Add News24 as a Preferred Source Add news 24 as a Preferred Source

---विज्ञापन---

Information

भाजपा का एजेंडा चलाने के लिए स्पीकर ने फॉरेंसिक रिपोर्ट छुपाकर राजनैतिक बयानबाजी की- अनुराग ढांडा

आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि दिल्ली विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने फॉरेंसिक रिपोर्ट छुपाकर भाजपा के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए राजनीतिक बयानबाज़ी की. आप नेता अनुराग ढांडा ने कहा कि दोनों फॉरेंसिक रिपोर्ट से साफ है कि आतिशी ने “गुरु” शब्द का इस्तेमाल नहीं किया. उन्होंने मांग की कि गुरुओं की बेअदबी करने वाले कपिल मिश्रा को तुरंत बर्खास्त किया जाए और फॉरेंसिक रिपोर्ट को सार्वजनिक कर जालंधर कोर्ट में पेश किया जाए.

Author
Edited By : Palak Saxena Updated: Jan 18, 2026 10:12

आम आदमी पार्टी ने दिल्ली विधानभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता द्वारा फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट को विशेषाधिकार समिति को भेजने के बजाय प्रेसवार्ता कर उसका राजनीतिक इस्तेमाल करने पर कड़ी आपत्ति जताई है. ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने कहा कि स्पीकर ने भाजपा का एजेंडा चलाने के लिए विधानसभा की मर्यादा का अपमान किया है. जब स्पीकर ने अपना राजनीतिक फैसला दे ही दिया है तो अब विशेषाधिकार समिति में इसे भेजने का क्या फायादा होगा? अगर स्पीकर को विधानसभा की मर्यादा का ख्याल है तो इस रिपोर्ट को सार्वजनिक और जालंधर कोर्ट में पेश करें. उन्होंने कहा कि जालंधर कोर्ट में पेश रिपोर्ट और दिल्ली की रिपोर्ट में एक ही बात कही गई है कि आतिशी ने कहीं भी ‘‘गुरु’’ शब्द का इस्तेमाल नहीं हुआ.

शनिवार को “आप” मुख्यालय पर प्रेस वार्ता कर अनुराग ढांडा ने कहा कि दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने खुद दिल्ली विधानसभा की मर्यादा को भंग किया है. यह एक तरह से दिल्ली के चुने हुए प्रतिनिधियों की सबसे बड़ी सभा, दिल्ली विधानसभा का भी अपमान है, जो भाजपा का एजेंडा चलाने के चक्कर में खुद स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने किया है. प्रिविलेज कमेटी को फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट भेजने की बजाय स्पीकर ने उसे तोड़-मरोड़ कर उसका राजनीतिक इस्तेमाल करने के लिए मीडिया के सामने प्रस्तुत किया.

---विज्ञापन---

अनुराग ढांडा ने कहा कि यह सर्वविदित है कि विधानसभा की प्रिविलेज कमेटी स्पीकर के अधीन आती है. स्पीकर ने फॉरेंसिक रिपोर्ट से क्या निष्कर्ष निकाला, वह अपना राजनीतिक मत पहले ही प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए बता कर चले गए. ऐसे में जो कमेटी उनके अधीन आती है, अब वह उस पर क्या कार्रवाई करेगी, जब स्पीकर पहले ही अपना निर्णय दे चुके हैं? यह लगभग उसी प्रकार है जैसे कोई जज पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस करके फैसला सुना दे और उसके बाद कहे कि आओ अब इस पर एक सुनवाई कर लेते हैं.

अनुराग ढांडा ने कहा कि स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने खुद विधानसभा की मर्यादा को भंग करते हुए एक फॉरेंसिक रिपोर्ट प्रस्तुत की और उसे अपने तरीके से तोड़-मरोड़कर उसका राजनीतिक इस्तेमाल करने की कोशिश की. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि भाजपा बौखलाई और घबराई हुई है. भाजपा के मंत्री कपिल मिश्रा ने गुरुओं का अपमान और उनकी बेअदबी करने की हिमाकत की है. भाजपा को इसका अंजाम अच्छे तरीके से पता है. पूरी दुनिया में बैठा सिख समाज देख रहा है कि किस तरीके से भाजपा ने अपनी राजनीति के चक्कर में गुरुओं की मर्यादा के साथ खिलवाड़ करने की हिमाकत की है. इसका सबक सिख समाज जहां भी मौका मिलेगा, भाजपा को अच्छे तरीके से सिखाएगा.

