भट्टी की तरह तप रहा है आपके घर का फर्श? AC चलाने की नहीं है जरूरत! आज ही अपनाएं ये 5 जबरदस्त देसी तरीके
Home Cooling Tips: भीषण गर्मियों में जब सूरज की तपिश से घर का फर्श और कमरे भट्टी की तरह तपने लगते हैं, तब बिना एसी के राहत पाना एक बड़ी चुनौती बन जाता है.
नमक और पुदीने का पोछा: पानी में सेंधा नमक मिलाने से फर्श की नमी देर तक टिकती है और पुदीना ठंडक का अहसास कराता है.
गीली चादर का पर्दा: खिड़की पर गीली कॉटन की सफेद चादर टांगने से बाहर की गर्म लू तुरंत ठंडी और सुखद हवा में बदल जाती है.
स्मार्ट टाइमिंग लॉक: सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक घर को बंद रखें ताकि अंदर की कूलिंग बाहर न जाए और दोपहर की लू अंदर न आए.
खाली और नग्न फर्श: गर्मियों में हैवी कालीन और रग्स को हटा दें क्योंकि वे गर्मी सोखते हैं, इनकी जगह ठंडी बांस की चटाई बिछाएं.
छत पर छिड़काव और पौधे: शाम को छत पर पानी डालने से रात की तपन मरती है, और इनडोर प्लांट्स कमरे की गर्मी को नेचुरल तरीके से सोखते हैं.
Home Cooling Tips: गर्मियों के मौसम में सूरज की चिलचिलाती धूप और बढ़ते तापमान के कारण न केवल हवा बल्कि हमारे घरों का फर्श भी भट्टी की तरह तपने लगता है. दोपहर के समय घर के अंदर नंगे पैर चलना किसी बड़ी सजा जैसा लगने लगता है. इस भीषण तपिश से बचने और बिना भारी-भरकम बिजली बिल के अपने आशियाने को कूल रखने का सबसे सही उपाय छुपा है हमारे पारंपरिक देसी नुस्खों में. पोछे के पानी में सेंधा नमक और पुदीने का तेल मिलाने, खस या गीली चादर का उपयोग करने, सही समय पर क्रॉस वेंटिलेशन करने और कालीन हटाने जैसे आसान उपायों से घर का फर्श बिल्कुल ठंडा और आरामदायक बना रहता है.
पोछे के पानी में कौन सी ‘सीक्रेट’ चीज मिलानी चाहिए?
अक्सर लोग गर्मियों में केवल सादे पानी से पोछा लगाते हैं, लेकिन वह पानी चंद सेकंड में ही सूख जाता है और फर्श दोबारा गर्म हो जाता है. इसका सबसे बेहतरीन वैज्ञानिक उपाय यह है कि पोछे के पानी में आधा कप सेंधा नमक और कुछ बूंदें पुदीने के तेल (Peppermint Oil) या खस के अर्क की मिला देनी चाहिए. नमक की मौजूदगी के कारण पानी का वाष्पीकरण यानी इवेपोरेशन बहुत जल्दी नहीं होता है, जिससे फर्श पर लंबे समय तक नमी और बेहतरीन ठंडक लॉक रहती है. इसके साथ ही पुदीने की प्राकृतिक खुशबू पूरे घर में एक बेहद रिफ्रेशिंग और कूलिंग अहसास जगाए रखती है. दोपहर के पीक ऑवर्स में दो बार इस तरह पोछा लगाना सबसे बेस्ट माना जाता है.
खस की टट्टियां या गीली सफेद सूती चादर का नुस्खा
यह हमारे बुजुर्गों के जमाने का एक बेहद ही असरदार और आजमाया हुआ प्राकृतिक नुस्खा है. अगर आपके घर में कुछ ऐसी खिड़कियां या बालकनी के दरवाजे हैं जहां से दोपहर की सीधी और तेज धूप सीधे कमरे के अंदर प्रवेश करती है, तो आपको वहां खस के पर्दे (टट्टियां) लटकाकर उन पर पानी का छिड़काव करना चाहिए. अगर आपके पास खस उपलब्ध नहीं है, तो आप किसी भी मोटी सूती (कॉटन) सफेद चादर को पानी में अच्छी तरह गीला करके खिड़की पर टांग सकते हैं. जब बाहर से आने वाली गर्म और झुलसाने वाली लू इस गीली चादर या खस से टकराकर अंदर आएगी, तो वह बिल्कुल नेचुरल एसी की तरह ठंडी हवा में बदल जाएगी, जिससे फर्श तक हीट पहुंच ही नहीं पाएगी.
