क्या है Six Pocket Syndrome? अमिताभ बच्चन के शो KBC 17 में आए वायरल बच्चे के व्यवहार की यह है वजह

Six Pocket Syndrome: अमिताभ बच्चन के शो कौन बनेगा करोड़पति 17 में आए एक बच्चे को ओवरकोंफिडेंट या बदतमीज कहा जा रहा है. लेकिन, बच्चे के इस व्यवहार का असल कारण सिक्स पॉकेट सिंड्रोम हो सकता है.

Six Pocket Syndrome

What Is 6 Pocket Syndrome: यहां जानिए क्या होता है है सिक्स पॉकेट सिंड्रोम.

Parenting: पांचवी क्लास के इशित भट्ट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. अमिताभ बच्चन के शो KBC 17 में आए इस बच्चे के व्यवहार को देखकर सोशल मीडिया यूजर्स उसे ओवरकोंफिडेंट और बदतमीज तो कह ही रहे हैं साथ ही उसकी हार की खुशी अलग मना रहे हैं. लेकिन, बच्चे का यह व्यवहार असल में सिक्स पॉकेट सिंड्रोम (Six Pocket Syndrome) के चलते हो सकता है. चंडीगढ़ बेस्ड एंटरप्रिन्योर शेखर दत्त ने एक वीडियो पोस्ट किया था जिसमें उन्होंने बताया कि सिक्स पॉकेट सिंड्रोम क्या होता है और यह बच्चे के व्यवहार या उसकी पर्सनैलिटी को कैसे शेप करता है.

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क्या है सिक्स पॉकेट सिंड्रोम | What Is Six Pocket Syndrome

सिक्स पॉकेट सिंड्रोम असल में चीन से आया है जहां माता-पिता एक ही बच्चा करते हैं. अब भारत में भी बहुत से पैरेंट्स एक ही बच्चा कर रहे हैं. इससे होता यह है कि दादा-दादी, नाना-नानी और मम्मी-पापा के अलावा परिवार में और कोई होता ही नहीं है. यानी छह लोगों से जो पैसा आ रहा है, गिफ्ट आ रहे हैं या प्यार आ रहा है वो सिर्फ एक ही बच्चे को मिल रहा है. ऐसा इसलिए क्योंकि दादा-दादी का भी एक ही बेटा है, नाना-नानी की भी एक ही बेटी है और मम्मी-पापा का भी एक यही बच्चा है. इसीलिए छह के छह लोग एक ही बच्चे पर फोकस्ड होते हैं. इसी एक बच्चे के लिए सब गिफ्ट्स लाते हैं या इसी एक बच्चे पर सबका प्यार उमड़ता है. इस कारण बच्चे की हर जिद पूरी की जाती है. बच्चा ना सिर्फ लाड़-प्यार से बढ़ता है बल्कि बच्चे उसके व्यवहार में अहंकार, गुस्सा, सही स बात ना करने का सलीका या ओवरकोंफिडेंस भी ज्यादा देखने को मिलता है.

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हेलीकॉप्टर पैरेंटिग भी देखने को मिलती है

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सिक्स पॉकेट सिंड्रोम के अलावा एक ही बच्चा हो तो हेलीकॉप्टर पैरेंटिंग (Helicopter Parenting) भी ज्यादा देखने को मिलती है. हेलीकॉप्टर पैरेंटिग में माता-पिता का पूरा ध्यान अपने बच्चे पर होता है और यह ध्यान इतना होता है कि बच्चे की हर एक हरकत पैरेंट्स कंट्रोल करने लगते हैं, हर एक काम में अड़ंगा डालते हैं और उसकी स्वतंत्रता या चीजों को खुद हैंडल करने की क्षमता खत्म करने लगते हैं.

बच्चा कहां जा रहा है, क्या कर रहा है, किससे बात कर रहा है या उसे कोई परेशानी ना हो इसीलिए पहले ही वो काम कर देना जैसी चीजें हेलीकॉप्टर पैरेंटिंग में देखने को मिलती हैं. इससे बच्चा अपने फैसले ले ही नहीं पाता और अपने ही पैरेंट्स से तंग महसूस करने लगता है.

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एक ही बच्चा हो तो कैसे करें परवरिश

  • अगर आपका एक ही बच्चा है तो उसकी सोशल स्किल्स पर काम करें. उसे लोगों से मिलवाएं, दोस्तों से बात करने दें और खुद चीजें सीखने दें.
  • बच्चे को स्वतंत्र रहने दें उसे बहुत ज्यादा कंट्रोल ना करें.
  • बच्चे का व्यवहार दूसरों से कैसा है इस बात का ध्यान रखें.
  • बच्चों को शेयरिंग का मतलब समझाएं. उन्हें उदार होना सिखाएं.
  • बच्चे के साथ क्वालिटी टाइम बिताएं.
  • बच्चे से प्यार करें लेकिन उसकी हर जिद ना मानें.
  • अपने बच्चे की इमोशनल डेवलपमेंट पर ध्यान दें.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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