---विज्ञापन---

अनुराग ढांडा ने कहा कि स्पीकर ने आज एक फॉरेंसिक रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि ऑडियो और वीडियो असली है. लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि क्या फॉरेंसिक रिपोर्ट में गुरु शब्द की जांच कराई गई थी? क्या उस ऑडियो के अंदर कहीं गुरु शब्द है या नहीं? फॉरेंसिक रिपोर्ट इस बारे में पूरी तरह मौन है. इसका मतलब है कि आम आदमी पार्टी जो शुरू से कह रही है, उसकी तस्दीक हो गई है कि आतिशी ने अपने वक्तव्य के दौरान कहीं भी गुरु शब्द का इस्तेमाल नहीं किया.

अनुराग ढांडा ने कहा कि जालंधर कोर्ट में दाखिल की गई फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट स्पष्ट रूप से कहती है कि उस वक्तव्य के अंदर गुरु शब्द का इस्तेमाल नहीं हुआ है. दिल्ली में जो फॉरेंसिक जांच कराई गई, वह भी गुरु शब्द और इस वक्तव्य के बारे में पूरी तरह चुप है. उसमें इसके बारे में कुछ नहीं कहा गया है. इससे यह साबित होता है कि गुरु शब्द का इस्तेमाल हुआ ही नहीं. भाजपा के मंत्री कपिल मिश्रा ने बिना गुरु शब्द का इस्तेमाल हुए, उस वीडियो पर टेक्स्ट लिखकर गुरुओं का अपमान किया और उनकी मर्यादा भंग करने का प्रयास किया.

अनुराग ढांडा ने कहा कि कपिल मिश्रा ने बेअदबी की है और आज स्पीकर विजेंद्र गुप्ता की प्रेस कॉन्फ्रेंस से यह बिल्कुल स्पष्ट हो गया है. कपिल मिश्रा को तुरंत प्रभाव से बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए. यदि ऐसा नहीं किया गया, तो पूरी दुनिया का सिख समाज उन्हें देख रहा है और वह भाजपा को सबक सिखाएगा.

अनुराग ढांडा ने आम आदमी पार्टी की तरफ से मांग की कि अगर स्पीकर को थोड़ा भी विधानसभा की मर्यादा का ख्याल है, तो उन्हें इस रिपोर्ट को, जिसका जिक्र वे अपनी राजनीति के लिए कर रहे थे, तुरंत प्रभाव से सार्वजनिक करना चाहिए. उनका यह तर्क बिल्कुल बेमानी है कि अब वे इस रिपोर्ट को प्रिविलेज कमेटी को सौंपेंगे. जब जजमेंट पहले ही सुना दिया गया है, तो अब सुनवाई के लिए भेजने का क्या अर्थ है? जब सार्वजनिक रूप से बात रखी गई है, तो फॉरेंसिक रिपोर्ट को भी तुरंत सार्वजनिक किया जाना चाहिए.

अनुराग ढांडा ने कहा कि जालंधर कोर्ट इस मामले पर सुनवाई कर चुका है और फैसला ले चुका है. तुरंत प्रभाव से यह फॉरेंसिक रिपोर्ट जालंधर कोर्ट में दाखिल की जानी चाहिए, ताकि वहां सुनवाई और चर्चा हो सके और दूध का दूध और पानी का पानी हो सके. यदि भाजपा के पास इससे संबंधित कोई भी तथ्य है, तो कपिल मिश्रा, जो पहले भी दंगे भड़काने के लिए बदनाम हैं, उनके जरिए कोई साजिश रचने की बजाय इस रिपोर्ट को जालंधर कोर्ट में दाखिल करें.

अनुराग ढांडा ने कहा कि इस मामले पर पहले आई रिपोर्ट और अब आई रिपोर्ट, दोनों को मिलाकर वहां निर्णय हो सकता है. इसका निर्णय भाजपा नहीं कर सकती और न ही इसका फैसला भाजपा की अदालत में हो सकता है. इसका निर्णय संविधान की अदालत में होगा. आज की प्रेस वार्ता से स्पीकर ने बिल्कुल स्पष्ट कर दिया कि आतिशी ने गुरु शब्द का इस्तेमाल नहीं किया, बल्कि कपिल मिश्रा ने टेक्स्ट के अंदर गुरु शब्द लिखकर मर्यादा का हनन किया और गुरुओं की बेअदबी की है, जिसके लिए देश के लोग उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे.

First published on: Jan 18, 2026 10:12 AM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.