---विज्ञापन---

देश angle-right

पाकिस्तान से ज्यादा बांग्लादेश में बहा हिंदुओं का खून, विदेश मंत्रालय ने जारी किए चौंकाने वाले आंकड़े

Violence against Hindus in Bangladesh: विदेश मंत्रालय द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022 में बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की कुल 47 घटनाएं हुईं। जबकि 2023 में ये बढ़कर 302 हो गईं।

---विज्ञापन---

Violence against Hindus in Bangladesh: इस साल पाकिस्तान से ज्यादा बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा के ज्यादा केस हुए हैं। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद यहां इन हिंसक घटनाओं में तेजी से इजाफा हुआ है। शुक्रवार को विदेश मंत्रालय (MEA) ने पड़ोसी राज्यों में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा के चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए हैं।

विदेश मंत्रालय द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022 में बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की कुल 47 घटनाएं हुईं। जबकि 2023 में ये बढ़कर 302 हो गईं। इतना ही नहीं इस साल 2024 में अब तक बांग्लोदश में हिंदूओं के खिलाफ हिंसा की कुल 2200 केस दर्ज किए गए हैं।

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें: ‘औरंगजेब के वंशज अब रिक्शा चालक’, CM योगी बोले- मंदिर तोड़ने वालों का वंश नहीं बचेगा

---विज्ञापन---

2024 में अब तक पाकिस्तान में हिंदुओं के खिलाफ 112 मामले सामने आए

लोकसभा में आंकड़े पेश करते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा कि वर्ष 2024 में अब तक पाकिस्तान में हिंदुओं के खिलाफ 112 मामले सामने आए हैं। आगे विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट करते हुए कहा कि मंत्रालय की तरफ से बांग्लादेश और पाकिस्तान दोनों को पत्र लिखकर अपने देशों में हिंदुओं की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने को कहा है।

2023 में पाकिस्तान में हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार के 103 केस

विदेश मंत्रालय द्वारा बताए आंकड़ों के अनुसार पाकिस्तान में 2022 में हिंदुओं पर अत्याचार के कुल 241 मामले हुए थे, इसके बाद साल 2023 में ये संख्या कम होकर 103 रही और 2024 में अब तक ये संख्या 112 है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि बांग्लादेश और पाकिस्तान के अलावा किसी भी पड़ोसी देश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा का कोई मामला सामने नहीं आया है। भारत सरकार ने दोनों पड़ोसी राज्यों की सरकार ने अपने यहां अल्पसंख्यक हिंदू समुदायों पर धार्मिक असहिष्णुता, सांप्रदायिक हिंसा, व्यवस्थागत उत्पीड़न और हमलों को रोकने तथा उनकी सुरक्षा करने का आग्रह किया है।

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें: Sambhal मंदिर का हुआ सर्वे, जानें क्या साथ लेकर गई ASI की टीम?

First published on: Dec 20, 2024 05:11 PM

End of Article

About the Author

Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola