Who Is Meenakshi Natarajan: मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा अचानक बेहद गर्म हो गया है. कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रद्द होने के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच 'जंग' छिड़ गई है. इस फैसले से नाराज कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने दिल्ली में सीधे भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के दफ्तर का रुख किया है. कांग्रेस ने इस कार्रवाई को पूरी तरह से अलोकतांत्रिक करार दिया है. नामांकन रद्द होने की खबर मिलते ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, भूपेश बघेल और सचिन पायलट तुरंत चुनाव आयोग के कार्यालय पहुंचे. कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह फैसला पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है और देश में खुलेआम लोकतंत्र की हत्या की जा रही है.
मीनाक्षी नटराजन ने भाजपा को घेरा
अपना नामांकन रद्द होने पर मीनाक्षी नटराजन ने सत्ताधारी दल पर सीधा हमला बोला. उन्होंने कहा, "यह सब तब शुरू हुआ जब भाजपा ने संख्या बल न होने के बावजूद अपना तीसरा उम्मीदवार मैदान में उतार दिया. इससे साफ है कि वे संविधान को कुचलने और राज्यसभा चुनाव में हेरफेर करने की राजनीति कर रहे हैं. यह लड़ाई सिर्फ एक सीट की नहीं, बल्कि देश के लोकतंत्र को बचाने की है, जिसके लिए राहुल गांधी संघर्ष कर रहे हैं."
कौन हैं मीनाक्षी नटराजन?
मीनाक्षी नटराजन को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की कोर टीम का बेहद भरोसेमंद सदस्य माना जाता है. वह साल 2009 से 2014 तक मध्य प्रदेश की मंदसौर लोकसभा सीट से सांसद रह चुकी हैं. साल 2004 में जब राहुल गांधी राजनीति में सक्रिय हुए, तभी से मीनाक्षी उनके करीबी दायरे में शामिल रहीं. राहुल गांधी ने साल 2007 में कांग्रेस महासचिव बनने के बाद छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI) और यूथ कांग्रेस में बड़े बदलावों की जिम्मेदारी मीनाक्षी नटराजन को सौंपी थी. इसके बाद 2008 में उन्हें एआईसीसी (AICC) सचिव बनाया गया. 2009 के चुनाव में उन्होंने मंदसौर सीट पर कांग्रेस को वह जीत दिलाई, जिसे पार्टी लगातार छह बार से हार रही थी. हालांकि, 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा. हाल ही में फरवरी 2025 में पार्टी ने उन्हें तेलंगाना का एआईसीसी प्रभारी नियुक्त किया था.
Who Is Meenakshi Natarajan: मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा अचानक बेहद गर्म हो गया है. कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रद्द होने के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच ‘जंग’ छिड़ गई है. इस फैसले से नाराज कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने दिल्ली में सीधे भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के दफ्तर का रुख किया है. कांग्रेस ने इस कार्रवाई को पूरी तरह से अलोकतांत्रिक करार दिया है. नामांकन रद्द होने की खबर मिलते ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, भूपेश बघेल और सचिन पायलट तुरंत चुनाव आयोग के कार्यालय पहुंचे. कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह फैसला पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है और देश में खुलेआम लोकतंत्र की हत्या की जा रही है.
मीनाक्षी नटराजन ने भाजपा को घेरा
अपना नामांकन रद्द होने पर मीनाक्षी नटराजन ने सत्ताधारी दल पर सीधा हमला बोला. उन्होंने कहा, “यह सब तब शुरू हुआ जब भाजपा ने संख्या बल न होने के बावजूद अपना तीसरा उम्मीदवार मैदान में उतार दिया. इससे साफ है कि वे संविधान को कुचलने और राज्यसभा चुनाव में हेरफेर करने की राजनीति कर रहे हैं. यह लड़ाई सिर्फ एक सीट की नहीं, बल्कि देश के लोकतंत्र को बचाने की है, जिसके लिए राहुल गांधी संघर्ष कर रहे हैं.”
कौन हैं मीनाक्षी नटराजन?
मीनाक्षी नटराजन को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की कोर टीम का बेहद भरोसेमंद सदस्य माना जाता है. वह साल 2009 से 2014 तक मध्य प्रदेश की मंदसौर लोकसभा सीट से सांसद रह चुकी हैं. साल 2004 में जब राहुल गांधी राजनीति में सक्रिय हुए, तभी से मीनाक्षी उनके करीबी दायरे में शामिल रहीं. राहुल गांधी ने साल 2007 में कांग्रेस महासचिव बनने के बाद छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI) और यूथ कांग्रेस में बड़े बदलावों की जिम्मेदारी मीनाक्षी नटराजन को सौंपी थी. इसके बाद 2008 में उन्हें एआईसीसी (AICC) सचिव बनाया गया. 2009 के चुनाव में उन्होंने मंदसौर सीट पर कांग्रेस को वह जीत दिलाई, जिसे पार्टी लगातार छह बार से हार रही थी. हालांकि, 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा. हाल ही में फरवरी 2025 में पार्टी ने उन्हें तेलंगाना का एआईसीसी प्रभारी नियुक्त किया था.