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परंपरा के आगे ठहरी उड़ानें: पैनकुनी आराट्टू के लिए तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर थमा संचालन

तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर पैनकुनी आराट्टू उत्सव के दौरान रनवे से गुजरी सदियों पुरानी मंदिर शोभायात्रा के लिए उड़ानें अस्थायी रूप से रोकी गईं. यह परंपरा केरल में आस्था और आधुनिक व्यवस्था के अद्भुत संतुलन को दर्शाती है.

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Edited By : Palak Saxena Updated: Apr 3, 2026 12:35

केरल के तिरुवनंतपुरम इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कुछ समय के लिए उड़ानें रोक दी गईं और रनवे खाली कर दिया गया, क्योंकि यहां एक सदियों पुरानी धार्मिक परंपरा निभाई गई. इस खास मौके को देखने के लिए हजारों श्रद्धालु पहुंचे.

यह अवसर श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के वार्षिक पैनकुनी अरट्टू उत्सव का था. यह उत्सव केरल की धार्मिक और शाही परंपराओं से जुड़ा हुआ है. इस दौरान भगवान पद्मनाभस्वामी, नरसिंह मूर्ति और कृष्ण स्वामी की मूर्तियों को मंदिर से लगभग 6 किलोमीटर दूर शांगुमुघम बीच तक शोभायात्रा में ले जाया गया. इस यात्रा का खास हिस्सा यह था कि यह एयरपोर्ट के रनवे से होकर गुजरती है. यह परंपरा पुराने त्रावणकोर राजघराने के समय से चली आ रही है, जिसने 1932 में इस एयरपोर्ट का निर्माण कराया था.

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हाथियों, पारंपरिक वाद्य यंत्रों और शाही परिवार के सदस्यों के साथ यह यात्रा आगे बढ़ी. समुद्र तट पर मूर्तियों का पवित्र स्नान कराया गया और शाम को मशालों की रोशनी में वापसी यात्रा हुई. इस दौरान एयरपोर्ट पर उड़ानें अस्थायी रूप से बंद रहीं. बाद में रनवे की जांच और सफाई के बाद ही उड़ान सेवाएं फिर से शुरू की गईं. एयरपोर्ट का संचालन अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड द्वारा किया जाता है, जिसने मंदिर प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर इस आयोजन को सुरक्षित तरीके से पूरा कराया.

यह परंपरा दिखाती है कि केरल में आधुनिक व्यवस्था और पुरानी संस्कृति एक साथ चलती हैं, जहां विकास के साथ-साथ परंपराओं का भी सम्मान किया जाता है.

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First published on: Apr 03, 2026 12:34 PM

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