Madhya Pradesh farmers protest : मध्य प्रदेश में मूंग की सरकारी खरीद और खाद वितरण व्यवस्था को लेकर सरकार और किसान संगठनों के बीच गतिरोध बना हुआ है. मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर कृषि मंत्री ऐंदल सिंह कंसाना, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग और राज्य मंत्री कृष्णा गौर के मंत्री समूह ने 16 किसान संगठनों के साथ करीब तीन घंटे तक अहम बैठक की. बैठक में सरकार ने किसानों की मांगें पूरी करने के लिए कई बड़े प्रस्ताव रखे, लेकिन बातचीत बेनतीजा रही. किसानों ने इन प्रस्तावों को ‘लॉलीपॉप’ बताते हुए प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया है. इसके बाद देर रात पुलिस और प्रदर्शनकारी किसानों के बीच हल्की झड़प भी देखने को मिली.
सरकार ने बैठक में दिए ये बड़े ऑफर
- मूंग खरीद की सीमा बढ़ी : सरकार ने अब प्रति किसान मूंग खरीद की सीमा 25 फीसदी से बढ़ाकर 60 फीसदी करने का फैसला लिया है. नर्मदापुरम, सीहोर और हरदा जैसे जिलों में यह सीमा लगभग 3 क्विंटल प्रति एकड़ बैठती है.
- स्लॉट बुकिंग और खरीद की तारीख बढ़ी : किसानों की सुविधा के लिए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 30 जुलाई से बढ़ाकर 10 अगस्त कर दी गई है. वहीं, मूंग खरीद की आखिरी तारीख 10 अगस्त से बढ़ाकर 20 अगस्त तय की गई है.
- खाद ई-टोकन व्यवस्था स्थगित : खाद वितरण में आ रही दिक्कतों को देखते हुए ई-टोकन व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है. कृषि मंत्री ऐंदल सिंह कंसाना के अनुसार, कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में बनी उच्चस्तरीय समिति की रिपोर्ट आने तक यह व्यवस्था स्थगित रहेगी.
किसान क्यों नहीं हुए संतुष्ट?
सरकार के इन तमाम आश्वासनों के बावजूद किसान संगठन 100 फीसदी मूंग खरीद की मांग पर अड़े हैं. किसानों का तर्क है कि प्रति एकड़ औसतन 4 से 5 क्विंटल मूंग की उपज होती है. सरकार प्रति क्विंटल 8,668 रुपये की MSP दर से सीमित मात्रा ही खरीद रही है. इसकी वजह से किसानों को बाकी बची 3 से 4 क्विंटल मूंग खुले बाजार (मंडी) में मजबूरीवश 4,000 से 5,500 रुपये प्रति क्विंटल के कम दाम पर बेचनी पड़ रही है. इससे उन्हें प्रति क्विंटल 3,000 से 4,000 रुपये का सीधा नुकसान उठाना पड़ रहा है. यही वजह है कि सरकारी ऑफर के बाद भी आंदोलन खत्म करने पर सस्पेंस बना हुआ है.