Prabhakar Kr Mishra
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सुप्रीम कोर्ट में वक्फ कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर गुरुवार को लगातार दूसरे दिन सुनवाई हुई। इस मामले पर कोर्ट में दोपहर दो बजे सुनवाई शुरू हुई। इससे पहले बुधवार को भी सुनवाई हुई थी। सीजेआई संजीव खन्ना, जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच इन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में नए वक्फ कानून के खिलाफ 70 से ज्यादा याचिकाएं दायर हुई हैं। याचिकाओं में दावा किया गया है कि संशोधित कानून के तहत वक्फ की संपत्तियों का प्रबंधन गलत ढंग से किया जाएगा और यह कानून मुसलमानों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है।
वक्फ कानून पर सुनवाई शुरू होते ही सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केंद्र सरकार की ओर से दलील पेश करते हुए कहा कि रोक लगाने का कोई आधार नहीं है। तुषार मेहता ने कहा कि अगर आप कानून के किसी हिस्से पर रोक लगाते हैं, तो यह रेयर होगा। ऐसा अमूमन होता नहीं है। सॉलिसिटर जरनल ने कोर्ट से अनुरोध किया कि कोर्ट कोई अंतरिम आदेश पारित नहीं करे। सरकार ने कोर्ट से अनुरोध किया कि उसे एक हफ्ते का समय दिया जाए ताकि हम कोर्ट के सवालों का जवाब दे सकें। सरकार ने कोर्ट में कहा कि अगली सुनवाई तक वक्फ की स्थिति में कोई बदलाव नहीं होगा। वक्फ बाय यूजर से जुड़े संपत्तियों की स्थिति में कोई बदलाव नहीं होगा।
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ कानून पर केंद्र सरकार को 7 दिन की मोहलत दे दी। केंद्र को एक हफ्ते के भीतर इस पर जवाब देने को कहा गया है। केंद्र का जवाब आने तक वक्फ की संपत्ति यथास्थिति बनी रहेगी। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि अगले आदेश तक नई नियुक्तियां नहीं होगी। आज कोर्ट ने कोई अंतरिम आदेश नहीं दिया। सरकार 7 दिन में अपना जवाब दाखिल करेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 100 से ज्यादा फाइलें पढ़ना संभव नहीं हैं। ऐसे में ऐसे 5 बिंदु तय करने होंगे। सिर्फ 5 मुख्य आपत्तियों पर ही सुनवाई होगी। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता मुख्य बिंदुओं पर सहमति बनाएं और नोडल काउंसिल के जरिए इन आपत्तियों को तय कीजिए।
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