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मिडिल ईस्ट में भारत की ‘ब्रह्मोस’ और ‘आकाशतीर’ की धमक! अरब देशों में गेम-चेंजर साबित होगी यह ‘महा-डील’

हाल के दिनों में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच भड़के क्षेत्रीय संघर्ष के दौरान यूएई को गंभीर मिसाइल और ड्रोन खतरों का सामना करना पड़ा था. इसके बाद से ही अबू धाबी अपनी रक्षा खरीद रणनीति का नए सिरे से पुनर्मूल्यांकन कर रहा है.

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मिडिल ईस्ट में हाल ही में हुए भीषण संघर्ष और बदलते सुरक्षा समीकरणों के बीच संयुक्त अरब अमीरात अपनी सैन्य ताकत को अभूतपूर्व रूप से मजबूत करने में जुट गया है. इसी कड़ी में खाड़ी देशों से भारत के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक रक्षा डील की खबर आ रही है. सूत्रों के मुताबिक, भारत और यूएई के बीच भारत की दो सबसे प्रमुख डिफेंस सिस्टम – ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल और ‘आकाशतीर’ एयर डिफेंस सिस्टम की खरीद को लेकर बातचीत चल रही है.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, यह बातचीत अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन रक्षा गलियारों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि दोनों देशों के बीच यह प्रक्रिया काफी तेजी से आगे बढ़ रही है. यूएई ने भारत के कई अन्य अत्याधुनिक वेपन्स प्लेटफॉर्म्स में भी गहरी रुचि दिखाई है.

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मध्य पूर्व युद्ध के अनुभवों से सबक ले रहा UAE

हाल के दिनों में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच भड़के क्षेत्रीय संघर्ष के दौरान यूएई को गंभीर मिसाइल और ड्रोन खतरों का सामना करना पड़ा था. इसके बाद से ही अबू धाबी अपनी रक्षा खरीद रणनीति का नए सिरे से पुनर्मूल्यांकन कर रहा है. यूएई का विशेष ध्यान हॉर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा को अभूतपूर्व रूप से बढ़ाना है, क्योंकि यह वो रणनीतिक जलमार्ग है जहां से यूएई के तेल और गैस का एक बहुत बड़ा हिस्सा दुनिया भर में गुजरता है.

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अबू धाबी की इस रणनीति का मुख्य मकसद किसी एक देश पर निर्भर रहने के बजाय अपने डिफेंस सप्लायर्स में विविधता लाना है. इसी साल यूएई ने दक्षिण कोरिया के साथ भी रक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए 35 अरब डॉलर से अधिक के एक बड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि भारत के साथ इस घनिष्ठता का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे संयुक्त राज्य अमेरिका भी नाराज नहीं होगा, क्योंकि भारत और यूएई दोनों ही अमेरिका के मजबूत सहयोगी हैं.

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क्यों खास हैं भारत के ये दोनों अचूक हथियार?

ब्रह्मोस मिसाइल – भारत और रूस द्वारा संयुक्त रूप से विकसित ब्रह्मोस को दुनिया की सबसे तेज संचालित सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में से एक माना जाता है. इसे जमीन, समुद्र और हवा तीनों प्लेटफॉर्म्स से दागा जा सकता है और इसकी रेंज लगभग 290 किलोमीटर है. चूंकि इसे रूस के साथ मिलकर बनाया गया है, इसलिए इसके निर्यात के लिए मॉस्को की मंजूरी जरूरी होगी. हालांकि, सूत्रों का कहना है कि रूस और यूएई के घनिष्ठ संबंधों को देखते हुए मॉस्को की मंजूरी में कोई अड़चन आने की उम्मीद नहीं है.

आकाशतीर एयर डिफेंस सिस्टम – भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड द्वारा भारतीय सेना के सहयोग से विकसित ‘आकाशतीर’ एक पूरी तरह से फुल्ली ऑटोमेटेड हवाई रक्षा कमान और नियंत्रण प्रणाली है. यह युद्धक्षेत्र में विभिन्न सेंसरों और हथियारों से मिलने वाली जानकारियों को कंप्यूटर के जरिए प्रोसेस करती है, जिससे दुश्मन के हवाई खतरों और ड्रोनों का तेजी से पता लगाकर उन्हें हवा में ही नेस्तनाबूद किया जा सकता है. यूएई के पास पहले से ही अमेरिका निर्मित उन्नत THAAD और ‘पैट्रियट’ जैसी मिसाइल प्रणालियां मौजूद हैं.

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तेजी से बढ़ रहा भारत का रक्षा निर्यात

हाल के वर्षों में ‘मेक इन इंडिया’ और स्वदेशी रक्षा विनिर्माण पर सरकार के कड़े जोर के चलते भारत के रक्षा निर्यात में रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी दर्ज की गई है. भारत पहले ही फिलीपींस, वियतनाम और इंडोनेशिया के साथ ब्रह्मोस निर्यात के समझौतों पर हस्ताक्षर कर चुका है, जबकि थायलैंड, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील और चिली जैसे देश भी कतार में हैं.

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First published on: Jun 22, 2026 06:42 PM

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About the Author

Arif Khan

आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.

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