क्रॉस वेंटिलेशन का सही समय क्या है?
अक्सर लोग गर्मी से परेशान होकर दिनभर अपने घर की खिड़कियां और दरवाजे खुले छोड़ देते हैं, जो कि सबसे बड़ी भूल है. दोपहर के समय चलने वाली गर्म हवाएं आपके घर के अंदर घुसकर फर्श और दीवारों को और ज्यादा तपा देती हैं. इसका सही नियम यह है कि सुबह 8 बजे से पहले और शाम को 7 बजे के बाद जब बाहर का वातावरण ठंडा हो, तब घर की सभी खिड़कियां खोल दें ताकि फ्रेश हवा अंदर आ सके. लेकिन सुबह 9 बजते ही आपको घर को पूरी तरह पैक कर देना चाहिए और भारी पर्दे गिरा देने चाहिए. ऐसा करने से दिनभर घर के अंदर की ठंडी हवा अंदर ही लॉक रहेगी और बाहर की गर्मी प्रवेश नहीं कर पाएगी.
फर्श से कालीन और हैवी रग्स को हटाना क्यों जरूरी है?
सर्दियों के दिनों में जो आलीशान कालीन, दरियां और मोटे मखमली मैट हमारे पैरों को गर्माहट और आराम देते हैं, गर्मियों में वही चीजें घर के लिए सबसे बड़ी दुश्मन बन जाती हैं. ये हैवी रग्स घर के अंदर की हीट को ट्रैप यानी गर्मी को सोखने का काम करते हैं. इसलिए गर्मी की शुरुआत होते ही अपने ड्रॉइंग रूम या बेडरूम में बिछे सभी कालीनों को तुरंत समेटकर रख देना चाहिए और फर्श को बिल्कुल खाली रहने देना चाहिए. खाली फर्श हवा के सीधे संपर्क में आने के कारण बहुत जल्दी ठंडा होता है. अगर आपको फर्श पर कुछ बिछाना ही है, तो पारंपरिक बांस की चटाई (Bamboo Mats) या जूट के पतले मैट का उपयोग करें जो पूरी तरह ठंडे रहते हैं.
टॉप फ्लोर पर कैसे राहत पा सकते हैं?
जो लोग मकान की सबसे ऊपरी मंजिल यानी टॉप फ्लोर पर रहते हैं, उनके घर की छत दिनभर धूप में तपती है और वही गर्मी नीचे कमरे के फर्श को भट्टी बना देती है. इससे निपटने के लिए एक डबल अटैक प्लान अपनाना चाहिए. हर दिन शाम के वक्त अपनी छत पर साफ पानी का अच्छी तरह से छिड़काव करें ताकि रात को छत की तपन शांत हो जाए. इसके साथ ही घर के कोनों में और फर्श के पास मनी प्लांट, बोन्साई, स्नेक प्लांट या एलोवेरा जैसे इनडोर प्लांट्स सजाएं. ये पौधे हवा में मौजूद अतिरिक्त गर्मी और नमी को सोख लेते हैं, जिससे बिना किसी बिजली खर्च के कमरे का तापमान नेचुरल तरीके से 2 से 3 डिग्री तक कम हो जाता है.
निष्कर्ष:
इस चिलचिलाती गर्मी में भट्टी की तरह तपते फर्श और घर को ठंडा रखने के लिए भारी-भरकम बिजली बिल वाले एसी पर निर्भर रहना ही एकमात्र रास्ता नहीं है. हमारे ये पारंपरिक और स्वदेशी उपाय पूरी तरह से बजट अनुकूल और पर्यावरण के अनुकूल हैं, जिन्हें अपनाकर आप आसानी से अपने घर को एक आरामदायक कूलिंग जोन में बदल सकते हैं.
घर को ठंडा रखने के 5 देसी उपाय:
नमक और पुदीने का पोछा: पानी में सेंधा नमक मिलाने से फर्श की नमी देर तक टिकती है और पुदीना ठंडक का अहसास कराता है.
गीली चादर का पर्दा: खिड़की पर गीली कॉटन की सफेद चादर टांगने से बाहर की गर्म लू तुरंत ठंडी और सुखद हवा में बदल जाती है.
