---विज्ञापन---

नॉलेज angle-right

ISRO में इस्तीफे और VRS पर रोक, गगनयान मिशन के बीच क्यों लगा बैन? जानें इनसाइड स्टोरी

ISRO VRS Resignation Ban: गगनयान जैसे मिशनों के बीच इसरो ने वैज्ञानिकों के इस्तीफे और VRS पर रोक लगाई है. जानें ब्रेन ड्रेन का कारण, प्राइवेट स्पेस सेक्टर और पूरा मामला.

---विज्ञापन---

ISRO VRS Resignation Ban: भारत सरकार के अंतरिक्ष विभाग ने इसरो (ISRO) के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के इस्तीफे और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) पर कड़ा नियंत्रण लगा दिया है. अब कोई भी इसरो केंद्र सीधे इस्तीफा स्वीकार नहीं कर सकेगा, बल्कि हर आवेदन को अंतिम फैसले के लिए सीधे अंतरिक्ष विभाग के पास भेजा जाएगा. गगनयान जैसे अति-संवेदनशील राष्ट्रीय अंतरिक्ष मिशनों को कार्यबल की कमी और टैलेंट ड्रेन से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है.

ISRO से अब तक 100 से ज्यादा वैज्ञानिकों ने दिया इस्तीफा, केंद्र सरकार को करना पड़ा हस्तक्षेप; क्या है पूरा मामला?

---विज्ञापन---

क्या बदला है इसरो के नियमों में?

अंतरिक्ष विभाग द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार, गगनयान और अन्य रणनीतिक परियोजनाओं से जुड़े वैज्ञानिकों का इस्तीफा या वीआरएस अर्जियां निचले स्तर पर प्रोसेस नहीं होंगी. सरकार ने माना है कि महत्वपूर्ण मिशनों के बीच अनुभवी मानव संसाधन का संस्थान छोड़ना परियोजनाओं की समयसीमा और गुणवत्ता को प्रभावित कर रहा है. अब यदि कोई वरिष्ठ या कुशल इंजीनियर पद छोड़ना चाहता है तो उसकी फाइल केवल उच्चस्तरीय समीक्षा के बाद ही आगे बढ़ेगी. इस प्रशासनिक फैसले का मुख्य मकसद इसरो की रीढ़ माने जाने वाले अनुभवी वैज्ञानिकों को अचानक संस्थान छोड़ने से रोकना है.

क्या है ‘तृष्णा मिशन’ जो भारत और फ्रांस मिलकर करेंगे लॉन्च, PM मोदी ने पेरिस में किया था ऐलान

---विज्ञापन---

इसरो से क्यों इस्तीफा दे रहे हैं युवा वैज्ञानिक?

एक समय भारत के सबसे प्रतिभाशाली युवाओं का सपना इसरो में काम करना होता था. हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में निजी एयरोस्पेस क्षेत्र के विस्तार के कारण परिदृश्य तेजी से बदला है. भारत सरकार ने देश में निजी अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने के लिए IN-SPACe की स्थापना की. इसके बाद एयरोस्पेस क्षेत्र में स्काईरूट एयरोस्पेस और अग्निकुल कॉस्मॉस जैसे कई नए स्टार्टअप उभरकर आए हैं.
इन कंपनियों को अपने रॉकेट और उपग्रह बनाने के लिए बेहद कुशल वर्कफ़ोर्स की आवश्यकता है. इसरो के प्रशिक्षित वैज्ञानिकों के पास जो व्यावहारिक अनुभव है, वह किसी भी प्राइवेट स्टार्टअप के लिए अमूल्य है. नतीजतन, ये कंपनियां इसरो के अनुभवी पेशेवरों को आकर्षक पैकेज देकर अपने साथ जोड़ रही हैं.

गगनयान मिशन और रणनीतिक चुनौतियां

गगनयान भारत का पहला मानव युक्त अंतरिक्ष मिशन है, जिसमें भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित कक्षा में भेजकर वापस लाना शामिल है. इस मिशन में शून्य-त्रुटि की आवश्यकता होती है. केवल प्रशासनिक प्रतिबंधों से वैज्ञानिकों को लंबे समय तक रोकना संभव नहीं है. प्रतिभा को बनाए रखने के लिए इसरो को प्रतिस्पर्धी प्रोत्साहन, अनुसंधान की अधिक स्वतंत्रता और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने की आवश्यकता है.

---विज्ञापन---

चंद्रयान-2 की बड़ी खोज, चांद की सतह के नीचे मौजूद है ‘जीवन’ की बेहद जरूरी चीज; वैज्ञानिक भी हैरान

First published on: Jul 16, 2026 04:47 PM

End of Article

About the Author

Vijay Jain

विजय जैन भारतीय मीडिया जगत का एक विश्वसनीय और प्रतिष्ठित नाम हैं. वर्तमान में न्यूज 24 में सीनियर न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत विजय को प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में 23 से अधिक वर्षों का लंबा और समृद्ध अनुभव है. राजनीति, चुनाव, बिजनेस, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसी हर प्रमुख बीट पर मजबूत पकड़ रखने वाले विजय अपनी निष्पक्ष और सटीक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. पत्रकारिता में उनके अद्वितीय योगदान और नैतिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए उन्हें साल 2018 में प्रतिष्ठित 'नेशनल श्रीफल अवार्ड' से सम्मानित किया गया था. डिजिटल दौर में वे ट्रेडिशनल जर्नलिज्म के अनुभवों को न्यू-एज मीडिया और SEO स्ट्रेटेजी के साथ जोड़कर खबरों को नया आयाम दे रहे हैं.

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola