99% पैरेंट्स करते हैं ये गलतियां, बच्चे का कोंफिडेंस हो जाता है कम, चाइल्ड साइकाइट्रिस्ट ने किया एक्सप्लेन

Parenting: साइकाइट्रिस्ट ने बताया कि वो कौन सी गलतियां हैं जिनके कारण माता-पिता जाने-अनजाने में बच्चे के कोंफिडेंस को कम कर देते हैं. साइकाइट्रिस्ट की सलाह है कि इन गलतियों से बचना जरूरी है.

Parenting Mistakes

पैरेटिंग की गलतियां बच्चों को आत्मविश्वासी बनने से रोकती हैं. Image Credit - Pexels

Parenting Mistakes: पैरेंट्स चाहते हैं कि उनके बच्चों को संसार की हर खुशी मिले, हर सफलता उनके कदम चूमे और जीवन में उन्हें वह सब मिले जो वो चाहते हैं. माता-पिता (Parents) बच्चे से प्यार भी बहुत करते हैं. लेकिन, कई बार वे बच्चे की ज्यादा चिंता के चक्कर में उसका फायदा करने के बजाय नुकसान कर बैठते हैं. ऐसे में चाइल्ड साइकाइट्रिस्ट डॉ. गायत्री राठौड़ ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से पोस्ट शेयर करके बताया है कि पैरेंटिंग की वो कौन सी गलतियां हैं जो पैरेंट्स को कभी नहीं करनी चाहिए.

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पैरेंटिंग में ना करें ये गलतियां

साइकाइट्रिस्ट ने बताया कि माता-पिता का औवरप्रोटेक्टिव होना ही उनकी सबसे बड़ी गलती है. मम्मी जूते खोल दो, मम्मी बैग उठा दो, मम्मी ये ले आओ या मम्मी वो लाओ बोलते रहने की आदत बच्चे को लग जाती है. माता-पिता बच्चे की ये सब बातें सुनते हैं और कई बार कर भी देते हैं प्यार से. लेकिन, पैरेंट्स को यह समझना बहुत जरूरी है कि अगर वे यह सबकुछ पहले ही कर देंगे तो वो माता-पिता पर ही निर्भर रहने लगेंगे.

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बच्चे को इंडिपेंडेंट बनाने के लिए उसे खुद से पहले सबकुछ ट्राई कर दें. जब बच्चे खुद से चीजें करते हैं तो वे अपनी गलतियों से सीखते हैं. इससे बच्चे में कोंफिडेंस आता है. छोटे बच्चे का खुद से जूते पहनना, अपना बैग खुद पैक करना जैसी छोटी-छोटी चीजें बच्चे में धीरे-धीरे कोंफिडेंस बढ़ाती हैं.

बच्चे की हेल्प कब करें

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साइकाइट्रिस्ट की सलाह है कि बच्चे की हेल्प तब करनी चाहिए जब बच्चे को सचमुच जरूरत हो. लेकिन, पहले बच्चे को ट्राई करने दें. पैरेंट्स के यही छोटे-छोटे स्टेप्स बच्चे को कोंफिडेंट और सेक्योर अडल्ट्स बनाते हैं.

इन गलतियों से भी बचें

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  • बच्चे की दूसरे बच्चों से तुलना ना करें.
  • बच्चे को नजरअंदाज ना करें.
  • बच्चे की भावनाओं का सम्मान करें.
  • बच्चे से बात करें और उसकी बात सुनें.
  • बच्चे के साथ क्वालिटी टाइम बिताएं.
  • हेलिकोप्टर पैरेंट ना बनें और बच्चे को जरूरी स्वतंत्रता दें.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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