संसद में बजट सत्र चल रहा है। इसी बीच आज राज्य सभा से 37 सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इस मौके पर पीएम मोदी ने सांसदों के लिए विदाई भाषण भी दिया। राज्यसभा में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सदन में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होती है और प्रत्येक सदस्य की इसमें एक अनूठी भूमिका होती है। पीएम मोदी ने जब अठावले पर बयान दिया तो संसद में खूब ठहाके भी गूंजे।
पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे क्षणों में, दलीय सीमाओं से ऊपर उठकर आपसी सम्मान की भावना उत्पन्न होती है। अपना कार्यकाल समाप्त होने के बाद सदन छोड़ रहे नेताओं से मैं कहना चाहता हूं कि राजनीति में कोई पूर्ण विराम नहीं होता।
बता दें कि डिप्टी चेयरमैन हरिवंश, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे समेत 59 सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल से जून के बीच खत्म हो रहा है। इसमें से 37 सदस्यों का कार्यकाल 18 मार्च को समाप्त हो रहा है।
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कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि राजनीति और सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोग देश की सेवा करने के जुनून के कारण न तो थकते हैं और न ही सेवानिवृत्त होते हैं। खरगे ने कहा कि इस उमर में हमको ये सर्टिफिकेट तो मत दो कि मीनिंगलेस बोलता है। नियमों को फिर से देखने की जरूरत है।
इसके अलावा पीएम मोदी ने कहा कि एच डी देवेगौड़ा, मल्लिकार्जुन खरगे, शरद पवार ऐसे वरिष्ठ नेता हैं जिन्होंने अपने जीवन का आधे से अधिक समय संसदीय कार्यों में व्यतीत किया है। नव निर्वाचित सांसदों को उनसे सीखना चाहिए।
राज्यसभा में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कभी-कभी सुनने में आता था कि सदन में हास्य और व्यंग्य के लिए बहुत अवसर हैं। आजकल शायद यह धीरे-धीरे कम हो रहा है। लेकिन हमारे अठावले जी सदाबहार हैं। अठावले जी हमें छोड़कर जा रहे हैं, लेकिन यहां किसी को भी उनकी कमी महसूस नहीं होगी। मुझे पूरा विश्वास है कि वे भरपूर मात्रा में व्यंग्य और हास्य प्रस्तुत करते रहेंगे।
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संसद में बजट सत्र चल रहा है। इसी बीच आज राज्य सभा से 37 सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इस मौके पर पीएम मोदी ने सांसदों के लिए विदाई भाषण भी दिया। राज्यसभा में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सदन में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होती है और प्रत्येक सदस्य की इसमें एक अनूठी भूमिका होती है। पीएम मोदी ने जब अठावले पर बयान दिया तो संसद में खूब ठहाके भी गूंजे।
पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे क्षणों में, दलीय सीमाओं से ऊपर उठकर आपसी सम्मान की भावना उत्पन्न होती है। अपना कार्यकाल समाप्त होने के बाद सदन छोड़ रहे नेताओं से मैं कहना चाहता हूं कि राजनीति में कोई पूर्ण विराम नहीं होता।
बता दें कि डिप्टी चेयरमैन हरिवंश, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे समेत 59 सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल से जून के बीच खत्म हो रहा है। इसमें से 37 सदस्यों का कार्यकाल 18 मार्च को समाप्त हो रहा है।
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इसके अलावा पीएम मोदी ने कहा कि एच डी देवेगौड़ा, मल्लिकार्जुन खरगे, शरद पवार ऐसे वरिष्ठ नेता हैं जिन्होंने अपने जीवन का आधे से अधिक समय संसदीय कार्यों में व्यतीत किया है। नव निर्वाचित सांसदों को उनसे सीखना चाहिए।
राज्यसभा में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कभी-कभी सुनने में आता था कि सदन में हास्य और व्यंग्य के लिए बहुत अवसर हैं। आजकल शायद यह धीरे-धीरे कम हो रहा है। लेकिन हमारे अठावले जी सदाबहार हैं। अठावले जी हमें छोड़कर जा रहे हैं, लेकिन यहां किसी को भी उनकी कमी महसूस नहीं होगी। मुझे पूरा विश्वास है कि वे भरपूर मात्रा में व्यंग्य और हास्य प्रस्तुत करते रहेंगे।
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