संसद में आज का दिन ऐतिहासिक रहा, जहां विपक्षी गठबंधन ‘INDIA’ की एकजुटता ने मोदी सरकार द्वारा लाए गए संशोधन विधेयक को गिरा दिया. राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे संविधान और लोकतंत्र की जीत बताते हुए सरकार पर कड़ा प्रहार किया है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार ने महिलाओं के नाम पर संविधान को तोड़ने के लिए एक असंवैधानिक रास्ता चुना था, लेकिन विपक्ष ने इसे सफल नहीं होने दिया. उन्होंने कहा, “भारत ने देख लिया और ‘INDIA’ ने इसे रोक दिया. जय संविधान.”
प्रियंका गांधी: “खोखला प्रयास हुआ नाकाम”
प्रियंका गांधी ने कड़े शब्दों में कहा कि महिला आरक्षण देश की महिलाओं का हक है, जिसे कोई नहीं रोक सकता. संसद और विधानसभाओं में महिला आरक्षण इस देश की महिलाओं का हक है जो उनको मिलने से कोई नहीं रोक सकता. एक दिन यह हकीकत में परिवर्तित होकर रहेगा. मगर बदनीयती से इसे 2011 की जनगणना और उस पर आधारित परिसीमन से जोड़कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का महिलाओं का मसीहा बनने का खोखला प्रयास आज नाकाम रहा. आज, देश के विपक्ष ने अपनी दृढ़ता और एकजुटता दिखाकर भारत के लोकतंत्र और इसकी अखंडता को अक्षुण्ण रखा है.
भारत की राजनीति में आज का दिन ऐतिहासिक माना जायेगा. आज से इस देश की आवाज़ को दबाने का काम बंद. मैं विपक्ष के सभी सांसदों को दिल से धन्यवाद देती हूं क्योंकि अंतर्मन में हम सब जानते हैं कि अगर ये तीन विधेयक पारित होते तो हमारे देश में लोकतंत्र नहीं बचता. अपनी शक्ति का सही इस्तेमाल करके हमने इस देश को राजनीति से ऊपर रखा है और देश के हित में अपना कर्तव्य निभाया है.
मल्लिकार्जुन खड़गे: “मोदी-शाह की साजिश औंधे मुंह गिरी”
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि मोदी-शाह ने देश की आधी आबादी को ढाल बनाकर संघीय ढांचे और संविधान पर चोट करने की कोशिश की थी. खड़गे ने मांग की कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के तहत महिलाओं को 33% आरक्षण 2029 के चुनावों से ही दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता की असली परीक्षा होगी.
‘INDIA’ गठबंधन ने साफ कर दिया है कि वे संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए किसी भी मोर्चे पर पीछे नहीं हटेंगे.










