सांस फूलना कौन सी बीमारी का संकेत है? जानिए क्यों सांस लेने में होने लगती है परेशानी, कब नहीं करना चाहिए इग्नोर

Shortness Of Breath: नेशनल हेल्थ सर्विस, यूके ने बताया सांस लेने में होने वाली दिक्कत किस बीमारी का लक्षण हो सकती है, कब यह दिक्कत गंभीर होती है और किस स्थिति में डॉक्टर से तुरंत मिलना जरूरी है.

Shortness of breath Causes

सांस लेने में दिक्कत होना कब गंभीर हो जाता है, जानिए यहां. AI Generated Image

Breathing Problem: सांस लेने में दिक्कत होना ऐसी समस्या है जिसे हल्के में नहीं लेना चाहिए. सांस लेने में परेशानी होने पर ऐसा महसूस होता है कि फेफड़ों को पर्याप्त हवा नहीं मिल पा रही है. ऐसा लगता है जैसे छाती में जकड़न हो रही है, आप हांफने लगते हैं और सांस लेने के लिए सामान्य से ज्यादा मेहनत लगती है. ऐसे में नेशनल हेल्थ सर्विस, यूके ने अपनी ऑफिशियल वेबसाइट से बताया है कि सांस लेने में दिक्कत (Shortness Of Breath) होना कब गंभीरता से लेना चाहिए और सांस लेने में परेशानी होना किस बीमारी का लक्षण हो सकता है. अगर आपको भी सांस लेने में परेशानी होती है तो यहां दी जानकारी आपके लिए ही है.

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सांस फूलना किस बीमारी का लक्षण हो सकता है

सांस फूलने के कुछ साधारण कारण हैं – अस्थमा, छाती का इंफेक्शन, वजन ज्यादा होना, धूम्रपान करना या पैनिक अटैक आना.

कई बार सांस फूलना गंभीर समस्या का लक्षण भी हो सकता है, जैसे फेफड़ों की बीमारी (Lung Disease) क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज. इसके अलावा, इडियोपेथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस, हार्ट फेलियर या फेफड़ों के कैंसर में भी सांस फूलने की दिक्कत होती है.

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डॉक्टर से कब करना चाहिए संपर्क

अगर आपको अक्सर ही सांस फूलने की दिक्कत होती है, लेटते समय या नॉर्मल एक्टिविटी के बाद भी सांस फूलती है, पैरों में सूजन नजर आती है और 3 हफ्तों से ज्यादा खांसी हो रही है, तो डॉक्टर से मिलकर जांच करवानी चाहिए.

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सांस फूलना कब नहीं करना चाहिए इग्नोर

  • अगर आपको सांस लेने में दिक्कत होती है, गला रुंधने लगता है या फिर मुंह से शब्द नहीं निकलते हैं
  • छाती टाइट और भारी महसूस होती है
  • दर्द होता है जो हाथों, पीठ, गर्दन और जबड़ों तक फैल सकता है
  • सांस फूलने के साथ ही होंठों की त्वचा पीली, नीली या ग्रे पड़ने लगती है, हथेली का रंग भी बदलने लगता है
  • एकदम से कंफ्यूज्ड महसूस होने लगता है.

इस स्थिति में तुरंत जाएं अस्पताल

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अगर आपको सांस लेने में दिक्कत हो रही है और आम दिनों से ज्यादा सांस फूल रही है, एकदम से बीमार महसूस होता है, खांसते हुए मुंह से खून निकलता है, एक पैर में सूजन या दर्द है या दिल की धड़कन कम या ज्यादा हो रही है तो तुरंत अस्पताल जाएं.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

Sources - NHS

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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