क्या कार पर पेड़ गिरने से हुए नुकसान पर मिलता है इंश्योरेंस का पैसा? जानें क्या कहता है नियम

बारिश, आंधी, तूफान या ओलावृष्टि में आपकी कार को नुकसान हो जाए तो क्या इंश्योरेंस कंपनी पूरा खर्च उठाएगी? इसका जवाब आपकी पॉलिसी में छिपा है. जानिए किन परिस्थितियों में मिलेगा क्लेम, कब जेब से भरना पड़ सकता है पूरा खर्च और नुकसान होने के बाद कौन-से जरूरी कदम तुरंत उठाने चाहिए.

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बारिश, तूफान, ओलावृष्टि या तेज हवा के दौरान कई बार वाहनों को भारी नुकसान पहुंच जाता है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि क्या इंश्योरेंस कंपनी नुकसान की भरपाई करेगी? इसका जवाब आपकी इंश्योरेंस पॉलिसी के प्रकार पर निर्भर करता है.

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थर्ड पार्टी इंश्योरेंस में क्या मिलेगा फायदा?

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस में क्या मिलेगा फायदा?2 / 9

अगर आपकी कार पर केवल थर्ड पार्टी इंश्योरेंस है, तो पेड़ गिरने, बाढ़ आने, ओलावृष्टि या तूफान से हुए नुकसान का क्लेम नहीं मिलेगा. यह पॉलिसी सिर्फ किसी दूसरे व्यक्ति या उसकी संपत्ति को हुए नुकसान को कवर करती है.

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कंप्रिहेंसिव इंश्योरेंस में मिल सकती है राहत

कंप्रिहेंसिव इंश्योरेंस में मिल सकती है राहत3 / 9

यदि आपकी कार कंप्रिहेंसिव इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत कवर है, तो प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान पर क्लेम मिल सकता है. इस तरह की पॉलिसी में मौसम से जुड़ी कई घटनाओं का कवरेज शामिल होता है. ये भी पढ़ें- क्या डिजिलॉकर में मौजूद ड्राइविंग लाइसेंस पूरी तरह वैध है? चालान से बचने के लिए जान लें ये नियम

 पेड़ गिरने पर भी मिल सकता है क्लेम

 पेड़ गिरने पर भी मिल सकता है क्लेम4 / 9

अगर तेज हवा या तूफान के दौरान कोई पेड़ आपकी कार पर गिर जाता है और वाहन को नुकसान पहुंचता है, तो कंप्रिहेंसिव इंश्योरेंस होने पर बीमा कंपनी नुकसान की भरपाई कर सकती है. ये भी पढ़ें- EV खरीदने का सबसे सस्ता तरीका! 4.69 लाख से शुरू हो रही हैं ये इलेक्ट्रिक कारें, जानिए कैसे बचेंगे लाखों रुपये

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ओलावृष्टि से हुए नुकसान पर क्या होगा?

ओलावृष्टि से हुए नुकसान पर क्या होगा?5 / 9

बड़े ओलों की वजह से कार की बॉडी, बोनट या शीशे क्षतिग्रस्त हो जाएं, तो कंप्रिहेंसिव पॉलिसी के तहत क्लेम किया जा सकता है. ऐसे मामलों में नुकसान का आकलन कर कंपनी भुगतान कर सकती है.

 बाढ़ में कार खराब हो जाए तो?

 बाढ़ में कार खराब हो जाए तो?6 / 9

अगर बाढ़ के कारण वाहन को नुकसान पहुंचता है या वह खराब हो जाता है, तो कंप्रिहेंसिव इंश्योरेंस होने पर आपको आर्थिक राहत मिल सकती है.

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नुकसान होते ही फोटो और वीडियो बनाएं

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किसी भी दुर्घटना या प्राकृतिक आपदा के बाद सबसे पहले कार की अलग अलग एंगल से तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड करें. क्लेम प्रक्रिया में यह महत्वपूर्ण सबूत के तौर पर काम आते हैं. घटना होने के बाद जितनी जल्दी संभव हो, अपनी बीमा कंपनी को जानकारी दें और क्लेम दर्ज कराएं. देरी की वजह से क्लेम प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है.

सर्वेयर के आने तक वाहन की स्थिति न बदलें

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कंपनी के सर्वेयर के निरीक्षण से पहले कार या उस पर गिरे पेड़ को हटाने की जल्दबाजी न करें. पहले जांच पूरी होने दें, ताकि क्लेम में कोई परेशानी न आए. अगर घटना किसी सार्वजनिक स्थान पर हुई है, तो पुलिस या स्थानीय प्रशासन की रिपोर्ट बनवाना फायदेमंद हो सकता है. यह दस्तावेज क्लेम प्रक्रिया को आसान बना सकते हैं.

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क्लेम मिलने के लिए ये शर्त जरूरी

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बीमा कंपनी तभी क्लेम का भुगतान करती है जब आपकी पॉलिसी एक्टिव हो और उसमें प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान का कवरेज शामिल हो. ऐसे में कार खरीदते समय या इंश्योरेंस रिन्यू कराते समय कंप्रिहेंसिव पॉलिसी लेना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. पेड़ गिरने, ओलावृष्टि, तूफान और बाढ़ जैसी परिस्थितियों में यही पॉलिसी सबसे ज्यादा राहत देती है. (Images Credit- AI/Freepik)

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

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मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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