'सनातन ​​को जड़ से उखाड़ फेंकना चाहिए', तमिलनाडु में नेता प्रतिपक्ष बनते ही उदयनिधि स्टालिन के बिगड़े बोल

नई सरकार गठन होने के बाद मंगलवार को तमिनाडु विधानसभा में पहला सत्र शुरू हुआ। संबोधित करते हुए उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि सनातनवाद, जिसने लोगों को विभाजित किया, उसे समाप्त किया जाना चाहिए। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

Udhayanidhi Stalin

इस समय तमिलनाडु की राजनीति चर्चा का विषय है। एक तरफ पहली बार मैदान में उतरे एक्टर विजय के सीएम बनने की, वहीं दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन की उलटी बयानबाजी। एक बार उदयनिधि के बोल बिगड़े। DMK विधायक उदयनिधि स्टालिन ने एक बार फिर सनातन धर्म के खिलाफ बयानबाजी करते हुए इसके “उन्मूलन” की मांग की है।

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नई सरकार गठन होने के बाद मंगलवार को तमिनाडु विधानसभा में पहला सत्र शुरू हुआ। संबोधित करते हुए उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि सनातनवाद, जिसने लोगों को विभाजित किया, उसे समाप्त किया जाना चाहिए। कहा कि सनातनम, जिसने लोगों को विभाजित किया, उसे जड़ से उखाड़ फेंकना चाहिए। इन टिप्पणियों की भाजपा ने तुरंत आलोचना की, प्रवक्ता सीआर केशवन ने इसे एक जहरीली बयानबाजी करार दिया।

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प्रवक्ता सीआर केशवन ने कहा कि उदयनिधि स्टालिन तमिलनाडु के राहुल गांधी हैं, जो विभाजनकारी नफरत की राजनीति फैला रहे हैं। राहुल गांधी ने पवित्र सेंगोल का मजाक उड़ाया और राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह का अपमान करते हुए उसका बहिष्कार किया। राहुल गांधी की तरह, जिन्हें पिछले तीन लोकसभा चुनावों में नकार दिया गया है, उदयनिधि स्टालिन तमिलनाडु की जनता द्वारा दंडित और निष्कासित किए जाने के बावजूद अपनी जहरीली बयानबाजी जारी रखे हुए हैं।

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बता दें कि उदयनिधि पहले भी इस तरह की टिप्पणियां कर चुके हैं, और उन्हें न केवल राजनीतिक नेताओं बल्कि अदालत से भी कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा है। इस साल 21 जनवरी को, मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै बेंच ने 20 जनवरी को तिरुचि शहर पुलिस द्वारा भाजपा नेता अमित मालवीय के खिलाफ तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन द्वारा सनातन धर्म पर की गई टिप्पणियों को कथित तौर पर “विकृत करने” के आरोप में दर्ज की गई एफआईआर को रद्द कर दिया।

जज एस श्रीमाथी ने याचिका को स्वीकार करते हुए कहा कि उदयनिधि द्वारा की गई टिप्पणियां “घृणास्पद भाषण” की श्रेणी में आती हैं। इस मुद्दे पर विस्तार से बताते हुए जज ने कहा कि मंत्री के भाषण की समग्र रूप से जांच की जानी चाहिए। जज ने टिप्पणी की। कहा कि सनातन धर्म का केवल विरोध या प्रतिरोध ही नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि उसे समाप्त या जड़ से उखाड़ फेंकना चाहिए। तमिल में प्रयुक्त अभिव्यक्ति ‘सनातन एथिरप्पु’ (सनातन का विरोध) नहीं, बल्कि ‘सनातन ओझिप्पु’ (सनातन का उन्मूलन) थी।

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लेखक के बारे में

Raghav Tiwari

Raghav Tiwari

राघव तिवारी न्यूज24 में शिफ्ट हेड की भूमिका निभा रहे हैं। यहां टीम प्रबंधन के साथ नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम आदि की खबरें भी कवर करते हैं। इससे पहले ये अमर उजाला, नईदुनिया, नवभारत टाइम्स (NBT) और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में रिपोर्टिंग कर चुके हैं। देवभूमि उत्तराखंड, इंदौर, नोएडा, कानपुर समेत देश के विभिन्न हिस्सों में काम करने की वजह से राघव भिन्न-भिन्न कल्चर, खानपान, व्यवहार, जरूरत की समझ रखते हैं। राघव तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता एवं जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की शिक्षा पूरी की है। शिकायत और सुझाव के लिए स्वागत है- Mail ID: raghav.tiwari@bagconvergence.in Contact No. 8840671098
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