केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले एक्टिविस्ट तहसीन पूनावाला ने शनिवार को बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि सरकार की E20 पेट्रोल पॉलिसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और भूख हड़ताल से पहले दिल्ली पुलिस ने उन्हें हाउस अरेस्ट कर दिया है. पूनावाला ने शनिवार को सोशल मीडिया पर कई वीडियो पोस्ट किए, जिनमें कई पुलिसकर्मी उनके घर के बाहर नज़र आ रहे हैं. दरअसल, तहसीन पूनावाला ने गडकरी और इथेनॉल मिक्स फ्यूल के खिलाफ अभियान शुरू किया है.
---विज्ञापन---
---विज्ञापन---
क्या बोले पूनावाला?
तहसीन पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया- ''दिल्ली पुलिस की पूरी टीम ने मुझे नज़रबंद कर दिया है, जिसमें महिला अधिकारी भी अधिकारी हैं. नितिन गडकरी इथेनॉल से डरे हुए हैं.'' एक दूसरी वीडियो में एक्टिविस्ट एक पुलिस अधिकारी से पूछते नज़र आ रहे हैं कि उन्हें बिना किसी वॉरेंट के हिरासत में कैसे लिया जा सकता है. पूनावाला पुलिसकर्मी को बोलते हुए सुने गए- ''कोई डॉक्यूमेंट नहीं, कुछ नहीं. मैं हाउस अरेस्ट में हूं. आज़ादी के 15 दिन पहले आप मुझे हिरासत में ले रहे हैं.'' पुलिसवाले ने इसपर उन्हें जवाब दिया कि उनके विरोध प्रदर्शन से लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति बन सकती है और हजारों लोग आपके साथ आने के लिए इकट्ठा हो सकते हैं. पूनावाला ने ये भी दावा किया कि एक पुलिसकर्मी ने उनसे कहा कि वो एक अच्छे इंसान हैं, लेकिन उन्हें हाउस अरेस्ट करने के ऑर्डर ऊपर से आए थे.
---विज्ञापन---
E20 फ्यूल विवाद
दरअसल, शुक्रवार को तहसीन पूनावाला ने ऐलान किया था कि वो E20 फ्यूल के खिलाफ गांधी स्मृति तक अकेले पैदल मार्च, मौन विरोध और भूख हड़ताल करेंगे. एक दूसरी पोस्ट में पूनावाला ने कहा कि वो सिर्फ मौन व्रत और शांतिपूर्ण तरीक से सिर्फ एक दिन के लिए भूख हड़ताल करना चाहते थे. उन्होंने आगे कहा- ''मेरा इंस्टाग्राम अकाउंट सस्पेंड कर दिया गया, मेरे साथ बदसलूकी की और अब नज़रबंद कर दिया, जैसे कि मैं कोई आतंकवादी हूं.'' दरअसल, सरकार ने E20 पेट्रोल लॉन्च किया है, जो 80% पेट्रोल और 20% इथेनॉल का मिक्सचर है. कई लोगों का दावा है कि इसके इस्तेमाल से गाड़ियों का माइलेज कम हुआ है और खर्चा बढ़ गया है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने माना कि E20 से फ्यूल एफिशिएंसी 2-6% तक कम हो सकती है, लेकिन इंजन खराब होने जैसा कोई सबूत नहीं मिला है.
---विज्ञापन---
ये भी पढ़ें: AAP-सपा और भीम आर्मी पर बड़ा एक्शन, तीनों राजनीतिक दलों पर FIR दर्ज, CJP के संसद मार्च में हिंसा भड़काने के आरोप
---विज्ञापन---