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प्लेन, ड्रोन या लड़ाकू विमान…दुश्मन के किसी हथियार की अब खैर नहीं, जानें स्वदेशी मिसाइल की खूबियां

VSHORDS Air Defense Missile System: भारतीय सेना जल्द ही स्वदेश निर्मित मिसाइल डिफेंस सिस्टम VSHORDS का परीक्षण करने वाली है। इस मिसाइल को डीआरडीओ ने विकसित किया है।

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VSHORDS Air Defense Missile System: भारतीय सेना जल्द ही ह्यूमन पोर्टेबल एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम VSHORDS का परीक्षण करने वाली है। मिसाइल को डीआरडीओ से विकसित किया है। जो पूरी तरह से स्वदेशी है। आइये जानते है इस मिसाइल की खूबियां। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक स्वदेश निर्मित ह्यूमन पोर्टेबल एयर डिफेंस मिसाइल 6 किमी तक की दूरी के विमान, ड्रोन और लड़ाकू हेलीकाॅप्टरों को नष्ट कर देगी।

इस मिसाइल की टेस्टिंग अप्रैल में होगी। सेना के अधिकारी की मानें तो यह चौथी पीढ़ी का अत्याधुनिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम है। यह भारतीय सेना के पास मौजूदा मिसाइल डिफेंस सिस्टम से कई गुना बेहतर है।

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नेवी के वाॅरशिप पर की जाएगी तैनात

इस मिसाइल में अत्याधुनिक अनकूूल्ड इमेजिंग इंफ्रारेड सीकर है। इस मिसाइल को पहाड़ों में भी तैनात किया जा सकता है। ऐसे में यह जम्मू कश्मीर और उतराखंड में चीन और पाकिस्तान से लगती सीमा पर तैनात की जाएगी। इस मिसाइल को नेवी के बड़े-बड़े वाॅरशिप पर भी तैनात किया जा सकता है। रूस युक्रेन युद्ध के दौरान इस मिसाइल का सर्वाधिक उपयोग किया गया। बता दें कि भारत फिलहाल रूस निर्मित मिसाइल डिफेंस सिस्टम का उपयोग कर रहा है।

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रूस से नहीं बनी बात तो भारत ने खुद की तैयार

भारत ने आखिरी बार रूस ने मिसाइल डिफेंस सिस्टम की खरीद की थी। इस सौदे में मिसाइल की तकनीक भी रूस के द्वारा साझा की जानी थी लेकिन इसको लेकर दोनों देशों के बीच बात नहीं बन पाई। इसके बाद डीआरडीओ ने स्वदेशी तकनीक पर आधारित मिसाइल सिस्टम विकसित किया। सेना ने आखिरी बार रूस के साथ मई में मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीद को मंजूरी दी थी। इस सौदे के तहत भारत को रूस से 100 इग्ला एस मिसाइलें मिलनी थी।

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बता दें कि भारतीय सेना अभी 1989 से पुराने इग्ला 1 एम मिसाइल सिस्टम का उपयोग कर रही है। अब भारत ने इसी मिसाइल का एडवांस वर्जन इग्ला एस-6 तैयार किया है। जिसका परीक्षण अप्रैल-मई में किया जाएगा।

First published on: Jan 04, 2024 08:19 AM

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