बारिश, तूफान, ओलावृष्टि या तेज हवा के दौरान कई बार वाहनों को भारी नुकसान पहुंच जाता है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि क्या इंश्योरेंस कंपनी नुकसान की भरपाई करेगी? इसका जवाब आपकी इंश्योरेंस पॉलिसी के प्रकार पर निर्भर करता है.
थर्ड पार्टी इंश्योरेंस में क्या मिलेगा फायदा?

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अगर आपकी कार पर केवल थर्ड पार्टी इंश्योरेंस है, तो पेड़ गिरने, बाढ़ आने, ओलावृष्टि या तूफान से हुए नुकसान का क्लेम नहीं मिलेगा. यह पॉलिसी सिर्फ किसी दूसरे व्यक्ति या उसकी संपत्ति को हुए नुकसान को कवर करती है.
ओलावृष्टि से हुए नुकसान पर क्या होगा?

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बड़े ओलों की वजह से कार की बॉडी, बोनट या शीशे क्षतिग्रस्त हो जाएं, तो कंप्रिहेंसिव पॉलिसी के तहत क्लेम किया जा सकता है. ऐसे मामलों में नुकसान का आकलन कर कंपनी भुगतान कर सकती है.
बाढ़ में कार खराब हो जाए तो?

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अगर बाढ़ के कारण वाहन को नुकसान पहुंचता है या वह खराब हो जाता है, तो कंप्रिहेंसिव इंश्योरेंस होने पर आपको आर्थिक राहत मिल सकती है.
नुकसान होते ही फोटो और वीडियो बनाएं

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किसी भी दुर्घटना या प्राकृतिक आपदा के बाद सबसे पहले कार की अलग अलग एंगल से तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड करें. क्लेम प्रक्रिया में यह महत्वपूर्ण सबूत के तौर पर काम आते हैं. घटना होने के बाद जितनी जल्दी संभव हो, अपनी बीमा कंपनी को जानकारी दें और क्लेम दर्ज कराएं. देरी की वजह से क्लेम प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है.
सर्वेयर के आने तक वाहन की स्थिति न बदलें

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कंपनी के सर्वेयर के निरीक्षण से पहले कार या उस पर गिरे पेड़ को हटाने की जल्दबाजी न करें. पहले जांच पूरी होने दें, ताकि क्लेम में कोई परेशानी न आए. अगर घटना किसी सार्वजनिक स्थान पर हुई है, तो पुलिस या स्थानीय प्रशासन की रिपोर्ट बनवाना फायदेमंद हो सकता है. यह दस्तावेज क्लेम प्रक्रिया को आसान बना सकते हैं.
क्लेम मिलने के लिए ये शर्त जरूरी

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बीमा कंपनी तभी क्लेम का भुगतान करती है जब आपकी पॉलिसी एक्टिव हो और उसमें प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान का कवरेज शामिल हो. ऐसे में कार खरीदते समय या इंश्योरेंस रिन्यू कराते समय कंप्रिहेंसिव पॉलिसी लेना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. पेड़ गिरने, ओलावृष्टि, तूफान और बाढ़ जैसी परिस्थितियों में यही पॉलिसी सबसे ज्यादा राहत देती है. (Images Credit- AI/Freepik)