स्मार्ट टाइमिंग लॉक: सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक घर को बंद रखें ताकि अंदर की कूलिंग बाहर न जाए और दोपहर की लू अंदर न आए.
खाली और नग्न फर्श: गर्मियों में हैवी कालीन और रग्स को हटा दें क्योंकि वे गर्मी सोखते हैं, इनकी जगह ठंडी बांस की चटाई बिछाएं.
छत पर छिड़काव और पौधे: शाम को छत पर पानी डालने से रात की तपन मरती है, और इनडोर प्लांट्स कमरे की गर्मी को नेचुरल तरीके से सोखते हैं.
Home Cooling Tips: गर्मियों के मौसम में सूरज की चिलचिलाती धूप और बढ़ते तापमान के कारण न केवल हवा बल्कि हमारे घरों का फर्श भी भट्टी की तरह तपने लगता है. दोपहर के समय घर के अंदर नंगे पैर चलना किसी बड़ी सजा जैसा लगने लगता है. इस भीषण तपिश से बचने और बिना भारी-भरकम बिजली बिल के अपने आशियाने को कूल रखने का सबसे सही उपाय छुपा है हमारे पारंपरिक देसी नुस्खों में. पोछे के पानी में सेंधा नमक और पुदीने का तेल मिलाने, खस या गीली चादर का उपयोग करने, सही समय पर क्रॉस वेंटिलेशन करने और कालीन हटाने जैसे आसान उपायों से घर का फर्श बिल्कुल ठंडा और आरामदायक बना रहता है.
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पोछे के पानी में कौन सी ‘सीक्रेट’ चीज मिलानी चाहिए?
अक्सर लोग गर्मियों में केवल सादे पानी से पोछा लगाते हैं, लेकिन वह पानी चंद सेकंड में ही सूख जाता है और फर्श दोबारा गर्म हो जाता है. इसका सबसे बेहतरीन वैज्ञानिक उपाय यह है कि पोछे के पानी में आधा कप सेंधा नमक और कुछ बूंदें पुदीने के तेल (Peppermint Oil) या खस के अर्क की मिला देनी चाहिए. नमक की मौजूदगी के कारण पानी का वाष्पीकरण यानी इवेपोरेशन बहुत जल्दी नहीं होता है, जिससे फर्श पर लंबे समय तक नमी और बेहतरीन ठंडक लॉक रहती है. इसके साथ ही पुदीने की प्राकृतिक खुशबू पूरे घर में एक बेहद रिफ्रेशिंग और कूलिंग अहसास जगाए रखती है. दोपहर के पीक ऑवर्स में दो बार इस तरह पोछा लगाना सबसे बेस्ट माना जाता है.
खस की टट्टियां या गीली सफेद सूती चादर का नुस्खा
यह हमारे बुजुर्गों के जमाने का एक बेहद ही असरदार और आजमाया हुआ प्राकृतिक नुस्खा है. अगर आपके घर में कुछ ऐसी खिड़कियां या बालकनी के दरवाजे हैं जहां से दोपहर की सीधी और तेज धूप सीधे कमरे के अंदर प्रवेश करती है, तो आपको वहां खस के पर्दे (टट्टियां) लटकाकर उन पर पानी का छिड़काव करना चाहिए. अगर आपके पास खस उपलब्ध नहीं है, तो आप किसी भी मोटी सूती (कॉटन) सफेद चादर को पानी में अच्छी तरह गीला करके खिड़की पर टांग सकते हैं. जब बाहर से आने वाली गर्म और झुलसाने वाली लू इस गीली चादर या खस से टकराकर अंदर आएगी, तो वह बिल्कुल नेचुरल एसी की तरह ठंडी हवा में बदल जाएगी, जिससे फर्श तक हीट पहुंच ही नहीं पाएगी.
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क्रॉस वेंटिलेशन का सही समय क्या है?
अक्सर लोग गर्मी से परेशान होकर दिनभर अपने घर की खिड़कियां और दरवाजे खुले छोड़ देते हैं, जो कि सबसे बड़ी भूल है. दोपहर के समय चलने वाली गर्म हवाएं आपके घर के अंदर घुसकर फर्श और दीवारों को और ज्यादा तपा देती हैं. इसका सही नियम यह है कि सुबह 8 बजे से पहले और शाम को 7 बजे के बाद जब बाहर का वातावरण ठंडा हो, तब घर की सभी खिड़कियां खोल दें ताकि फ्रेश हवा अंदर आ सके. लेकिन सुबह 9 बजते ही आपको घर को पूरी तरह पैक कर देना चाहिए और भारी पर्दे गिरा देने चाहिए. ऐसा करने से दिनभर घर के अंदर की ठंडी हवा अंदर ही लॉक रहेगी और बाहर की गर्मी प्रवेश नहीं कर पाएगी.
