लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश, नए बिल का नाम रखा गया “उम्मीद”

संसद में वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पेश किया गया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे मुस्लिम समुदाय के सशक्तिकरण का कदम बताया, जबकि विपक्ष ने इसे विवादास्पद बताया। सरकार ने वक्फ संपत्तियों के पारदर्शी प्रबंधन और डिजिटल डेटाबेस बनाने पर जोर दिया।

Waqf Amendment Bill 2025
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संसद में बुधवार को वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया गया। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस विधेयक को पेश करते हुए कहा कि यह देश के मुस्लिम समुदाय को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस नए कानून को “उम्मीद” (Unified Waqf Management, Empowerment, Efficiency, and Development Act) नाम दिया गया है।

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विधेयक से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदु

  • मंत्री रिजिजू ने कहा कि इस विधेयक में संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की कई सिफारिशों को शामिल किया गया है।
  • उन्होंने दावा किया कि यह विधेयक मुस्लिम समुदाय द्वारा व्यापक रूप से स्वीकार किया जा रहा है।
  • रिजिजू ने यह भी कहा कि “वक्फ संपत्तियों” का उपयोग गरीब मुस्लिमों के कल्याण के लिए किया जाना चाहिए और यह विधेयक उसी उद्देश्य को पूरा करता है।
  • सरकार का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और पारदर्शिता को बढ़ावा देना है।
  • मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि 2014 से पहले की सरकारों ने वक्फ कानूनों में ऐसे संशोधन किए, जिससे अन्य कानूनी प्रावधानों पर इसका प्रभाव बढ़ गया।
  • उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने 2014 के चुनावों से ठीक पहले 123 प्राइम प्रॉपर्टी दिल्ली वक्फ बोर्ड को ट्रांसफर कर दी थी, जिससे विवाद पैदा हुआ।

तकनीकी बदलाव और पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर

  • मंत्री रिजिजू ने बताया कि इस विधेयक में वक्फ संपत्तियों का एक डिजिटल डेटाबेस बनाने की योजना है, जिससे गड़बड़ियों पर रोक लगाई जा सके।
  • केंद्रित डिजिटल पोर्टल विकसित किया जाएगा, ताकि सभी वक्फ संपत्तियों का सही रिकॉर्ड रखा जा सके।
  • सरकार वक्फ संपत्तियों की उचित ऑडिटिंग सुनिश्चित करेगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।
  • वक्फ परिषद (Waqf Council) में अधिकतम चार गैर-मुस्लिम सदस्य हो सकते हैं, जिनमें से कम से कम दो महिलाएं अनिवार्य रूप से शामिल होंगी।

संसद में विधेयक को लेकर हंगामा

इस विधेयक को लेकर विपक्षी दलों ने कड़ी आपत्ति जताई। हालांकि, मंत्री रिजिजू ने दावा किया कि विधेयक का विरोध करने वाले लोग मुस्लिम समाज के व्यापक समर्थन से अनजान हैं। उन्होंने कहा, “अगर कोई इसे लेकर संदेह में है, तो मैं उन्हें आमंत्रित करता हूं कि वे मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों से मिलें, जो इस विधेयक का समर्थन कर रहे हैं।”

सरकार की मंशा पर सवाल

विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि सरकार धार्मिक संस्थानों में हस्तक्षेप करने की कोशिश कर रही है। इस पर जवाब देते हुए रिजिजू ने कहा, “यह विधेयक धर्म से संबंधित नहीं, बल्कि वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन से जुड़ा है।” केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इस विधेयक को मुस्लिम समुदाय के हित में बताया और कहा कि सरकार वक्फ संपत्तियों के सही उपयोग को सुनिश्चित करना चाहती है। हालांकि, विपक्षी दलों ने इसे विवादास्पद बताया और सरकार की मंशा पर सवाल उठाए।

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