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इस क्रिकेट अंपायर का चाकू गोदकर हत्या, रन आउट को लेकर बहस ने छीन ली जिंदगी

Umpire's Murder: क्रिकेट को जेंटलमैन गेम कहा जाता है, लेकिन कई बार कुछ लोग इस खूबसूरत खेल को हिंसक बनाने से गुरेज नहीं करते. आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम के एक लोकल मैच के बाद दिल दहलाने वाली घटना घटी.

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Umpire Killed After Dispute Over Run Out Call: आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एक लोकल क्रिकेट टूर्नामेंट का दुखद अंत हुआ, जब 5 अप्रैल की रात रन-आउट के एक फैसले को लेकर हुई हिंसक झड़प में 21 साल के एक अंपायर की जान चली गई. इस चौंकाने वाली घटना से क्रिकेट जगत में हलचल मच गई है और स्थानीय खेल आयोजनों में सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं.

क्या है पूरा वाक्या?

डोला अजित बाबू अपने साथी अंपायर बुडुमुरी चिरंजीवी के साथ मैच में अंपायरिंग कर रहे थे, तभी रन-आउट के एक विवादित फैसले को लेकर खिलाड़ियों के बीच तनाव बढ़ गया. पुलिस के मुताबिक, दोनों अंपायरों ने शुरू में दखल दिया और मैदान पर स्थिति को शांत करने में कामयाब रहे, जिससे मैच बिना किसी और रुकावट के पूरा हो सका. हालांकि ये मामला यहीं खत्म नहीं हुआ और कुछ ही देर बाद यह और बढ़ गया.

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पुलिस का बयान

सर्किल इंस्पेक्टर मल्लेश्वरा राव ने बताया कि मैच खत्म होने के बाद हालात फिर से कैसे बिगड़ गए. राव ने कहा, ‘अजित बाबू और चिरंजीवी ने दखल दिया और मैदान पर मामला सुलझा लिया था. लेकिन दर्शकों में से एक किशोर नाम का शख्स गुस्सा हो गया और उसने अंपायरों और खिलाड़ियों को गालियां देना शुरू कर दिया.’ अधिकारियों ने बाद में आरोपी की पहचान 26 साल के कांता किशोर के तौर पर की, जो एक दर्शक के तौर पर वहां मौजूद था और मैच में सीधे तौर पर शामिल नहीं था.

जानलेवा बनी बहस

पुलिस ने बताया कि मैच खत्म होने के बाद किशोर ने कथित तौर पर अंपायरों को किसी दूसरी जगह पर ‘मामला सुलझाने’ के लिए बुलाया. जब अजित बाबू, चिरंजीवी और अन्य लोग उस जगह पर पहुंचे, तो उनके बीच फिर से बहस शुरू हो गई. ये टकराव जल्द ही हिंसक रूप ले गया. राव ने कहा, ‘जैसे ही वो उस जगह पर पहुंचे, उनके बीच फिर से बहस शुरू हो गई. किशोर ने अचानक अपनी जेब से चाकू निकाला और दोनों अंपायरों पर हमला कर दिया.’

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चाकू से वार

अजित बाबू के सीने में चाकू लगा और वो वहीं गिर पड़े, जबकि चिरंजीवी और एक अन्य शख्स को बीच-बचाव करने की कोशिश में चोटें आईं. पीड़ित के परिवार ने आरोप लगाया कि किशोर ने पहले भी आक्रामक व्यवहार किया था और बाद में नशे की हालत में वापस आया था. उस खौफनाक पल को याद करते हुए अजित बाबू के भाई ने कहा, ‘वो चिल्लाने और बहस करने लगा. अचानक उसने अपनी जेब से चाकू निकाला और डोला अजित के सीने में घोंप दिया.’

नहीं रहे अंपायर

उसे बचाने की तमाम कोशिशों के बावजूद, अजित बाबू ने अपनी चोटों के कारण दम तोड़ दिया. ‘हमने किशोर को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह भाग गया. हम अजित बाबू को VIMS अस्पताल ले गए, लेकिन वहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं थे, इसलिए हम उन्हें अपोलो अस्पताल ले गए. रात करीब 8:15 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.’ पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है, और आरोपी को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान जारी है, जो अभी भी फरार है.

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First published on: Apr 08, 2026 07:25 PM

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