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जीत गए वांगचुक! गृह मंत्रालय ने रद्द की सामाजिक कार्यकर्ता सोनम की हिरासत, NSA हटाने की बताई वजह

कई दिनों की सुनवाई के बाद आखिरकार सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को न्याय मिल गया है। सुप्रीम कोर्ट के सुझाव के बाद गृह मंत्रालय ने सोनम वांगचुक की हिरासत को रद्द कर दिया है। अब सोनम जल्द ही जेल से भाग आएंगे। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

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लद्दाख के सोनम वांगचुक पर बड़ा फैसला आया है। गृह मंत्रालय ने घोषणा की है कि सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सोनम वांगचुक की हिरासत को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का निर्णय लिया है। इसका मतलब है कि अब सोनम वांगचुक को तत्काल प्रभाव से रिहा किया जाएगा।

फैसले के पीछे गृह मंत्रालय ने कहा कि सरकार लद्दाख में शांति, स्थिरता और आपसी विश्वास का माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि सभी हितधारकों के साथ रचनात्मक और सार्थक बातचीत की जा सके। यह निर्णय इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए लिया गया है।

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यह भी पढ़ें: सोनम वांगचुक से क्या था खतरा? सरकार ने SC में बताई हिरासत में लेने की वजह; कल फिर

बता दें कि सोनम वांगचुक को सितंबर 2025 में लेह में लद्दाख की संवैधानिक सुरक्षा (छठी अनुसूची) और राज्य के दर्जे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़काने और भड़काऊ भाषण देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत जोधपुर जेल में रखा गया, जहां उन्होंने लद्दाख के पर्यावरण और संस्कृति को बचाने के लिए आंदोलन किया था।

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हाल ही में मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा था कि वह क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को NSA के तहत हिरासत में रखने के अपने फैसले पर फिर से विचार करें। मामले में जस्टिस अरविंद कुमार और पी बी वराले की बेंच ने वांगचुक की हेल्थ रिपोर्ट अच्छी नहीं बताई थी। कोर्ट ने एडिशनल सॉलिसिटर से इस मामले में विचार करने के लिए कहा था।

यह भी पढ़ें: कैसे ‘गांधीजी’ का जिक्र कर कपिल सिब्बल ने सोनम वांगचुक की हिरासत पर पलटी पुलिस की

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NSA यानी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून क्या है?

NSA एक निवारक हिरासत का कानून है, जिसके तहत प्रशासन किसी भी व्यक्ति को देश की सुरक्षा के लिए खतरा मानकर बिना मुकदमे के हिरासत में ले सकता है। जिला मजिस्ट्रेट या पुलिस आयुक्त इसका आदेश जारी करते हैं। इसमें चार्जशीट या ट्रायल की जरूरत नहीं होती, क्योंकि इसका उद्देश्य रोकथाम है, सजा देना नहीं।

First published on: Mar 14, 2026 11:49 AM

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About the Author

Raghav Tiwari

राघव तिवारी न्यूज24 में शिफ्ट हेड की भूमिका निभा रहे हैं। यहां टीम प्रबंधन के साथ नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम आदि की खबरें भी कवर करते हैं। इससे पहले ये अमर उजाला, नईदुनिया, नवभारत टाइम्स (NBT) और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में रिपोर्टिंग कर चुके हैं। देवभूमि उत्तराखंड, इंदौर, नोएडा, कानपुर समेत देश के विभिन्न हिस्सों में काम करने की वजह से राघव भिन्न-भिन्न कल्चर, खानपान, व्यवहार, जरूरत की समझ रखते हैं। राघव तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता एवं जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की शिक्षा पूरी की है। शिकायत और सुझाव के लिए स्वागत है- Mail ID: raghav.tiwari@bagconvergence.in Contact No. 8840671098

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Raghav Tiwari

राघव तिवारी न्यूज24 में शिफ्ट हेड की भूमिका निभा रहे हैं। यहां टीम प्रबंधन के साथ नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम आदि की खबरें भी कवर करते हैं। इससे पहले ये अमर उजाला, नईदुनिया, नवभारत टाइम्स (NBT) और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में रिपोर्टिंग कर चुके हैं। देवभूमि उत्तराखंड, इंदौर, नोएडा, कानपुर समेत देश के विभिन्न हिस्सों में काम करने की वजह से राघव भिन्न-भिन्न कल्चर, खानपान, व्यवहार, जरूरत की समझ रखते हैं। राघव तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता एवं जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की शिक्षा पूरी की है। शिकायत और सुझाव के लिए स्वागत है- Mail ID: raghav.tiwari@bagconvergence.in Contact No. 8840671098

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