Why Your Kid Is Hitting Others: आजकल के बच्चों को संभालना काफी मुश्किल हो गया है. बदलती लाइफस्टाइल, मोबाइल और स्क्रीन टाइम, पढ़ाई का दबाव और सोशल मीडिया का असर बच्चों के व्यवहार पर साफ नजर आता है. ऐसे में पेरेंट्स अक्सर बच्चों की परवरिश करते वक्त परेशान रहते हैं और उनके व्यवहार को लगातार समझने की कोशिश करते हैं. कभी बच्चों का जिद्दी होना या कभी छोटी-छोटी बातों पर थप्पड़ मारना कई बार अजीब हो जाता है. ऐसे में पेरेंट्स को डर लगने लगता है कि कहीं उनका बच्चा हिंसक तो नहीं हो गया है, लेकिन ऐसा नहीं है क्योंकि कई रिसर्च के मुताबिक यह व्यवहार मनोवैज्ञानिक का एक हिस्सा है, जिसके बारे में एक्सपर्ट विस्तार से बता रहे हैं.
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बच्चा दूसरों को बार-बार क्यों मारता है? | Why Your Kid Is Hitting Others
क्या बार-बार मारना बदतमीजी है?
बदतमीजी कभी-कभी हो सकती है, लेकिन हर बार ऐसा नहीं हो सकता. ऐसा इसलिए क्योंकि बच्चे का यह व्यवहार अक्सर उनकी उम्र, इमोशन और माहौल से जुड़ा होता है.
3 बड़े मनोवैज्ञानिक कारण
भावना को व्यक्त ना कर पाना- ऐसा अक्सर बच्चा तब करता है जब वह अपनी भावनाओं को व्यक्त नहीं कर पाता है. उनके पास शब्द नहीं होते हैं, लेकिन वह अपनी क्षमता से ज्यादा कुछ करना चाहते हैं. इसलिए उन्हें समझना बहुत जरूरी है.
ध्यान अपनी ओर लेना- बच्चा ऐसा तब करता है जब वह किसी का ध्यान अपनी ओर करना चाहता है. मारने से उन्हें ऐसा लगता है कि अगर वह ऐसा करेंगे तो उन्हें सब कुछ आसानी से मिल जाएगा.
सीमाओं की समझ न होना- बच्चों के पास सीमाओं की समझ नहीं होती है और वे मारने को सही समझते हैं. उन्हें ऐसा करने में मजा आता है और वे अक्सर अपनी बात को कहने के लिए हाथों का सहारा लेते हैं.
कब यह चिंता का संकेत हो सकता है?
- अगर आपका बच्चा बार-बार और जानबूझकर दूसरों को चोट पहुंचा रहा है तो ध्यान देने की जरूरत है.
- बच्चे को समझाने के बाद भी अगर वो ऐसा कर रहा है तो आपको सख्ती करने की जरूरत है.
- अगर बच्चा मारने के साथ-साथ चिल्ला रहा है, चीजें तोड़ रहा है या गुस्सा दिखा रहा है तो यह व्यवहार बिल्कुल भी सही नहीं है.
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