फर्श से कालीन और हैवी रग्स को हटाना क्यों जरूरी है?
सर्दियों के दिनों में जो आलीशान कालीन, दरियां और मोटे मखमली मैट हमारे पैरों को गर्माहट और आराम देते हैं, गर्मियों में वही चीजें घर के लिए सबसे बड़ी दुश्मन बन जाती हैं. ये हैवी रग्स घर के अंदर की हीट को ट्रैप यानी गर्मी को सोखने का काम करते हैं. इसलिए गर्मी की शुरुआत होते ही अपने ड्रॉइंग रूम या बेडरूम में बिछे सभी कालीनों को तुरंत समेटकर रख देना चाहिए और फर्श को बिल्कुल खाली रहने देना चाहिए. खाली फर्श हवा के सीधे संपर्क में आने के कारण बहुत जल्दी ठंडा होता है. अगर आपको फर्श पर कुछ बिछाना ही है, तो पारंपरिक बांस की चटाई (Bamboo Mats) या जूट के पतले मैट का उपयोग करें जो पूरी तरह ठंडे रहते हैं.
टॉप फ्लोर पर कैसे राहत पा सकते हैं?
जो लोग मकान की सबसे ऊपरी मंजिल यानी टॉप फ्लोर पर रहते हैं, उनके घर की छत दिनभर धूप में तपती है और वही गर्मी नीचे कमरे के फर्श को भट्टी बना देती है. इससे निपटने के लिए एक डबल अटैक प्लान अपनाना चाहिए. हर दिन शाम के वक्त अपनी छत पर साफ पानी का अच्छी तरह से छिड़काव करें ताकि रात को छत की तपन शांत हो जाए. इसके साथ ही घर के कोनों में और फर्श के पास मनी प्लांट, बोन्साई, स्नेक प्लांट या एलोवेरा जैसे इनडोर प्लांट्स सजाएं. ये पौधे हवा में मौजूद अतिरिक्त गर्मी और नमी को सोख लेते हैं, जिससे बिना किसी बिजली खर्च के कमरे का तापमान नेचुरल तरीके से 2 से 3 डिग्री तक कम हो जाता है.
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निष्कर्ष:
इस चिलचिलाती गर्मी में भट्टी की तरह तपते फर्श और घर को ठंडा रखने के लिए भारी-भरकम बिजली बिल वाले एसी पर निर्भर रहना ही एकमात्र रास्ता नहीं है. हमारे ये पारंपरिक और स्वदेशी उपाय पूरी तरह से बजट अनुकूल और पर्यावरण के अनुकूल हैं, जिन्हें अपनाकर आप आसानी से अपने घर को एक आरामदायक कूलिंग जोन में बदल सकते हैं.
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Frequently Asked Questions
Ans: गर्मियों में फर्श की ठंडक बरकरार रखने के लिए पोछे के पानी में आधा कप सेंधा नमक और कुछ बूंदें पुदीने का तेल (Peppermint Oil) मिलाने की सलाह दी गई है. (विकल्प B सही जवाब है).
Ans: सेंधा नमक पानी के वाष्पीकरण यानी भाप बनने की प्रक्रिया को धीमा कर देता है, जिससे फर्श पर लंबे समय तक नमी और ठंडक बनी रहती है.
Ans: दोपहर की तेज धूप और गर्म लू खुली खिड़कियों से घर के अंदर आकर फर्श और दीवारों को तपा देती है, जिससे अंदर का तापमान बहुत बढ़ जाता है.
Ans: कालीन और मोटे मखमली मैट घर के अंदर की गर्मी को सोखकर उसे अंदर ही रोक लेते हैं (हीट ट्रैप करते हैं), जिससे फर्श ठंडा नहीं हो पाता.
Ans: ये इनडोर पौधे हवा में मौजूद अतिरिक्त गर्मी को सोख लेते हैं और प्राकृतिक रूप से कमरे के तापमान को 2 से 3 डिग्री तक कम करने में मदद करते हैं.