Vijay TVK Alliance : तमिलनाडु की सियासत में आज एक नया इतिहास रच दिया गया है. अपनी पार्टी तमिलगा वेट्री कज़गम (TVK) को शानदार जीत दिलाने के बाद, सुपरस्टार विजय जोसेफ को आज औपचारिक रूप से विधायक दल का नेता चुन लिया गया है. इस घोषणा के साथ ही उनके मुख्यमंत्री बनने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है. सूत्रों के मुताबिक, विजय 7 मई को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले सकते हैं. साउथ फिल्मों के सुपरस्टार विजय की पार्टी 'तमिलगा वेट्री कज़गम' (TVK) ने अपने पहले ही चुनाव में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 108 सीटें जीत ली हैं. हालांकि, बहुमत के लिए जरूरी 118 के आंकड़े से पार्टी अभी 10 सीटें दूर है.
नेहरू इंडोर स्टेडियम में होगा भव्य समारोह
खबर है कि शपथ ग्रहण समारोह चेन्नई के प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित किया जा सकता है. पार्टी कार्यकर्ताओं और प्रशंसकों के भारी उत्साह को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और तैयारियों का जायजा लेना शुरू कर दिया है. यह समारोह न केवल टीवीके के लिए बल्कि तमिलनाडु की राजनीति के लिए भी एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा, क्योंकि दशकों बाद राज्य की सत्ता की कमान किसी गैर-द्रविड़ पारंपरिक दल के हाथ में जा रही है.
विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से फैसला
आज हुई टीवीके के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक में विजय को सर्वसम्मति से अपना नेता चुना गया. बैठक के दौरान विधायकों ने विजय के नेतृत्व में अटूट भरोसा जताया. चुनाव नतीजों में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी टीवीके अब गठबंधन के साथियों के साथ सरकार बनाने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दे रही है. वर्तमान में कांग्रेस, वीसीके (VCK), सीपीआई (CPI), सीपीआई-एम (CPI-M) और आईयूएमएल (IUML) का गठबंधन डीएमके के साथ है. लेकिन चुनाव नतीजों ने समीकरण बदल दिए हैं. विजय की पार्टी इन दलों को अपने साथ जोड़कर सरकार बनाने की योजना बना रही है.
कांग्रेस के मन में क्या है?
इस संभावित गठबंधन पर कांग्रेस सांसद शशिकांत सेंथिल ने बेहद सधा हुआ बयान दिया है. उन्होंने कहा कि पार्टी तमिलनाडु के हितों और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को ध्यान में रखकर ही कोई फैसला लेगी. वहीं, विजय के पिता एस.ए. चंद्रशेखर ने खुलकर कांग्रेस से टीवीके के साथ आने की अपील की है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी खोई हुई ताकत वापस पाने के लिए इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए. यदि कांग्रेस (5 सीटें) और अन्य सहयोगी दल विजय का साथ देते हैं, तो यह गठबंधन आसानी से बहुमत का आंकड़ा पार कर लेगा. सूत्रों के अनुसार, इन पार्टियों को जल्द ही औपचारिक निमंत्रण भेजा जा सकता है.
स्टालिन की विदाई और विजय का उदय
गौरतलब है कि इस चुनाव में विजय की पार्टी ने एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली डीएमके को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया है. विजय ने खुद दो सीटों से जीत दर्ज कर अपनी लोकप्रियता साबित की है. अब सबकी नजरें 7 मई को होने वाले उस ऐतिहासिक पल पर टिकी हैं, जब 'थलपति' के नाम से मशहूर विजय प्रदेश के मुखिया के तौर पर नई जिम्मेदारी संभालेंगे. उनके समर्थकों में भारी जश्न का माहौल है और राज्यभर में मिठाइयां बांटी जा रही हैं.
द्रविड़ राजनीति के गढ़ में सेंध
इस चुनाव ने पिछले तीन दशकों से चले आ रहे द्रमुक (DMK) और अन्नाद्रमुक (AIADMK) के वर्चस्व को तोड़ दिया है. एमके स्टालिन की अगुवाई वाली डीएमके को केवल 59 सीटें मिली हैं, यहां तक कि स्टालिन खुद अपनी कोलाथुर सीट नहीं बचा सके. टीवीके ने करीब 35 प्रतिशत वोट शेयर हासिल कर यह साबित कर दिया है कि जनता अब बदलाव चाहती है. विजय को सर्वसम्मति से टीवीके विधायक दल का नेता चुन लिया गया है. अब सबकी निगाहें दिल्ली और तमिलनाडु के कांग्रेस मुख्यालय पर टिकी हैं कि क्या वे विजय के साथ मिलकर नई सरकार का हिस्सा बनेंगे.
