राजस्थान के सीकर जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है. ईरान-इजरायल युद्ध के बीच ओमान में हुए ड्रोन हमले में अगलोई गांव के रहने वाले 22 साल के युवक विक्रम वर्मा की मौत हो गई. मंगलवार को उनका शव गांव पहुंचा, जहां गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया. पूरे गांव में शोक की लहर है. जानकारी के मुताबिक, ये घटना 14 मार्च को ओमान में हुई, जब विक्रम एक कंस्ट्रक्शन साइट पर काम कर रहे थे. ड्रोन हमले की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई. विक्रम कुछ ही समय पहले जॉब की तलाश में विदेश गए थे.
कुछ दिन पहले ही परिवार से हुई थी बात
परिजनों ने बताया कि विक्रम 23 फरवरी को ओमान गए थे. वहां वो एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में सड़क बनाने का काम कर रहे थे. घटना से एक दिन पहले ही उन्होंने अपने परिवार से ग्रुप वीडियो कॉल पर बात की थी. उस दौरान उन्होंने अपनी मां, मामा, मौसी और बहन से बातचीत करते हुए बताया था कि वो ठीक हैं, समय पर खाना मिल रहा है और काम भी अच्छा चल रहा है. हालांकि उन्होंने वहां के हालात को लेकर चिंता भी जताई थी. विक्रम के पिता बनवारी लाल ने बताया कि उन्हें इस घटना की जानकारी रिश्तेदार के जरिए मिली, जो उसी कंपनी में ओमान में काम करता है. कंपनी ने ही विक्रम के शव को भारत भेजने की पूरी व्यवस्था की. मंगलवार को जब शव गांव पहुंचा तो पूरे इलाके में मातम छा गया.
परिवार की इकलौती उम्मीद था विक्रम
विक्रम अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था. परिवार में माता-पिता और तीन बहनें हैं, जिनमें से एक की शादी हो चुकी है, जबकि दो छोटी बहनें अभी पढ़ाई कर रही हैं. विक्रम विदेश जाकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारना चाहता था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. इससे पहले भी राजस्थान के नागौर जिले के एक युवक दलीप की 1 मार्च को मिसाइल हमले में मौत हो चुकी है. वो एक क्रूड ऑयल कंपनी के जहाज पर काम करता था. लगातार हो रही इन घटनाओं ने विदेशों में काम कर रहे भारतीय मजदूरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है.