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मिडिल ईस्ट की ‘महाजंग’ में 16 भारतीयों की मौत, संसद में अमेरिका-ईरान युद्ध पर मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने क्या-क्या बताया?

राज्यसभा में अमेरिका-ईरान की जंग में भारतीयों की स्थिति को लेकर पूछे गए सवाल का राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने जवाब दिया है. उन्होंने बताया है कि मिडिल ईस्ट के युद्ध में कितने भारतीयों ने जान गंवाई और किस अरब देश से कितने लोगों को रेस्क्यू किया गया?

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मानसून सत्र 2026 में राज्यसभा सदन में मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान की जंग को लेकर एक सवाल पूछा गया. जिसका जवाब विदेश मामलों के राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने दिया. CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास ने सवाल पूछकर युद्ध में मारे गए और घायल हुए भारतीयों के बारे में जानकारी मांगी. युद्ध के बीच ईरान और अरब देशों में फंसे या रेस्क्यू किए गए भारतयों के बारे में भी पूछा. इस सवाल के जवाब में मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने विस्तार से जानकारी दी और भारतीयों की स्थिति के बारे में बताया.

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16 भारतीयों की मौत और 75 घायल हुए

CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास ने सवाल के जवाब में मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया कि अमेरिका और ईरान के युद्ध में 16 भारतीय नागरिकों की मौत हुई है. मृतकों में 10 नाविक भी शामिल हैं और 75 भारतीय घायल भी हुए हैं. सऊदी अरब में एक, कुवैत में 2, ओमान में 8, इराक में एक और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में 4 भारतीयों की मौत हुई है. संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में 32, ओमान में 24, कतर में 4, कुवैत में 13, सऊदी अरब में एक और इजरायल में एक भारतीय घायल हुआ है.

मामले में सरकार की प्रतिक्रिया क्या रही?

मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया कि युद्ध में कतर के रास लाफान गैस प्लांट पर हमला हुआ था और इस घटना में अलग से 12 भारतीय नागरिकों की मौत हुई थी. केंद्र सरकार मृतकों के परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान कर रही है. अबर देशों के साथ मिलकर मृतकों के पार्थिव शरीर की वतन वापसी सुनिश्चित कर रही है. घायल भारतीयों के उपचार पर भी केंद्र सरकार भारतीय दूतावास के जरिए नजर रखे हुए है. परिवारों से संपर्क कराकर भारतीयों की सुरक्षित वापसी के इंतजाम किए जा रहे हैं.

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पीड़ित परिवारों को वित्तीय सहायता दी गई

मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया कि DGMA कल्याण योजना (सीफेरर्स वेलफेयर फंड सोसाइटी) के तहत युद्ध पीड़ित भारतीयों को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाता है. वेरिफिकेशन करके यह मुआवजा मृतकों के परिजनों को दिया जाता है. युद्ध में मारे गए नाविक अतिरिक्त मुआवजे के भी हकदार हैं. पायलट या कैप्टन को भारतीय समुद्री संघ की ओर से 12 लाख रुपये और क्रू मेंबर्स को भारतीय राष्ट्रीय नाविक संघ के जरिए 10 लाख रुपये मुआवजा दिया जाता है, जो उपलब्ध करा दिया जाएगा.

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2500 से ज्यादा भारतीयों को रेस्क्यू किया गया

राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने एक और सवाल का जवाब दिया, जिसमें उन्होंने बताया कि फरवरी 2026 में अमेरिका और ईरान का युद्ध शुरू हुआ था. ईरान में भारतीय दूतावास ने आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते 2557 भारतीयों को रेस्क्यू किया और उनकी वतन वापसी कराई. छात्रों, श्रमिकों, नाविकों और मछुआरों को मिलाकर करीब 7000 भारतीय अभी भी ईरान में रह रहे हैं. जिन्हें सतर्क रहने और आपातस्थिति में दूतावास से संपर्क करने को कहा गया है. इमरजेंसी में उन्हें भी रेस्क्यू किया जाएगा.

First published on: Jul 31, 2026 08:45 AM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं Mphil कोर्स किया है। 13 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री से जुड़ी हूं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के माल‍िकाना हक वाले News 24 हिंदी डिजिटल विंग से बतौर चीफ सब एडिटर जुड़ी हूं। चीफ सब एडिटर की भूमिका निभाते हुए यहां की कोर टीम का हिस्सा हूं। नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम, यूटिलिटी, एजुकेशन, फीचर आदि विषयों पर अच्छी पकड़ है। घूमने, खाने और शॉपिंग की शौकीन खुशबू को नए ट्रेंड, नई जगह और ऐडवेंचर की तलाश रहती है।

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