गर्मियों में AC खरीदते समय अक्सर कहा जाता है कि इन्वर्टर AC बिजली की खपत कम करता है. इसी वजह से कई लोग ज्यादा कीमत देकर इन्वर्टर मॉडल खरीद लेते हैं. लेकिन क्या यह हर स्थिति में उतना ही फायदेमंद होता है? इसका जवाब AC के इस्तेमाल के तरीके और जरूरत पर निर्भर करता है. इसलिए यह समझना जरूरी है कि इन्वर्टर AC कैसे काम करता है और इसकी असली बचत कितनी होती है.
इन्वर्टर AC का काम करने का तरीका

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साधारण AC में कंप्रेसर बार-बार पूरी क्षमता से चालू और बंद होता रहता है. जब कमरे का तापमान तय स्तर पर पहुंच जाता है तो कंप्रेसर बंद हो जाता है और तापमान बढ़ने पर फिर से फुल पावर पर शुरू होता है. वहीं इन्वर्टर AC का कंप्रेसर लगातार चलता है और जरूरत के अनुसार अपनी स्पीड कम या ज्यादा करता है. इससे तापमान स्थिर बना रहता है और अतिरिक्त बिजली की खपत कम होती है. यही कारण है कि लंबे समय तक इस्तेमाल में इसे ज्यादा एनर्जी एफिशियंट माना जाता है.
क्या वाकई बिजली का बिल कम आता है?

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इन्वर्टर AC बिजली की बचत जरूर करता है, लेकिन यह कोई ऐसा उपकरण नहीं है जो अचानक बिजली का बिल आधा कर दे. अगर AC रोजाना कई घंटे तक चलता है तो इन्वर्टर तकनीक 20% से 40% तक बिजली बचाने में मदद कर सकती है. हालांकि असली बचत कमरे के आकार, तापमान सेटिंग, मौसम, स्टार रेटिंग और उपयोग के समय पर निर्भर करती है. यदि AC कम समय के लिए इस्तेमाल होता है तो इन्वर्टर मॉडल का फायदा उतना ज्यादा महसूस नहीं होता. ये भी पढ़ें- Redmi-Realme की बढ़ेगी टेंशन! OnePlus ला रहा है सबसे सस्ता फोन, इतनी होगी कीमत
इन्वर्टर और नॉन-इन्वर्टर AC में अंतर

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इन्वर्टर AC की शुरुआती कीमत आमतौर पर नॉन-इन्वर्टर मॉडल की तुलना में ज्यादा होती है. हालांकि लंबे समय तक इस्तेमाल करने वालों के लिए यह अतिरिक्त खर्च बाद में बिजली बिल में होने वाली बचत से पूरा हो सकता है. इन्वर्टर AC कम शोर करता है, तापमान को बेहतर तरीके से बनाए रखता है और कंप्रेसर पर कम दबाव डालता है. दूसरी तरफ नॉन-इन्वर्टर AC सस्ता होता है, लेकिन इसकी बिजली खपत अपेक्षाकृत ज्यादा हो सकती है.
खरीदने से पहले इन बातों पर दें ध्यान

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केवल इन्वर्टर तकनीक देखकर AC खरीदना सही फैसला नहीं माना जाता. AC की स्टार रेटिंग, टन क्षमता, कमरे का आकार और ब्रांड की सर्विस भी उतनी ही अहम होती है. यदि आप रोजाना 6 से 8 घंटे या उससे अधिक समय तक AC चलाते हैं तो इन्वर्टर AC बेहतर विकल्प साबित हो सकता है. वहीं सीमित उपयोग वाले लोगों के लिए नॉन-इन्वर्टर मॉडल भी पर्याप्त हो सकता है. ये भी पढ़ें- सोने से पहले Wi-Fi Router बंद करना चाहिए या नहीं? जान लें क्या कहते हैं एक्सपर्ट
सही चुनाव से ही होगी असली बचत

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बिजली की वास्तविक बचत तभी मिलती है जब AC की क्षमता कमरे के अनुसार सही हो और उसकी एनर्जी एफिशिएंसी रेटिंग बेहतर हो. इसलिए AC खरीदते समय सिर्फ विज्ञापनों पर भरोसा करने के बजाय अपनी जरूरत, बजट और उपयोग के पैटर्न का आकलन जरूर करें. सही मॉडल चुनने पर ही लंबे समय में बिजली बिल में राहत मिल सकती है. (Images Credit-Magnific)