच शुरू, री-क्रिएट किया सीन
4 / 6केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने ट्विशा शर्मा आत्महत्या और दहेज उत्पीड़न मामले की जांच शुरू कर दी। मध्य प्रदेश पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) से औपचारिक रूप से केस टेकओवर कर लिया गया है। सोमवार देर रात ट्विशा के पति समर्थ सिंह और उनकी सास पूर्व जज गिरिबाला सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की थी। समर्थ सिंह को भी CBI अपनी गिरफ्त में ले लिया है। टीम ने ट्विशा की ससुराल जाकर उसकी सास से पूछताछ की। घर और घटनास्थल का मुआयना करके सबूत जुटाए। उस जगह पर सीन री-क्रिएट किया, जहां ट्विशा फंदे पर लटकी मिली थी।
जांच में सहयोग नहीं कर रही गिरिबाला सिंह
5 / 6CBI और राज्य सरकार ने हाई कोर्ट ने तर्क दिया कि मामले की जांच शुरुआती चरण में है और आरोपियों की कस्टोडियल इंटैरोगेशन पीड़िता को इंसाफ देने के लिए बेहद जरूरी है। व्हाट्सऐप चैट्स और गवाहों के बयान भी सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ हैं। लेकिन आरोपी गिरिबाला जांच में सहयोग नहीं कर रही है। दलील सुनने के बाद हाई कोर्ट ने माना कि जमानत मिलने के बाद आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रही, इसलिए आरोपी को दी गई जमानत तथ्यों की अनदेखी पर आधारित है तो इसे निरस्त किया जाता है। यह भी पढ़ें: Twisha Sharma Case: ट्विशा शर्मा के 3 चौंकाने वाले सच, समर्थ सिंह ने खोले कई राज, बताया कैसे थे रिश्ते?
समर्थ और गिरिबाला लगातार ट्विशा को ताने मारते थे
6 / 6सरकार ने हाई कोर्ट को बताया कि समर्थ और गिरिबाला लगातार ट्विशा को ताने मारते थे कि उसके माता-पिता ने शादी में कम खर्च किया था। व्हाट्सऐप चैट के अनुसार, ट्विशा के बच्चे के पिता को लेकर भी ससुराल वाले सवाल उठाते थे। उन्होंने ही जबरन ट्विशा का गर्भपात कराया था। दोस्त और मां से व्हाट्सऐप चैट से भी स्पष्ट होता है कि ट्विशा बेहद डरी हुई थी और उसे अपनी जान को खतरा महसूस हो रहा था। इससे स्पष्ट होता है कि ट्विशा की मौत अस्वाभाविक परिस्थितियों में हुई है।