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एक साथ आने वाले थे NCP के दोनों गुट? 8 फरवरी को महाराष्ट्र की राजनीति में होना था बड़ा बदलाव

महाराष्ट्र की राजनीति में 8 फरवरी का दिन बेहद अहम साबित होने वाला था। था इसलिए कि अगर डिप्टी सीएम अजित पवार जीवित होते। कयास था कि उनके निधन के बाद अब एनसीपी के दोनों गुट एक साथ आ सकते हैं। इस पर एनसीपी नेताओं ने पुष्टि की है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

Author Edited By : Raghav Tiwari
Updated: Jan 30, 2026 10:27

महाराष्ट्र में राजनीतिक उथल पुथल देखने को मिल रही है। डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी और बीजेपी में पद को लेकर असमंजस बना हुआ है। दोनों पार्टियों की तरफ से अभी कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है। लोगों में चर्चा है कि अब अजित पवार की एनसीपी और शरद पवार की एनसीपी एक हो सकती है। एनसीपी नेताओं ने अब इस चर्चाओं पर आधिकारिक पुष्टि कर दी है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दोनों गुट 8 फरवरी को विलय की घोषणा करने वाले थे, लेकिन अजीत पवार के असामयिक निधन ने इस योजना को एक बड़ा झटका दिया। बताया गया कि विलय की बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी थी और दोनों पक्षों के नेता जिला परिषद चुनाव परिणामों के बाद औपचारिक एकीकरण की तैयारी कर रहे थे।

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एनसीपी (एसपी) के वरिष्ठ विधायक जयंत पाटिल और एनसीपी (एसपी) प्रमुख शशिकांत शिंदे ने अखबार को पुष्टि की है कि विलय की बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी थी। यहां तक बताया जा रहा है कि बातचीत यहां तक पहुंच गई थी कि पार्टी में संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल और नए चेहरों को शामिल करने पर अनौपचारिक रूप से विचार किया जा रहा है।

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दरअसल, बुधवार देर रात अजीत पवार को श्रद्धांजलि देने के लिए बारामती पहुंचे एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं ने एक बैठक भी की। इसमें बदलती राजनीतिक स्थिति के बीच परामर्श जारी रखने की तात्कालिकता पर चर्चा हुई। सूत्रों ने यह भी कहा कि विलय शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के “सरकार में शामिल होने” की दिशा में एक कदम होगा।

बता दें कि वर्तमान में अजीत पवार के नेतृत्व वाला एनसीपी गुट सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन का हिस्सा है, जबकि एनसीपी (एसपी) शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस सहित महा विकास अघाड़ी का सदस्य है। वरिष्ठ विधायक जयंत पाटिल ने कहा कि हाल के दिनों में हम (दोनों गुट) अक्सर मिलते रहे थे। 16 जनवरी को हम मेरे आवास पर मिले थे ताकि साथ मिलकर चुनाव लड़ने की बातचीत को अंतिम रूप दिया जा सके। 17 जनवरी को शरद पवार जी के घर पर एक बैठक हुई थी।

First published on: Jan 30, 2026 09:21 AM

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