Who is ACP Monika Shukla : भोपाल में किसान आंदोलन के दौरान संयुक्त किसान मोर्चा के उग्र प्रदर्शनकारियों ने जब बैरिकेड के रूप में खड़ी एक बस को धक्का देकर आगे बढ़ाने की कोशिश की तो एक महिला अधिकारी की बहादुरी का साहसी दृश्य देखने को मिला. मौके पर तैनात ACP मोनिका शुक्ला बिना किसी हिचकिचाहट के बिना ड्राइवर के आगे बढ़ रही बस के ठीक सामने निडर होकर खड़ी हो गईं और उन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए बिना ड्राइवर के आगे बढ़ रही एक बस को अपने हाथों से रोककर बड़ा हादसा होने से टाल दिया. इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग उनकी निडरता की जमकर तारीफ कर रहे हैं.
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2009 में बनी थीं IPS अधिकारी
मोनिका शुक्ला मध्य प्रदेश कैडर की एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी हैं. अपने लंबे और बेदाग पुलिस करियर में बेहतरीन सेवाओं के बाद वर्ष 2009 में उन्हें भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में प्रमोट किया गया था. वह मध्य प्रदेश के कई जिलों में बतौर SP तैनात रह चुकी हैं और कानून-व्यवस्था को सख्ती से लागू कराने के लिए जानी जाती हैं. उनके पति शशिकांत शुक्ला भी IPS अधिकारी हैं और पुलिस विभाग में कई अहम जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं.
कर्तव्यनिष्ठा और निडरता की मिसाल
पुलिस महकमे में मोनिका शुक्ला की पहचान एक बेहद निडर और त्वरित निर्णय लेने वाली अफसर के रूप में होती है. यह पहला मौका नहीं है जब उन्होंने खतरे के बीच आगे बढ़कर कमान संभाली हो. इससे पहले भी करीब एक दशक पूर्व भोपाल के काजी कैंप इलाके में जब एक सड़क हादसे के बाद उग्र भीड़ ने हंगामा शुरू किया था, तब वह अकेले ही जीप लेकर उपद्रवियों के बीच पहुंच गई थीं और स्थिति पर काबू पाया था.
किसान प्रदर्शन में पेश की मिसाल
भोपाल में प्रदर्शन के दौरान जब बिना ड्राइवर की बस भीड़ की तरफ बढ़ने लगी तो मोनिका शुक्ला ने सेकंडों में फैसला लिया. वह भागकर बस के आगे खड़ी हो गईं और पूरी ताकत से उसे रोककर रखा, जिससे मौके पर मौजूद कई लोगों की जान बच गई. उनकी इसी त्वरित सूझबूझ और साहस की वजह से आज पूरा देश उन्हें सलाम कर रहा है.
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