Vijay TVK Alliance : तमिलनाडु की सियासत में आज एक नया इतिहास रच दिया गया है. अपनी पार्टी तमिलगा वेट्री कज़गम (TVK) को शानदार जीत दिलाने के बाद, सुपरस्टार विजय जोसेफ को आज औपचारिक रूप से विधायक दल का नेता चुन लिया गया है. इस घोषणा के साथ ही उनके मुख्यमंत्री बनने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है. सूत्रों के मुताबिक, विजय 7 मई को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले सकते हैं. साउथ फिल्मों के सुपरस्टार विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेट्री कज़गम’ (TVK) ने अपने पहले ही चुनाव में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 108 सीटें जीत ली हैं. हालांकि, बहुमत के लिए जरूरी 118 के आंकड़े से पार्टी अभी 10 सीटें दूर है.
नेहरू इंडोर स्टेडियम में होगा भव्य समारोह
खबर है कि शपथ ग्रहण समारोह चेन्नई के प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित किया जा सकता है. पार्टी कार्यकर्ताओं और प्रशंसकों के भारी उत्साह को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और तैयारियों का जायजा लेना शुरू कर दिया है. यह समारोह न केवल टीवीके के लिए बल्कि तमिलनाडु की राजनीति के लिए भी एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा, क्योंकि दशकों बाद राज्य की सत्ता की कमान किसी गैर-द्रविड़ पारंपरिक दल के हाथ में जा रही है.
विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से फैसला
आज हुई टीवीके के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक में विजय को सर्वसम्मति से अपना नेता चुना गया. बैठक के दौरान विधायकों ने विजय के नेतृत्व में अटूट भरोसा जताया. चुनाव नतीजों में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी टीवीके अब गठबंधन के साथियों के साथ सरकार बनाने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दे रही है. वर्तमान में कांग्रेस, वीसीके (VCK), सीपीआई (CPI), सीपीआई-एम (CPI-M) और आईयूएमएल (IUML) का गठबंधन डीएमके के साथ है. लेकिन चुनाव नतीजों ने समीकरण बदल दिए हैं. विजय की पार्टी इन दलों को अपने साथ जोड़कर सरकार बनाने की योजना बना रही है.
कांग्रेस के मन में क्या है?
इस संभावित गठबंधन पर कांग्रेस सांसद शशिकांत सेंथिल ने बेहद सधा हुआ बयान दिया है. उन्होंने कहा कि पार्टी तमिलनाडु के हितों और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को ध्यान में रखकर ही कोई फैसला लेगी. वहीं, विजय के पिता एस.ए. चंद्रशेखर ने खुलकर कांग्रेस से टीवीके के साथ आने की अपील की है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी खोई हुई ताकत वापस पाने के लिए इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए. यदि कांग्रेस (5 सीटें) और अन्य सहयोगी दल विजय का साथ देते हैं, तो यह गठबंधन आसानी से बहुमत का आंकड़ा पार कर लेगा. सूत्रों के अनुसार, इन पार्टियों को जल्द ही औपचारिक निमंत्रण भेजा जा सकता है.
स्टालिन की विदाई और विजय का उदय
गौरतलब है कि इस चुनाव में विजय की पार्टी ने एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली डीएमके को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया है. विजय ने खुद दो सीटों से जीत दर्ज कर अपनी लोकप्रियता साबित की है. अब सबकी नजरें 7 मई को होने वाले उस ऐतिहासिक पल पर टिकी हैं, जब ‘थलपति’ के नाम से मशहूर विजय प्रदेश के मुखिया के तौर पर नई जिम्मेदारी संभालेंगे. उनके समर्थकों में भारी जश्न का माहौल है और राज्यभर में मिठाइयां बांटी जा रही हैं.
द्रविड़ राजनीति के गढ़ में सेंध
इस चुनाव ने पिछले तीन दशकों से चले आ रहे द्रमुक (DMK) और अन्नाद्रमुक (AIADMK) के वर्चस्व को तोड़ दिया है. एमके स्टालिन की अगुवाई वाली डीएमके को केवल 59 सीटें मिली हैं, यहां तक कि स्टालिन खुद अपनी कोलाथुर सीट नहीं बचा सके. टीवीके ने करीब 35 प्रतिशत वोट शेयर हासिल कर यह साबित कर दिया है कि जनता अब बदलाव चाहती है. विजय को सर्वसम्मति से टीवीके विधायक दल का नेता चुन लिया गया है. अब सबकी निगाहें दिल्ली और तमिलनाडु के कांग्रेस मुख्यालय पर टिकी हैं कि क्या वे विजय के साथ मिलकर नई सरकार का हिस्सा बनेंगे.