---विज्ञापन---

देश angle-right

सीमा सुरक्षा होगी और मजबूत, भारत ने तैयार किया स्वदेशी एंटी-ड्रोन सिस्टम; जल्द होगी तैनाती

भारत ने अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए स्वदेशी एंटी-ड्रोन सिस्टम तैयार कर लिया है. सरकार स्मार्ट बॉर्डर ग्रिड तकनीक पर भी तेजी से काम कर रही है, जिससे ड्रोन घुसपैठ, हथियारों की तस्करी और सीमा पार गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सकेगी.

---खबर नीचे जारी है---

भारत सरकार ने देश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को और ज्यादा सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. सुरक्षा एजेंसियों और रक्षा विशेषज्ञों की मदद से एक अत्याधुनिक स्वदेशी एंटी-ड्रोन सिस्टम तैयार किया गया है, जिसे जल्द ही संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों में तैनात किया जाएगा. इसका मकसद ड्रोन घुसपैठ, हथियारों की तस्करी, नशीले पदार्थों की सप्लाई और मानव घुसपैठ जैसी गतिविधियों पर रोक लगाना है. सेना के सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार इसके साथ-साथ स्मार्ट बॉर्डर ग्रिड तकनीक पर भी तेजी से काम कर रही है. ये परियोजना आधुनिक तकनीकों के जरिए सीमाओं की निगरानी और सुरक्षा को नए स्तर पर ले जाएगी.

ये भी पढ़ें: 9210 करोड़ तक पहुंचा भारत का सैन्य खर्च, स्वीडिश थिंक-टैंक सिप्री ने जारी की रिपोर्ट

---खबर नीचे जारी है---

क्या है एंटी-ड्रोन सिस्टम की खासियत?

नए एंटी-ड्रोन सिस्टम में स्मार्ट सेंसर, आधुनिक रडार, हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे और डिजिटल निगरानी नेटवर्क को इकट्ठा किया गया है. ये तकनीक सीमा के आसपास संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने और दुश्मन के ड्रोन को समय रहते निष्क्रिय करने में सक्षम होगी. पिछले कुछ सालों में पंजाब, जम्मू-कश्मीर और बाकी सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन गतिविधियों में बढ़ोतरी4 देखी गई है. कई बार ड्रोन के जरिए हथियार, विस्फोटक और नशीले पदार्थ भारतीय सीमा में भेजने की कोशिश की गई, जिन्हें सुरक्षा बलों ने समय रहते नाकाम किया. सूत्रों के मुताबिक, स्मार्ट बॉर्डर परियोजना को शुरुआती चरण में बांग्लादेश सीमा, त्रिपुरा और पाकिस्तान से लगती संवेदनशील सीमाओं पर लागू किया जा सकता है. पहले चरण में देश के 7 से 8 संवेदनशील स्थानों को चुने जाने की संभावना है. अनुमान है कि अक्टूबर 2026 से इस परियोजना की शुरुआत हो सकती है.

बदलते युद्ध के स्वरूप ने बढ़ाई चुनौती

दुनिया के कई संघर्षों ने युद्ध की पारंपरिक रणनीतियों को बदल दिया है. अजरबैजान-अर्मेनिया, रूस-यूक्रेन, हमास-इजराइल और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़े तनाव ने ये दिखाया है कि भविष्य के युद्ध सिर्फ जमीन पर नहीं, बल्कि तकनीकी और हाइब्रिड माध्यमों से भी लड़े जाएंगे. इसी को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार और सुरक्षा एजेंसियां भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयारियां कर रही हैं. स्मार्ट बॉर्डर ग्रिड और अभेद्य सुरक्षा नेटवर्क इसी स्ट्रेटजी का हिस्सा हैं.

---खबर नीचे जारी है---

चौतरफा सुरक्षा घेरा होगा तैयार

सरकार की योजना के मुताबिक, सीमा सुरक्षा के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था बनाई जाएगी. इसमें शामिल होंगे:
-बीएसएफ और एसएसबी के अधिकारी व जवान
-एंटी-ड्रोन सिस्टम, स्मार्ट सेंसर, एआई आधारित कैमरे और रडार
-स्थानीय पुलिस और प्रशासन
-सीमावर्ती क्षेत्रों के नागरिक और जनप्रतिनिधि

ये भी पढ़ें: Zorawar Tank : पहाड़ों पर दौड़ेगा, पानी में तैरेगा… जानिए भारत के ‘जोरावर’ की ताकत, जिसने उड़ाई ड्रैगन की नींद

---खबर नीचे जारी है---

First published on: Jun 10, 2026 03:34 PM

End of Article

About the Author

---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola