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मैटरनिटी लीव पर SC का बड़ा फैसला, बच्चा गोद लेने वाली माताओं को भी है छुट्टी लेने का अधिकार

Supreme Court Maternity Leave: सुप्रीम कोर्ट ने मैटरनिटी लीव को लेकर बड़ा फैसला किया है। एक याचिका का निपटारा करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गोद लेने वाली माताओं को बड़ी राहत दी है।

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Edited By : Khushbu Goyal Updated: Mar 17, 2026 15:39
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Supreme Court News: सुप्रीम कोर्ट ने आज मैटरनिटी लीव को लेकर ऐतिहासिक और बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बच्चा गोद लेने वाली माताओं को भी पूर्ण मातृत्व अवकाश यानी 12 सप्ताह की मैटरनिटी लीव का अधिकार है, चाहे गोद लिए गए बच्चे की उम्र 3 महीने से ज्यादा की क्यों न हो। मैटरनिटी लीव देने से इनकार करना समानता के अधिकार का उल्लंघन करना है और यह मातृत्व को लेकर मानवाधिकार है।

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2020 के कानून की धारा को असंवैधानिक घोषित

जस्टिस पारदीवाला और जस्टिस महादेवन की बेंच ने फैसला सुनाया और सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 की धारा 60(4) को असंवैधानिक घोषित किया, जो गोद लेने वाली मां को 3 महीने से कम उम्र के बच्चे के मामले में ही मातृत्व लाभ देने का प्रावधान करती है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 3 महीने से अधिक उम्र के बच्चे को अपनाने वाली महिला की मातृत्व से जुड़ी जिम्मेदारियां 3 महीने से कम उम्र के बच्चे को अपनाने वाली महिला की जिम्मेदारियों जैसी ही हैं।

पितृत्व अवकाश पर नीति बनाने का निर्देश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में केंद्र सरकार से पितृत्व अवकाश को सामाजिक सुरक्षा लाभ के रूप में मान्यता देने वाला कानून लाने का भी आग्रह किया है, यानी सुप्रीम कोर्ट ने पितृत्व अवकाश पर भी नीति बनाने का निर्देश दिया है। बेंच का मानना है कि बच्चा गोद लेने वाली मां को भी बायोलॉजिकल मां को मिलने वाले अधिकार के बराबर अधिकार ही मिलने चाहिए। मां का मैटरनिटी लीव का अधिकार और बच्चे की देखभाल की जरूरत उम्र पर निर्भर नहीं करती।

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3 महीने की उम्र सीमा हटाने की वजह बताई

सुप्रीम कोर्ट ने मैटरनिटी लीव के लिए 3 महीने की उम्र सीमा को हटाने का आदेश दिया और स्पष्ट किया हि यह लिमिट मां और बच्चे के साथ भेदभाव करती है। जबकि 3 महीने से ज्यादा उम्र के बच्चे को अगर महिला गोद लेती है तो उसके साथ इमोशनल कनेक्शन बनाने के लिए समय चाहिए होता है। बच्चे की देखभाल करने के लिए भी समय की जरूरत होती है। मां तो मां होती है, चाहे उसने बच्चा पैदा किया है या गोद लिया है, दोनों मां बराबर हैं।

First published on: Mar 17, 2026 01:45 PM

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