Union Budget 2024 for Auto: अगर आप अगले कुछ सालों में गाड़ी खरीदने के लिए सोच रहे हैं तो आपके लिए खुशखबरी है। दरअसल, Union Budget 2024 में सरकार ने Auto सेक्टर पर दिल खोलकर पैसे लुटाएं हैं। यहां बता दें कि बजट 2024 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऑटोमोबाइल और ऑटो कॉपोनेंट्स के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम (PLI) के तहत 3500 करोड़ (2024-2025) का प्रावधान रखा जाता है। यहां बता दें कि बजट 2023-2024 में ये PLI महज 604 करोड़ ही था।
पहले समझें क्या होती है PLI योजना
बजट जानकारों की मानें तो प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम को सरकार ने पहली बार मार्च 2020 में शुरू किया था। इस योजना का मकसद देश में घरेलू उत्पादन को बढ़ाना है। इस योजना में देश में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को बढ़ावा देना और उनके आयात करने वाले सामान पर आने वाले खर्च को कम करना है।
इससे हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा
दरअसल, इस योजना के तहत सरकार कंपनियों को भारत में बने प्रोडक्ट की बिक्री के आधार पर इंसेंटिव देती है। योजना का उद्देश्य घरेलू कंपनियों को देश में अपना उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना है। ऐसे में ऑटो पार्ट्स और इस सेक्टर से जुड़ी अन्य कॉपोनेंट्स बनाने के लिए सरकार पहले से अधिक पैसा मुहैया करवाएगी। उत्पादन सस्ता होने का असर अगले कुछ सालों में गाड़ियों की कीमत पर पड़ेगा। वहीं, इससे हजारों युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।
कोबाल्ट और लिथियम पर कस्टम ड्यूटी हटाई गई
इसके अलावा बजट 2024 से आने वाले समय में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की कीमत कम होने का अनुमान है। दरअसल, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2024 में इलेक्ट्रिक वाहन में यूज होने वाली बैटरी के कॉपोनेंट्स कोबाल्ट और लिथियम पर कस्टम ड्यूटी पूरी तरह हटा दी है। अभी इसे विदेशों से मंगवाने पर वाहन निर्माता कंपनियों का करोड़ों रुपये खर्च हो रहा था। ऐसे में अब इलेक्ट्रिक कार और टू व्हीलर बनाने की कॉस्ट कम होगी तो इसका सीधा असर उनकी कीमतों पर पड़ेगा। नए बजट में इस ऐलान से ऑटो एक्सपर्ट का कहना है कि आने वाले समय में लिथियम बैटरी सस्ती मिलेंगे। जिससे इलेक्ट्रिक टू व्हीलर या कार लेने के बाद इन्हें बदलवाने का खर्च कम होगा।
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Union Budget 2024 for Auto: अगर आप अगले कुछ सालों में गाड़ी खरीदने के लिए सोच रहे हैं तो आपके लिए खुशखबरी है। दरअसल, Union Budget 2024 में सरकार ने Auto सेक्टर पर दिल खोलकर पैसे लुटाएं हैं। यहां बता दें कि बजट 2024 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऑटोमोबाइल और ऑटो कॉपोनेंट्स के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम (PLI) के तहत 3500 करोड़ (2024-2025) का प्रावधान रखा जाता है। यहां बता दें कि बजट 2023-2024 में ये PLI महज 604 करोड़ ही था।
पहले समझें क्या होती है PLI योजना
बजट जानकारों की मानें तो प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम को सरकार ने पहली बार मार्च 2020 में शुरू किया था। इस योजना का मकसद देश में घरेलू उत्पादन को बढ़ाना है। इस योजना में देश में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को बढ़ावा देना और उनके आयात करने वाले सामान पर आने वाले खर्च को कम करना है।
इससे हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा
दरअसल, इस योजना के तहत सरकार कंपनियों को भारत में बने प्रोडक्ट की बिक्री के आधार पर इंसेंटिव देती है। योजना का उद्देश्य घरेलू कंपनियों को देश में अपना उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना है। ऐसे में ऑटो पार्ट्स और इस सेक्टर से जुड़ी अन्य कॉपोनेंट्स बनाने के लिए सरकार पहले से अधिक पैसा मुहैया करवाएगी। उत्पादन सस्ता होने का असर अगले कुछ सालों में गाड़ियों की कीमत पर पड़ेगा। वहीं, इससे हजारों युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।
कोबाल्ट और लिथियम पर कस्टम ड्यूटी हटाई गई
इसके अलावा बजट 2024 से आने वाले समय में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की कीमत कम होने का अनुमान है। दरअसल, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2024 में इलेक्ट्रिक वाहन में यूज होने वाली बैटरी के कॉपोनेंट्स कोबाल्ट और लिथियम पर कस्टम ड्यूटी पूरी तरह हटा दी है। अभी इसे विदेशों से मंगवाने पर वाहन निर्माता कंपनियों का करोड़ों रुपये खर्च हो रहा था। ऐसे में अब इलेक्ट्रिक कार और टू व्हीलर बनाने की कॉस्ट कम होगी तो इसका सीधा असर उनकी कीमतों पर पड़ेगा। नए बजट में इस ऐलान से ऑटो एक्सपर्ट का कहना है कि आने वाले समय में लिथियम बैटरी सस्ती मिलेंगे। जिससे इलेक्ट्रिक टू व्हीलर या कार लेने के बाद इन्हें बदलवाने का खर्च कम होगा।
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