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UMEED पोर्टल पर अपलोड नहीं होगी वक्फ संपत्तियों की डिटेल, सरकार ने नहीं बढ़ाई समयसीमा

UMEED Central Portal: वक्फ प्रॉपर्टीज को लेकर बड़ा फैसला हुआ है. UMEED पोर्टल पर वक्फ प्रॉपर्टीज की डिटेल को अपलोडिंग आधिकारिक तौर पर बंद कर दी गई है. बीते दिन केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने रजिस्ट्रेशन की समयसीमा बढ़ाने की संभावना से इनकार कर दिया था.

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Edited By : Vijay Jain Updated: Dec 7, 2025 15:41
Waqf Act 2025 | Waqf Board | Waqf Property
वक्फ संशोधन कानून 5 अप्रैल 2025 को राष्ट्रपति की मुर्मू के साथ अधिसूचित किया गया था।

UMEED Central Portal: भारत में वक्फ संपत्तियों की डिटेल अब UMEED पोर्टल पर अपलोड नहीं होगी. छह महीने पहले जून में केंद्र सरकार ने UMEED पोर्टल शुरू किया था, 5 दिसंबर की समयसीमा से पहले पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों की डिटेल अनिवार्य तौर पर अपलोड करनी थी. दो दिन पहले केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने रजिस्ट्रेशन की समयसीमा बढ़ाने की संभावना से इनकार कर दिया था. हालांकि वक्फ का देखभाल करने वाले को प्रापटी की डिटेल देने के लिए जुर्माने और बड़ी सजा से अगले तीन महीने तक राहत दी जाएगी. UMEED अधिनियम, 1995 और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार छह महीने की विंडो पूरी होने के कारण UMEED पोर्टल पर प्रॉपटी की डिटेल अपलोडिंग बंद की गई है.

दो लाख से ज्यादा वक्फ संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन

मंत्री किरेन रिजिजू ने दो दिन पहले बताया था कि 2 लाख से ज्यादा संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन हो चुका था. अब तक रजिस्ट्रेशन न कराने वाले वक्फ ट्रिब्यूनल का रुख कर सकते हैं. वक्फ संपत्तियों की ‘जियो-टैगिंग’ के बाद छह जून 2025 को UMEED पोर्टल शुरू किया था, ताकि सभी की डिजिटल लिस्ट बनाई जा सके, इसके लिए देश भर में सभी रजिस्टर्ड वक्फ संपत्तियों का डिटेल्स छह महीने के भीतर अनिवार्य रूप से अपलोड की जानी थी. मंत्रालय ने बताया कि पोर्टल पर 5 लाख से ज़्यादा वक्फ संपत्तियों को शामिल किया गया है, जबकि 2 लाख से ज़्यादा संपत्तियों को एप्रूव्ड किया गया है.

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10 हज़ार 869 संपत्तियां अस्वीकृत

मंत्रालय ने यह भी बताया कि निर्माताओं द्वारा 2 लाख 13 हज़ार से ज़्यादा संपत्तियों की डिटेल जमा की जा चुकी है, जबकि सत्यापन के दौरान 10 हज़ार 869 संपत्तियां अस्वीकृत कर दी गईं. मंत्रालय ने आगे बताया कि कई समीक्षा बैठकों, प्रशिक्षण कार्यशालाओं और सचिव स्तर तक के उच्च-स्तरीय हस्तक्षेपों ने इस प्रक्रिया में नई गति ला दी है, जिससे अंतिम घंटों में अपलोड में तेज़ी आई.

क्यों नहीं बढ़ाई गई समयसीमा

UMEED पोर्टल पर वक्फ प्रॉपर्टीज की डिटेल को अपलोडिंग की समयसीमा को न बढ़ाने का कारण भी मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया. मंत्री ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देश थे कि छह महीने की समय सीमा के बाद तारीख आगे नहीं बढ़ेगी, लेकिन ट्रिब्यूनल इसे 6 महीने तक आगे बढ़ा सकता है. लोगों को अधिकतम राहत देने की पूरी कोशिश होती है, कुछ चीजें कानून से बंधी हैं. संसद ने वक्फ संशोधन एक्ट पारित कर दिया है इसलिए हम कानून में बदलाव नहीं कर सकते.”

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First published on: Dec 07, 2025 03:07 PM

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