Bihar Cabinet decisions: बिहार सरकार ने राज्य के विकास और जल संरक्षण को लेकर कई बड़े फैसले लिए हैं. मंगलवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 17 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई. इस बैठक में गया जी के विष्णुपद मंदिर के कायाकल्प, सोन-फल्गु नदी को जोड़ने की योजना और नई गाद प्रबंधन नीति को सबसे प्रमुखता से मंजूरी दी गई. मखाना विकास योजना हेतु 89 करोड़ रुपए की राशि की स्वीकृति दी गई है. इससे मखाना उत्पादन, बीज उत्पादन, अनुसंधान, बाजार की व्यवस्था आदि में काफी लाभ होगा. कैबिनेट बैठक के बाद मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने सूचना भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इन फैसलों की जानकारी साझा की.
‘2030 से पहले खत्म होगा बिहार से पलायन’, सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा दावा
काशी विश्वनाथ की तर्ज पर बदलेगा विष्णुपद मंदिर का स्वरूप
गया जी स्थित प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर क्षेत्र का समग्र विकास अब काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के मॉडल पर किया जाएगा. सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 2,520 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी है. इस योजना के तहत मंदिर परिसर का नए सिरे से पुनर्विकास होगा. श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए मल्टीलेवल पार्किंग, एलीवेटेड रोड, नए घाट, डोरमेट्री, कैंटीन, पैदल पुल और आधुनिक सार्वजनिक सुविधाओं का निर्माण कराया जाएगा.
सोन-फल्गु लिंक प्रोजेक्ट को 996 करोड़ की मंजूरी
जल संकट से निपटने और फल्गु नदी में पानी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना को हरी झंडी मिली है. इसके लिए 996.05 करोड़ रुपये का बजट पास किया गया है. योजना के तहत सोन नदी का पानी उत्तर कोयल नहर के जरिए फल्गु नदी तक पहुंचाया जाएगा. साथ ही, मोरहर नदी पर लगभग 10 मिलियन घन मीटर क्षमता का एक कृत्रिम जलाशय भी तैयार किया जाएगा.
जलस्रोत पुनर्स्थापन और गाद प्रबंधन नीति 2026 लागू
जलवायु परिवर्तन, अनियमित बारिश और गिरते जलस्तर की चुनौतियों को देखते हुए सरकार ने ‘बिहार जलस्रोत पुनर्स्थापन एवं गाद प्रबंधन नीति, 2026’ को स्वीकृति दी है. इस नीति का मुख्य मकसद नदियों, बराजों और जलाशयों से भारी मात्रा में जमी गाद (सिल्ट) को बाहर निकालना है, ताकि उनकी जल भंडारण और बहाव क्षमता पहले जैसी हो सके. निकाली गई गाद का उपयोग सड़क, रेलवे, सिंचाई, बाढ़ सुरक्षा और निर्माण कार्यों में भराई (फिलिंग) के लिए किया जाएगा. इससे निर्माण कार्यों में उपजाऊ मिट्टी की बर्बादी रुकेगी और पर्यावरण को भी लाभ पहुंचेगा.
संबंधित खबरें
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच तेहरान में जुटे 'मक्का पैक्ट' के दिग्गज
21 mins agoजामिया में बवाल के बाद बड़ा फैसला, दिवाली तक ऑनलाइन चलेंगी कक्षाएं
50 mins agoकौन हैं BJP MLC देवेंद्र प्रताप? जिनकी शिकायत पर EC ने ऑर्ब्जवर को हटाया
2 hrs agoएनटीए ने जारी किया संशोधित एग्जाम कैलेंडर, जानें अपनी परीक्षा की तारीख
6 hrs agoअनंत सिंह के खिलाफ एक और बड़ा एक्शन, पार्टी-विधायकी के बाद छिनेगा सरकारी घर
6 hrs ago27 अक्टूबर को लगेगा EPFO का स्पेशल कैंप, ऑन-द-स्पॉट सुलझेंगी PF की शिकायतें
7 hrs ago1 नवंबर से लागू होंगे ये बदलाव, आपकी जेब और सफर पर पड़ेगा असर
8 hrs agoअब काउंटर टिकट पर भी मिलेगा 10 लाख रुपये का बीमा, कल से लागू होगा नया नियम
9 hrs ago1 नवंबर से बदल रहा है रामलला के दर्शन का समय, देखें नया शेड्यूल
9 hrs agoसोने-चांदी के दाम गिरे, चांदी 2 लाख से नीचे आई; जानें सोने का ताजा भाव
10 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines