नया खतरा! पोलियो की वैक्सीन से ही हो रहा पोलियो?

Vaccine Derived Polio Case: भारत में 13 साल बाद पोलियो का मामला सामने आने के बाद केंद्र सरकार गंभीर है। नया केस वैक्सीन प्रेरित पोलियो का है। जो दुर्लभ बीमारी है। दो साल के बच्चे के सैंपल लिए गए हैं। सीएम ने मामले को गंभीर बताया है। जिसकी समीक्षा सरकार कर रही है। आपको इस बीमारी से जुड़ी और खास बातें बताते हैं।

Vaccine Derived Polio
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Meghalaya News: मेघालय में दो साल के बच्चे में पोलियो की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर है। वहीं, केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि यह वाइल्ड पोलियो का मामला नहीं है। यह वैक्सीन से प्रेरित मामला है। 2011 के बाद से देश में पोलियो का कोई केस नहीं मिला था। अब पश्चिमी गारो हिल्स जिले के टिकरीकिला के रहने वाले बच्चे में नए मामले की पुष्टि हुई है। केंद्र के अधिकारी के अनुसार यह संक्रमण कम प्रतिरक्षा वाले लोगों को होता है। डब्ल्यूएचओ ने भारत को 2014 में पोलियो मुक्त देश घोषित किया था। मेघालय के सीएम कॉनराड के संगमा ने बताया कि बच्चे में एक सप्ताह से अधिक समय पहले Poliomyelitis के लक्षण दिखे थे।

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बच्चे का असम के गोलपारा के अस्पताल में Acute flaccid paralysis का इलाज किया गया था। अब मेघालय के स्वास्थ्य अधिकारियों ने बच्चे के मल और अन्य सैंपल लिए हैं। जिनको जांच के लिए भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (NIV) के सेंटरों में भेजा गया है। कोलकाता और मुंबई के सेंटरों से रिपोर्ट आएगी। सीएम ने राजधानी शिलांग में पत्रकारों से कहा कि मामला गंभीर है। सरकार इसकी समीक्षा कर रही है। ओरल पोलिया वैक्सीन (OVP) में वायरस कमजोर रूप में होता है। जो शारीरिक प्रतिरक्षा प्रणाली के खिलाफ काम करता है।

कमजोर इम्युनिटी वालों को खतरा ज्यादा

यदि इम्युनिटी कमजोर है तो लंबे समय तक इसका असर रह सकता है। यह जितनी देर बॉडी में रहेगा, उतना ही नुकसान ज्यादा होगा। रेयर केस में लकवा भी मार सकता है। WHO के अनुसार यह Circulating vaccine derived poliovirus है। 2000 से अब तक 300 करोड़ बच्चों को 10 अरब से अधिक ओपीवी खुराक दी जा चुकी है। वहीं, भारत में अब जो नया केस मिला है। ऐसे 24 केस 21 देशों में सामने आ चुके हैं। जिनके खिलाफ उच्च गुणवत्ता वाले 2-3 टीकाकरण अभियान चलाए गए हैं। पोलियो का प्रकोप रोकने के लिए प्रत्येक बच्चे का मौखिक टीकाकरण किए जाने की जरूरत है। अगर बच्चे को बुखार, थकान, दस्त, कब्ज या सिरदर्द के साथ उल्टी हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाने की जरूरत है। यह अल्पकालिक संक्रमण का कारण बन सकता है। नए केस के लिए पोलियो की वैक्सीन ही जिम्मेदार है। एक पोलियो वायरस दूसरे पोलियो वायरस को मारता है। अगर शरीर की इम्युनिटी कम हो, तो यह लंबे समय तक बॉडी में रहता है। इस दौरान कई बार म्यूटेट होने से गंभीर दिक्कत हो सकती है।

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