Rice Cooking Hacks: चावल एक ऐसी डिश है, जो लगभग हर भारतीय घर में बनाई जाती है, लेकिन अक्सर लोगों की शिकायत होती है कि चावल अच्छे से बनाने के बाद भी उसके दाने आपस में चिपके-चिपके बनते हैं, कभी चावल बनाते वक्त ज्यादा गल जाते हैं, तो कभी पानी कम-ज्यादा हो जाता है. भारत के अलावा जापान में भी चावल को बहुत चाव से खाया जाता है. जापान में न केवल चावल खाने बल्कि उसकी खुशबू और टेक्सचर पर भी खास ध्यान दिया जाता है. जापान में चावल बनाने के कुछ अलग तरीके इस्तेमाल होते हैं, जो उसे और भी खास बनाते हैं. आइए जानते हैं कि ऐसे कौन से जापानी तरीके हैं, जिनसे चावल बनाने से वो खिले-खिले बनेंगे.
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जापान में चावल पकाना क्यों माना जाता है खास?
जापान में चावल पकाने को इसलिए इतना महत्व दिया जाता है, क्योंकि वहां चावल के टेक्सचर पर खास ध्यान दिया जाता है. यहां तक कि जापान में चावल की किस्म और साथ खाने वाली डिश के हिसाब से उनके बनाने का तरीका भी बदल जाता है. जापान में सिर्फ चावल को पकाना नहीं होता बल्कि ऐसे चावल तैयार करना होता है, जो मुलायम और खिले-खिले हों.
राइस कुकर से चावल पकाने का आसान जापानी तरीका
जापान के ज्यादातर घरों में चावल बनाने के लिए इलेक्ट्रिक राइस कुकर का इस्तेमाल किया जाता है. इलेक्ट्रिक राइस कुकर की खास बात ये है कि इसमें चावल और पानी डालने के बाद मशीन खुद से कुकिंग टाइम और तापमान सेट कर लेती है. कुछ राइस कुकर तो ऐसे आने लगे हैं जो इंडक्शन हीटिंग और प्रेशर कुकिंग जैसी तकनीक का भी इस्तेमाल करते हैं. इस राइस कुकर मशीन की वजह से खुद से गलत समय तक चावल पकाने का झंझट भी खत्म हो जाता है. अगर आपने बचपन में शिन-चैन और डोरेमॉन जैसे कार्टून देखे हैं तो आपने ये राइस कुकर भी जरूर देखा होगा.
डोनाबे में पकाएं तो आएगा अलग स्वाद
जापान में चावल बनाने के लिए डोनाबे का भी काफी इस्तेमाल किया जाता है. डोनाबे एक तरह का जापानी मिट्टी का बर्तन होता है. इसमें चावल को धीमी आंच पर पकाया जाता है, जिसकी वजह से इसमें एक अलग तरह की खुशबू और टेक्सचर आता है. जब मिट्टी के बर्तन में चावल को पकाया जाता है तो उसके ऊपर हल्की कुरकुरी परत जम जाती है, जिसे जापान में ‘ओकागे’ कहा जाता है और जापान में इसे खाना खासतौर पर पसंद किया जाता है.
हागामा में चावल पकाने की पुरानी तकनीक
जापान में हागामा में चावल बनाने का भी अलग ही चलन है. दरअसल, हागामा एक तरह का भारी लोहे का बर्तन होता है. इसमें चावल बनाते समय उन्हें तीन अलग-अलग तापमान पर पकाया जाता है. इसकी वजह से चावल का एक-एक दाना अलग हो जाता है और इससे अच्छा टेक्सचर भी आ जाता है. यह तरीका चावल बनाने के काफी पुराने तरीकों में से एक है.
कमाडो-लकड़ी की आग पर पकता है चावल
कमाडो को जापान में सबसे पुराना चावल पकाने का तरीका माना जाता है. इसमें लकड़ी की आंच को चावल पकाते समय हाथ की मदद से ही कंट्रोल किया जाता है. इस तरीके से चावल तैयार करने से उनमें धुएं की सौंधी खुशबू आती है और स्वाद भी गहरा हो जाता है. इस तरीके से चावल बनाने में सामान्य तरीके से ज्यादा मेहनत लगती है लेकिन ये एक खास कुकिंग का तरीका माना जाता है.
जापानी तरीके के ये 4 नियम घर पर भी अपनाएं
- चावल बनाने से पहले उन्हें अच्छे से धोएं जरूर जिसकी वजह से उनमें जरूरत से ज्यादा स्टार्च हट जाता है, जिससे चावल ज्यादा चिपचिपे नहीं बनते हैं.
- चावल बनाते समय पानी को सही मात्रा में रखें. हमेशा चावल की किस्म के हिसाब से ही उसमें पानी की मात्रा तय करें.
- हमेशा चावल को सीधा पकाने से पहले उन्हें कुछ देर के लिए पानी में भिगोकर रखें ताकि वो ज्यादा सॉफ्ट बनें.
- चावल जब बन जाएं तो उन्हें तुरंत न खोलें कुछ देर के लिए उन्हें ढककर ही छोड़ दें. ऐसा करने से इनका टेक्सचर और भी बेहतर आता है.
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