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क्या दिल्ली-NCR में बंद होंगे कोयले से चलने वाले उद्योग? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब

दिल्ली-एनसीआर में लंबे समय से चले आ रहे प्रदूषण के कारण लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. वहीं, इस मामले को लेकर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई. वहीं, सुनवाई के दौरान कोर्ट में कई सवाल उठे. यह भी कहा गया कि कोयला आधारित थर्मल पावर प्लांट्स को दिल्ली की सीमा के 300 किलोमीटर दायरे से दूर रखा जाए. जिसे लेकर बेंच ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है.

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Edited By : Versha Singh Updated: Feb 23, 2026 16:15

दिल्ली-एनसीआर में लंबे समय से चले आ रहे प्रदूषण के कारण लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. वहीं, इस मामले को लेकर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई. वहीं, सुनवाई के दौरान कोर्ट में कई सवाल उठे. यह भी कहा गया कि कोयला आधारित थर्मल पावर प्लांट्स को दिल्ली की सीमा के 300 किलोमीटर दायरे से दूर रखा जाए. जिसे लेकर बेंच ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है.

वहीं, इसके अलावा कोर्ट ने यूपी, हरियाणा, राजस्थान को आदेश दिया है कि वे कोयला आधारित उद्योगों को लेकर सार्वजनिक नोटिस जारी करें.

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जिसके बाद बेंच ने केंद्रीय मंत्रालयों से जवाब मांगा है और पूछा है कि इन उद्योंगो को दिल्ली-एनसीआर से बाहर कैसे किया जा सकता है और ऐसा करना संभव है भी या नहीं. सुनवाई के दौरान कोर्ट में दिल्ली-एनसीआर में वाहनों के कारण बढ़ रहे प्रदूषण का मुद्दा भी उठा. बेंच ने कहा कि इसका परीक्षण किए जाने की जरूरत है. वहीं, अब इस मामले की सुनवाई 12 मार्च तय की गई है.

एससी ने संबंधित राज्य सरकारों से यह भी पूछा कि एनसीआर में प्रदूषण को कैसे कम किया जा सकता है.

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SC ने जारी किया कई राज्यों को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और यूपी की सरकारों से कहा कि आप कोयला आधारित उद्योगों से होने वाले प्रदूषण को लेकर सार्वजनिक नोटिस भी जारी करें. वहीं, बेंच ने कहा कि इस पर विचार किए जाने की जरूरत है. वहीं, बेंच ने कहा कि हम 12 मार्च को इस संबंध में चर्चा करेंगे कि वाहनों से एयर पलूशन कितना बढ़ रहा है. मिली जानकारी के अनुसार, कमिशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट CAQM की ओर से बढ़ते प्रदूषण को लेकर एक रिपोर्ट दी गई थी. बेंच ने इसी रिपोर्ट के आधार पर कई राज्य सरकारों से जवाब मांगा है.

क्या एक्शन ले सकते हैंः SC

वहीं, बेंच ने कहा कि हम चाहेंगे कि राज्य सरकारें 12 मार्च तक यह बताएं कि क्या एक्शन लिया जा सकता है. इसके अलावा यह भी बताया जाए कि इन सुझावों पर आपकी राय क्या है.

First published on: Feb 23, 2026 04:15 PM

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